उत्तराखंड में नर्सिंग भर्ती पर आर-पार: प्रोफेशनल नर्सेस संगठन की मांग— 'लिखित परीक्षा से ही हो चयन, पारदर्शिता से न हो समझौता'

देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उत्तराखंड प्रोफेशनल नर्सेस संगठन के पदाधिकारियों ने प्रदेश की नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया है। संगठन का कहना है कि भर्ती की चयन प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिसमें किसी भी योग्य उम्मीदवार के साथ अन्याय न हो।

कोषाध्यक्ष सिवनी सेमवाल ने उठाई आवाज

संगठन की कोषाध्यक्ष सिवनी सेमवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को अपने पुराने वादों पर अडिग रहना चाहिए।

  • पुराना निर्णय: उन्होंने याद दिलाया कि सरकार ने पूर्व में नर्सिंग भर्ती को लिखित परीक्षा के माध्यम से ही कराने का आश्वासन दिया था।
  • समान अवसर: सेमवाल का तर्क है कि लिखित परीक्षा ही वह एकमात्र पारदर्शी माध्यम है, जिसमें सभी अभ्यर्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर (Equal Opportunity) मिलता है।
  • योग्यता को वरीयता: संगठन का मानना है कि लिखित परीक्षा से काबिल और योग्य उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित होता है, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

नर्सिंग भर्ती विवाद: मुख्य बिंदु

मांगसंगठन का तर्क
चयन प्रक्रियाकेवल लिखित परीक्षा के आधार पर हो (वरियता/सीनियरिटी के आधार पर नहीं)।
पारदर्शितापरीक्षा के माध्यम से ही धांधली और पक्षपात की संभावना खत्म होगी।
सरकार का रुखसंगठन ने सरकार को पुराने वादे पर कायम रहने की चेतावनी दी है।
भविष्य की रणनीतिमांग न पूरी होने पर संगठन बड़े आंदोलन की तैयारी में है।

भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता की मांग

संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने भी स्वर में स्वर मिलाते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का बदलाव या शॉर्टकट युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिखित परीक्षा से चयन होने पर स्वास्थ्य विभाग को कुशल मैनपावर मिलेगी, जो सीधे तौर पर मरीजों की देखभाल और अस्पतालों के बेहतर प्रबंधन में सहायक होगी।

सरकार के फैसले पर टिकी नजरें

उत्तराखंड प्रोफेशनल नर्सेस संगठन की इस प्रेस वार्ता के बाद अब सबकी निगाहें शासन और स्वास्थ्य विभाग के आगामी रुख पर टिकी हैं। क्या सरकार युवाओं की मांग को स्वीकार कर लिखित परीक्षा का रास्ता अपनाती है या पूर्व की भांति किसी अन्य प्रक्रिया (जैसे वर्षवार मेरिट) को प्राथमिकता देती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

Previous Post Next Post

Contact Form