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STF का बड़ा धमाका: इन्वेस्टमेंट के नाम पर ₹1.31 करोड़ की ठगी करने वाले 'नेशनल गैंग' का पर्दाफाश; महाराष्ट्र से 3 शातिर ठग गिरफ्तार!

देहरादून, 26 मार्च 2026: उत्तराखंड एसटीएफ (STF) और साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने निवेश (Investment) के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल) निवासी एक व्यक्ति से 1 करोड़ 31 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले इस गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को महाराष्ट्र के ठाणे और पालघर से गिरफ्तार किया गया है।


डीजीपी उत्तराखंड दीपम सेठ और आईजी साइबर निलेश आनन्द भरणे के कुशल निर्देशन में एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह की टीम ने इस जटिल केस को सुलझाने में सफलता हासिल की है।

साइबर ठगी केस: मुख्य विवरण (Crime Profile)

विवरण (Description)जानकारी (Details)
ठगी की कुल धनराशि₹ 1,31,00,000 (1.31 करोड़)
मुकदमा संख्या62/2025 (साइबर पुलिस स्टेशन, देहरादून)
धाराएं318(4), 61(2) BNS एवं 66(D) IT ACT
गिरफ्तार अभियुक्तों का मूल स्थानठाणे और पालघर (महाराष्ट्र)
प्रमुख जांच अधिकारीनिरीक्षक अनिल कुमार, गढ़वाल परिक्षेत्र

1. ठगी का तरीका: अधिक लाभ का लालच (Modus Operandi)

साइबर ठगों ने पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए 'इन्वेस्टमेंट स्कैम' का सहारा लिया।

  • झांसा: अज्ञात ठगों ने पीड़ित को स्टॉक मार्केट या अन्य निवेश माध्यमों में पैसा लगाकर कम समय में भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया।
  • भरोसा जीतना: शुरुआत में छोटे निवेश पर कुछ लाभ दिखाकर पीड़ित का भरोसा जीता गया।
  • धोखाधड़ी: इसके बाद पीड़ित से विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹1.31 करोड़ जमा करवा लिए गए और बाद में संपर्क तोड़ दिया गया।

2. कौन हैं गिरफ्तार आरोपी? (Accused Profile)

एसटीएफ ने तकनीकी विश्लेषण (ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और बैंक ट्रांजेक्शन) के आधार पर महाराष्ट्र के तीन ठगों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया:

  • प्रतीक उत्तम बाफना (32 वर्ष): निवासी ठाणे, महाराष्ट्र।
  • आशिष कुमार (27 वर्ष): निवासी ठाणे, महाराष्ट्र।
  • मोहम्मद श्रीम उर्फ नासिर (31 वर्ष): निवासी पालघर, महाराष्ट्र।

3. एसटीएफ की जांच और तकनीकी विश्लेषण

सहायक पुलिस अधीक्षक कुश मिश्रा के पर्यवेक्षण में विवेचक अनिल कुमार ने ठगी की रकम जिन खातों में ट्रांसफर हुई थी, उनकी कुंडली खंगाली। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों और फर्जी ईमेल आईडी के तकनीकी विश्लेषण से महाराष्ट्र के इस लिंक का खुलासा हुआ। आरोपियों को विधिक कार्यवाही के बाद माननीय न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

4. SSP अजय सिंह की जनता से महत्वपूर्ण अपील 

साइबर ठगी से बचने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कुछ कड़े सुझाव दिए हैं:

  • डिजिटल अरेस्ट से न डरें: कोई भी सरकारी एजेंसी (CBI, ED, Police) वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती। यह केवल डराने का तरीका है।
  • फर्जी निवेश से बचें: 'YouTube Like-Subscribe' या 'Telegram' आधारित निवेश योजनाओं के चक्कर में न आएं।
  • गूगल सर्च पर भरोसा न करें: किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर सीधे गूगल से न उठाएं, आधिकारिक वेबसाइट का प्रयोग करें।
  • इनाम का लालच: स्कैमर्स पहले छोटे इनाम देकर आपको जाल में फंसाते हैं।

5. साइबर अपराध होने पर क्या करें?

यदि आपके साथ कोई वित्तीय साइबर अपराध घटित होता है, तो बिना समय गंवाए निम्नलिखित कदम उठाएं:

  • तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।
  • आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।
  • निकटतम साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

एसटीएफ की यह कार्रवाई दर्शाती है कि अपराधी चाहे सात समंदर पार हों या दूसरे राज्य में, उत्तराखंड पुलिस के हाथ उन तक जरूर पहुँचेंगे। जनता को जरूरत है तो बस थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता की।

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