रामनगर, 24 मार्च 2026: देवभूमि उत्तराखंड के रामनगर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खताड़ी क्षेत्र में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग चौकीदार के साथ पुलिसकर्मी द्वारा कथित तौर पर की गई बर्बरता ने पूरे इलाके में आक्रोश भर दिया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि रक्षक ही भक्षक बन गया और एक निहत्थे बुजुर्ग को बिना किसी कसूर के अस्पताल पहुँचा दिया।
घटनाक्रम: क्या हुआ उस काली रात? (Timeline of Incident)
| समय/दिनांक | घटना का विवरण |
| 22 मार्च, रात 10:30 बजे | बुजुर्ग ओमप्रकाश अपनी ड्यूटी के लिए GIC खताड़ी जा रहे थे। |
| स्थान | खताड़ी पुलिस चौकी के सामने, रामनगर। |
| आरोपी | पुलिसकर्मी अनिल कुमार (कथित तौर पर नशे की हालत में)। |
| पीड़ित | 70 वर्षीय ओमप्रकाश (सरकारी आवास निवासी एवं चौकीदार)। |
| इंजरी रिपोर्ट | कंधे में गंभीर फ्रैक्चर और शरीर पर अंदरूनी चोटें। |
1. "नमस्ते" करना पड़ा भारी: रोंगटे खड़े कर देने वाली दास्तां
वाल्मीकि मोहल्ला खताड़ी के निवासी रुपेश कुमार ने पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) सुमित पांडे को दी गई तहरीर में बताया कि उनके दादा ओमप्रकाश, जो GIC खताड़ी में चौकीदार हैं, रोजाना की तरह अपनी ड्यूटी पर जा रहे थे।
चौकी के पास से गुजरते समय उन्होंने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को शिष्टाचारवश "नमस्कार" किया। आरोप है कि वहां मौजूद सिपाही अनिल कुमार, जो नशे की हालत में था, ने बिना किसी कारण के उन्हें गालियां देना शुरू कर दिया।
"मुझे जमीन पर पटक दिया गया और जूतों से मेरे कंधे पर वार किया गया। मैं गिड़गिड़ाता रहा लेकिन उसने मुझे लात-घूंसों से तब तक पीटा जब तक मैं बेहोश नहीं हो गया।" — ओमप्रकाश (पीड़ित बुजुर्ग)
2. बीच-बचाव करने आए परिजनों को भी नहीं बख्शा
जब शोर सुनकर ओमप्रकाश के चाचा शरद कुमार उन्हें बचाने पहुँचे, तो आरोप है कि पुलिसकर्मी ने उनके साथ भी मारपीट की। गंभीर हालत में परिजन किसी तरह बुजुर्ग को घर ले गए, लेकिन दर्द असहनीय होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
3. मेडिकल रिपोर्ट: ऑपरेशन की आई नौबत
ब्रजेश अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि बुजुर्ग की स्थिति चिंताजनक है।
- एक्स-रे रिपोर्ट: जांच में साफ हुआ है कि बुजुर्ग के कंधे की हड्डी (Shoulder Bone) बुरी तरह टूट चुकी है (Fracture)।
- चिकित्सक का बयान: डॉ. अग्रवाल के अनुसार, चोट इतनी गंभीर है कि बिना ऑपरेशन के हड्डी जुड़ना संभव नहीं है। बुजुर्ग की उम्र 70 वर्ष होने के कारण यह ऑपरेशन और भी जटिल हो गया है।
4. प्रशासन की प्रतिक्रिया: सीओ ने दिए जांच के आदेश
इस मामले ने जैसे ही तूल पकड़ा, रामनगर के पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) सुमित पांडे ने तत्काल एक्शन लिया। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और तहरीर प्राप्त की।
सीओ सुमित पांडे का बयान:
"मामला हमारे संज्ञान में है। पुलिसकर्मी के विरुद्ध मिली शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाएगी। खाकी की छवि खराब करने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।"
5. समाज में आक्रोश: इंसाफ की मांग
इस घटना के बाद वाल्मीकि समाज और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि ओमप्रकाश अपने घर के एकमात्र सहारा हैं। 70 साल की उम्र में भी वह ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करते हैं, ऐसे में उनके साथ हुई यह दरिंदगी कानून के रक्षकों पर बड़ा सवालिया निशान है।
मुख्य मांगें:
- आरोपी सिपाही अनिल कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाए।
- बुजुर्ग के इलाज का पूरा खर्च पुलिस विभाग उठाए।
- घटना की समयबद्ध (Time-bound) जांच हो।
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