जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक में आपूर्ति, मीटरिंग और उपभोक्ता शिकायतों पर गहन चर्चा हुई। डीएम ने निर्देश दिए कि जनता को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना विभाग की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से मीटर रीडिंग में पारदर्शिता लाने के लिए जियो टैग लोकेशन (Geo Tag Location) व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि मीटर रीडरों की मनमानी पर लगाम कसी जा सके।
1912 हेल्पलाइन और ब्रेकडाउन पर सख्त निर्देश
बैठक में डीएम ने विद्युत ब्रेकडाउन के प्रबंधन पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने विभाग को निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए:
- शिकायत निवारण: टोल फ्री नंबर 1912 पर मिलने वाली शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से हो और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
- ब्रेकडाउन ऑडिट: हर डिवीजन से साल के 10 सबसे लंबे ब्रेकडाउन की सूची और उनके तकनीकी कारणों का विवरण मांगा गया है।
- चेतावनी: डीएम ने दोटूक कहा कि यदि लंबे समय तक बिजली गुल रहती है और अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं देते, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु: एक नजर में
| मुद्दा | जिलाधिकारी के निर्देश/कार्रवाई |
| बिलिंग दक्षता | पौड़ी और नैनीडांडा में कम बिलिंग पर नाराजगी, सुधार के आदेश। |
| सुरक्षा | झूलते हुए बिजली के तारों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करना। |
| मुआवजा | लंबित मुआवजा मामलों की सूची 2 दिन के भीतर प्रस्तुत करना। |
| निगरानी | आउटसोर्स सब-स्टेशनों की नियमित मॉनिटरिंग और ऑडिट। |
इन क्षेत्रों में खराब प्रदर्शन पर गिरी गाज
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पौड़ी और नैनीडांडा क्षेत्रों में कम बिलिंग दक्षता (Billing Efficiency) पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने राजस्व हानि को रोकने और उपभोक्ताओं को समय पर सही बिल देने की व्यवस्था को तत्काल सुधारने को कहा।
बैठक में मौजूद अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में अधिशासी अभियंता अभिनव रावत, गोपाल सिंह रावत, सहायक अभियंता उदित पंवार सहित विद्युत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने सभी को आपसी समन्वय के साथ काम करने और जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए।
