- GSDP में उछाल: वर्ष 2021-22 में राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) ₹2.54 लाख करोड़ थी, जो 2024-25 में बढ़कर ₹3,81,889 करोड़ हो गई है। यह डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि है।
- प्रति व्यक्ति आय: प्रदेशवासियों की औसत आय में भी भारी इजाफा हुआ है। यह ₹1,94,670 से बढ़कर अब ₹2,73,921 हो गई है।
- विकास दर (Growth Rate): इस वर्ष राज्य की ग्रोथ रेट 7.23% रही है।
प्रमुख आर्थिक एवं सामाजिक संकेतक
| सूचकांक (Index) | वर्ष 2021-22 | वर्ष 2024-25 | प्रगति/बदलाव |
| बहुआयामी गरीबी (MPI) | 9.7% | 6.92% | गरीबी में कमी |
| श्रम बल भागीदारी (LFPR) | 60.1% | 64.4% | 4.3% रोजगार वृद्धि |
| स्टार्टअप की संख्या | 702 | 1,750 | भारी बढ़त |
| शिशु मृत्यु दर (IMR) | 22 | 20 | स्वास्थ्य में सुधार |
| मातृ मृत्यु दर (MMR) | 103 | 91 | बेहतर चिकित्सा |
उद्योग, स्टार्टअप और कनेक्टिविटी में विस्तार
राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर रोजगार का बड़ा जरिया बना है।
- MSME: उद्योगों की संख्या 59,798 से बढ़कर 79,394 हुई, जिससे लगभग 4.56 लाख लोगों को रोजगार मिला।
- स्टार्टअप: 2017 तक शून्य रहने वाले स्टार्टअप अब बढ़कर 1,750 हो गए हैं।
- हेली-सेवाएं: राज्य में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करते हुए हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़ाकर 118 कर दी गई है।
शिक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति
- शिक्षा: डिग्री कॉलेजों की संख्या 124 से बढ़कर 139 हुई। वहीं, इंजीनियरिंग कॉलेजों में रिकॉर्ड बढ़त दर्ज की गई, जो 20 से बढ़कर 52 हो गए हैं।
- विद्युत उत्पादन: कुल विद्युत उत्पादन 5,157 MU से बढ़कर 16,500 MU पहुँच गया है।
- सौर ऊर्जा: सौर ऊर्जा उत्पादन में दोगुने से ज्यादा की बढ़त हुई है (439 MW से 1027 MW)।
पर्यटन और कृषि: स्वरोजगार की रीढ़
उत्तराखंड ने पर्यटन के क्षेत्र में होमस्टे और होटलों के जरिए स्थानीय आर्थिकी को मजबूत किया है।
- होटल एवं होमस्टे: होटलों की संख्या 10,509 और होमस्टे की संख्या 6,161 पहुँच गई है।
- कृषि विविधता: सुगंधित पौधों (Medicinal & Aromatic Plants) के उत्पादन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आया है, जो 900 हेक्टेयर से बढ़कर 10,000 हेक्टेयर पहुँच गया है।
- नीली और श्वेत क्रांति: मत्स्य उत्पादन 10,487 टन और दुग्ध उत्पादन 54.59 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है।
SDG इंडेक्स में उत्तराखंड शीर्ष पर
सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि सतत विकास लक्ष्यों (SDG Index) में उत्तराखंड वर्ष 2023-24 में देश में प्रथम स्थान पर रहा है। आगामी वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की GSDP 8.2% अनुमानित है।
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