ऋषिकेश, 09 अप्रैल 2026: विश्व स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में एम्स ऋषिकेश द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रमों का बुधवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। समापन समारोह के अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC) रायवाला में एक विशेष जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका मुख्य विषय 'वन हेल्थ' (One Health) रहा। संस्थान के विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक समाज का प्रत्येक व्यक्ति स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं होगा और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक 'वन हेल्थ' की अवधारणा को पूर्ण रूप से धरातल पर नहीं उतारा जा सकता।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने मानव, पशु और पर्यावरण के आपसी संबंधों और उनके एकीकृत स्वास्थ्य के महत्व को समझाया। वक्ताओं का मानना था कि भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए इन तीनों घटकों का स्वस्थ होना अनिवार्य है।
विश्व स्वास्थ्य दिवस कार्यक्रम: मुख्य बिंदु और पुरस्कार
| कार्यक्रम का विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
आयोजक संस्थान | एम्स ऋषिकेश (काॅम्युनिटी मेडिसिन विभाग) |
मुख्य विषय (Theme) | वन हेल्थ: सामुदायिक सहभागिता की अनिवार्यता |
स्थान | प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, रायवाला |
विशिष्ट अतिथि | डॉ. सुनीला गर्ग (नेशनल एकेडमी आॅफ मेडिकल साईंस, दिल्ली) |
प्रतियोगिता विजेता | डॉ. गुरप्रीत एवं डॉ. गुंजन (न्यूट्रिशन कॉर्नर इवेंट) |
सम्मानित कर्मी | अंजलि लिंगवाल (ANM), अनिता भट्ट (आशा), महिपाल सिंह (सुरक्षा कर्मी) |
वन हेल्थ मिशन: मानव, पशु और पर्यावरण का एकीकरण
काॅम्युनिटी मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सैना ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि प्राथमिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना और समुदाय की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना एम्स की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि 'वन हेल्थ' केवल एक नारा नहीं है, बल्कि एक रणनीति है जिसके तहत हमारे विशेषज्ञ चिकित्सक मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ पशुओं और पर्यावरण के स्वास्थ्य को एकीकृत करने पर कार्य कर रहे हैं।
प्रो. सक्सैना ने आगे कहा कि आज के दौर में होने वाली अधिकांश बीमारियां पशुओं या असंतुलित पर्यावरण से मानव शरीर में प्रवेश कर रही हैं, ऐसे में एक समग्र दृष्टिकोण (Holistic Approach) अपनाना समय की मांग है। इसके लिए विशेषज्ञों द्वारा विशेष रणनीतियां तैयार की जा रही हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों तक इस मिशन का लाभ पहुँचाया जा सके।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि डॉ. सुनीला गर्ग ने सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage) की मजबूती पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 'आयुष्मान आरोग्य मंदिरों' के माध्यम से व्यापक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की जा रही है। डॉ. गर्ग ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को वन हेल्थ की सफलता के लिए आधारभूत स्तंभ बताया। उन्होंने युवाओं और मेडिकल छात्रों से अपील की कि वे स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटल और जमीनी एकीकरण में अपना योगदान दें।
प्रतियोगिताएं और प्रतिभा का सम्मान
विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एमडी रेजिडेंट्स एवं एमपीएच (MPH) विद्यार्थियों के बीच 'डेमोंस्ट्रेशन कॉर्नर' प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों के भीतर जन स्वास्थ्य संचार कौशल को विकसित करना था। प्रतियोगिता में डॉ. गुरप्रीत एवं डॉ. गुंजन द्वारा तैयार किए गए “न्यूट्रिशन कॉर्नर” को उसकी नवीनता और स्पष्ट संदेश के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।
इसके साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया। एएनएम अंजलि लिंगवाल, आशा कार्यकत्री अनिता भट्ट और सुरक्षा कर्मी महिपाल सिंह को उनकी कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। संस्थान का मानना है कि इन कार्यकर्ताओं की मेहनत ही स्वास्थ्य मिशनों को सफल बनाती है।
विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र के कई दिग्गज मौजूद रहे, जिन्होंने अपने अनुभवों से छात्रों और जनता का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर डॉ. सुरेखा किशोर, डॉ. रंजीता कुमारी, डॉ. प्रदीप अग्रवाल, डॉ. स्मिता सिन्हा, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. मीनाक्षी खापरे, डॉ. महेंद्र सिंह और डॉ. अजीत एस. भदौरिया सहित विभाग के सीनियर रेजिडेंट्स (SR) और जूनियर रेजिडेंट्स (JR) उपस्थित रहे। सभी विशेषज्ञों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे 'वन हेल्थ' मिशन को साकार करने के लिए निरंतर शोध और सामुदायिक सेवा जारी रखेंगे।
क्या है 'वन हेल्थ' की अवधारणा?
'वन हेल्थ' एक ऐसा एकीकृत दृष्टिकोण है जो यह मानता है कि लोगों का स्वास्थ्य, जानवरों के स्वास्थ्य और हमारे साझा पर्यावरण के स्वास्थ्य से गहराई से जुड़ा हुआ है।
मानव स्वास्थ्य: बीमारियों का त्वरित उपचार और टीकाकरण।
पशु स्वास्थ्य: जूनोटिक बीमारियों (जानवरों से इंसानों में फैलने वाली) का नियंत्रण।
पर्यावरण: स्वच्छ वायु, जल और मृदा का संरक्षण ताकि पारिस्थितिक तंत्र सुरक्षित रहे।
एम्स ऋषिकेश द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल जागरूकता फैलाने में सफल रहा, बल्कि इसने भविष्य के डॉक्टरों को समुदाय से जुड़ने का एक मंच भी प्रदान किया। 'वन हेल्थ' की सफलता के लिए सामुदायिक सहभागिता ही वह सेतु है जो सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का निर्माण करेगी।
