उत्तराखंड बजट 2026-27: मुख्यमंत्री धामी ने गैरसैंण में पेश किया 'विकसित उत्तराखंड' का रोडमैप; बुनियादी ढांचे और शिक्षा पर भारी निवेश


Aapki Media AI


गैरसैंण (भराड़ीसैंण), 09 मार्च 2026: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आज प्रदेश के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का वार्षिक बजट पेश किया। यह बजट न केवल वित्तीय आंकड़ों का लेखा-जोखा है, बल्कि आगामी दशकों में उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक सशक्त ब्लूप्रिंट भी है। मुख्यमंत्री ने सदन में 'विकसित उत्तराखंड @2047' के लक्ष्य को दोहराते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और ग्रामीण विकास के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं।

बजट पेस करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

बजट का मुख्य केंद्र: सुशासन और सशक्तिकरण

इस वर्ष का बजट राज्य की मातृशक्ति, युवा, अन्नदाता और पूर्व सैनिकों के हितों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य 'अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति' तक विकास की किरण पहुंचाना है। बजट में जहां एक ओर बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग को सबसे बड़ी धनराशि दी गई है, वहीं दूसरी ओर जल जीवन मिशन और शहरी विकास के माध्यम से आम नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का प्रयास किया गया है।

विभागवार बजट प्रावधान: विकास की नई रूपरेखा

सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट जरूरतों को देखते हुए धन का आवंटन किया है। बजट में लोक निर्माण विभाग को प्राथमिकता दी गई है ताकि चारधाम ऑल वेदर रोड और सीमांत क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाया जा सके। इसके अलावा, पेयजल विभाग को बड़ी राशि आवंटित की गई है ताकि 'हर घर नल, हर घर जल' के लक्ष्य को पूर्णता की ओर ले जाया जा सके।

उत्तराखंड बजट 2026-27: विभागवार आवंटन की विस्तृत तालिका

विभाग का नामआवंटित बजट (करोड़ ₹ में)मुख्य प्राथमिकताएं
लोक निर्माण विभाग (PWD)2501.91सड़क निर्माण, पुलों का सुदृढ़ीकरण और कनेक्टिविटी।
पेयजल विभाग1827.91जल जीवन मिशन और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं।
ग्रामीण विकास विभाग1642.20ग्रामीण स्वरोजगार, मनरेगा और बुनियादी सुविधाएं।
ऊर्जा विभाग1609.43सौर ऊर्जा, पनबिजली परियोजनाएं और निर्बाध बिजली।
शहरी विकास विभाग1401.85स्मार्ट सिटी मिशन और नगर निकायों का सुदृढ़ीकरण।
माध्यमिक शिक्षा विभाग542.84विद्यालयों का आधुनिकीकरण और छात्र सुविधाएं।
आवास विभाग291.00शहरी आवास योजनाएं और नियोजित शहर विकास।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण195.46स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और कैथ लैब स्थापना।
उच्च शिक्षा विभाग146.30शोध, नवाचार और कॉलेजों में डिजिटल लाइब्रेरी।
तकनीकी शिक्षा विभाग98.50AI, रोबोटिक्स और कौशल विकास प्रशिक्षण।
खेल विभाग69.94खेल स्टेडियम और खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन निधि।

शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष निवेश

सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए माध्यमिक, उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिए संयुक्त रूप से लगभग 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। तकनीकी शिक्षा के अंतर्गत पॉलिटेक्निक संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी आधुनिक तकनीकों के प्रशिक्षण के लिए विशेष लैब बनाई जाएंगी। उच्च शिक्षा में छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए प्लेसमेंट गतिविधियों और सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग पर जोर दिया गया है।

अवस्थापना और ग्रामीण आर्थिकी का सुदृढ़ीकरण

लोक निर्माण विभाग को 2500 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन यह दर्शाता है कि राज्य सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को लेकर गंभीर है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दूरस्थ गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए 'मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना' को और गति दी जाएगी। इसके साथ ही, ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।

बजट 2026-27 की 10 सबसे महत्वपूर्ण घोषणाएं

  • लोक निर्माण विभाग के लिए ₹2501.91 करोड़ के प्रावधान के साथ कनेक्टिविटी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
  • पेयजल विभाग के लिए ₹1827.91 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिससे जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी आएगी।
  • ऊर्जा विभाग को ₹1609.43 करोड़ मिले हैं, जिसका बड़ा हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) पर खर्च होगा।
  • ग्रामीण विकास के लिए ₹1642.20 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पलायन रोकने में सहायक होगा।
  • माध्यमिक शिक्षा के लिए ₹542.84 करोड़ से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल लैब का विस्तार होगा।
  • शहरी विकास विभाग को ₹1401.85 करोड़ दिए गए हैं, जिससे कूड़ा प्रबंधन और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को बल मिलेगा।
  • आवास विभाग के बजट (₹291 करोड़) से ईडब्ल्यूएस आवासों और शहरी नियोजित विकास को गति मिलेगी।
  • चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग को ₹195.46 करोड़ दिए गए हैं, जिससे सीमांत क्षेत्रों में टेली-मेडिसिन और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।
  • तकनीकी शिक्षा (₹98.50 करोड़) के माध्यम से राज्य के युवाओं को भविष्य की तकनीक जैसे रोबोटिक्स और कोडिंग सिखाई जाएगी।
  • खेल विभाग के ₹69.94 करोड़ के बजट से आगामी राष्ट्रीय खेलों की तैयारी और नई खेल प्रतिभाओं को निखारने में मदद मिलेगी।

विकसित उत्तराखंड की ओर एक ठोस कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पेश किया गया यह बजट उत्तराखंड की बदलती आकांक्षाओं का प्रतीक है। बजट में पूंजीगत व्यय पर ध्यान केंद्रित करना यह स्पष्ट करता है कि सरकार केवल अल्पकालिक राहत नहीं, बल्कि दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण (Asset Creation) पर ध्यान दे रही है। संतुलित क्षेत्रीय विकास और आधुनिक तकनीक के समावेश के साथ, यह बजट निश्चित रूप से देवभूमि उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने की क्षमता रखता है।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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