बढ़ती महंगाई के विरोध में देहरादून की सड़कों पर आज एक अलग ही नजारा देखने को मिला। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने सड़क पर चूल्हा जलाया और सब्जी-रोटी बनाकर अपना विरोध दर्ज किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है और अब लकड़ी के चूल्हे पर लौटने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है।
सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम जनता बेहाल: ज्योति रौतेला
मीडिया से मुखातिब होते हुए ज्योति रौतेला ने कहा कि हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडर में 65 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर में करीब 150 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा:
"पिछले 12 साल से केंद्र और 9 साल से प्रदेश में भाजपा की सरकार है, लेकिन महंगाई पर कोई लगाम नहीं है। लोगों की आय नहीं बढ़ रही, लेकिन खर्च दोगुने हो गए हैं। आम परिवारों का बजट पूरी तरह चरमरा गया है।"
महंगाई पर संग्राम: पक्ष और विपक्ष के तर्क
| पक्ष | महिला कांग्रेस का आरोप | भाजपा का पलटवार |
| मुद्दा | गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी वृद्धि। | गरीबों को मुफ्त राशन और गैस की सुविधा। |
| बजट | घरेलू बजट बिगड़ने से महिलाओं में आक्रोश। | केंद्र का पैसा अब सीधे लाभार्थी के घर पहुंचता है। |
| इतिहास | 12 वर्षों में महंगाई अनियंत्रित हुई। | कांग्रेस काल में भ्रष्टाचार की वजह से जनता त्रस्त थी। |
| समाधान | कीमतों को तत्काल कम करने की मांग। | जनहित की योजनाओं के माध्यम से राहत जारी। |
भाजपा का पलटवार: "गांधी परिवार के बयानों को याद करे कांग्रेस"
महिला कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर भाजपा ने तीखा तंज कसा है। भाजपा प्रवक्ता हनी पाठक ने कहा कि कांग्रेस को महंगाई पर बोलने से पहले अपने दौर के भ्रष्टाचार को याद करना चाहिए।
- भ्रष्टाचार पर वार: हनी पाठक ने कहा, "गांधी परिवार के ही एक नेता ने कहा था कि केंद्र से 1 रुपया चलता है तो राज्य में केवल 15 पैसा पहुंचता है। आज भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार खत्म हुआ है और पूरा लाभ जनता को मिल रहा है।"
- मुफ्त योजनाओं का हवाला: उन्होंने आगे कहा कि आज भाजपा सरकार घर-घर गैस सिलेंडर पहुंचा रही है और करोड़ों गरीबों को मुफ्त राशन और सिलेंडर देकर सशक्त बना रही है।
आगामी चुनाव से पहले बढ़ी सियासी तपिश
देहरादून में हुआ यह प्रदर्शन केवल महंगाई का विरोध नहीं है, बल्कि आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने की एक कोशिश भी है। जहाँ कांग्रेस मध्यम वर्ग और महिलाओं के गुस्से को भुनाने में जुटी है, वहीं भाजपा अपनी लाभार्थी योजनाओं के दम पर बचाव कर रही है।
