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अंकिता भंडारी हत्याकांड: जंतर-मंतर पर गूंजी न्याय की आवाज, भाजपा विधायक रेणु बिष्ट को जांच के दायरे में लेने की मांग


Aapki Media AI


नई दिल्ली। अंकिता भंडारी मर्डर केस में न्याय की धीमी रफ्तार और 'वीआईपी' चेहरे को उजागर करने की मांग अब देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है। रविवार को जंतर-मंतर पर अंकिता भंडारी न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और उत्तराखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आंदोलनकारियों का स्पष्ट आरोप है कि घटना के तीन साल बाद भी असली 'वीआईपी' अपराधी कानून की पहुंच से बाहर हैं।

अंकिता भंडारी हत्याकांड: जंतर-मंतर पर गूंजी न्याय की हुंकार


राजनीतिक मुद्दा बनी सीबीआई जांच में देरी

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सीबीआई जांच की घोषणा में हुई देरी ने इस मामले को एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। आंदोलनकारी कमला पंत ने कहा कि हत्याकांड को तीन वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन न्याय अब भी अधूरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पूर्व विधायक की पत्नी उर्मिला राठौर द्वारा लिए गए नामों—दुष्यंत गौतम और अजय कुमार (भाजपा पदाधिकारी)—से सीबीआई ने अब तक पूछताछ क्यों नहीं की?

निर्मला बिष्ट ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार 'नारी शक्ति वंदन' का नारा देती है, वहीं दूसरी तरफ महिलाओं के शोषण के आरोपों में घिरे पदाधिकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

जांच के घेरे में विधायक और बुलडोजर कार्रवाई

आंदोलनकारियों ने मांग की कि साक्ष्यों को नष्ट करने और जांच को प्रभावित करने वाले सभी पहलुओं की पड़ताल हो। इस दौरान विशेष रूप से भाजपा विधायक रेणु बिष्ट का नाम प्रमुखता से उठा।

प्रमुख मांगें (Key Demands)विवरण (Details)
सीबीआई जांच की निगरानीसुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में हो।
वीआईपी की गिरफ्तारी'वीआईपी' के रूप में चर्चित नामों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
विधायकों की भूमिकाविधायक रेणु बिष्ट और उमेश कुमार को जांच के दायरे में लाया जाए।
साक्ष्य मिटाने की जांचरिसॉर्ट पर समय से पहले बुलडोजर चलाने वालों पर कार्रवाई हो।

ब्रिगेडियर (रि.) सर्वेश डंगवाल और इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि वनंतरा रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाने के लिए सोशल मीडिया अभियान चलाने वाले और उस दौरान मौके पर मौजूद विधायक रेणु बिष्ट से कड़ी पूछताछ होनी चाहिए, क्योंकि इस कार्रवाई से कई महत्वपूर्ण सबूत नष्ट होने की आशंका है।

अंकिता भंडारी सीबीआई जांच से जुड़ी मुख्य बातें

सितंबर 2022 में पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली अंकिता भंडारी (वनंतरा रिजॉर्ट रिसेप्शनिस्ट) की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस मामले की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:

  1. जांच का नया मोड़: भारी जन आक्रोश और एक कथित ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद, 9 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आधिकारिक तौर पर सीबीआई जांच की घोषणा की थी। फरवरी 2026 में सीबीआई ने पुलिस से केस टेकओवर करते हुए एफआईआर दर्ज की है।
वर्तमान में इस केस में मुख्य आरोपी पुलकित आर्य (भाजपा नेता विनोद आर्य का पुत्र) समेत तीन आरोपी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं, लेकिन आंदोलनकारियों का मानना है कि उस "वीआईपी मेहमान" का नाम सामने आना अभी बाकी है, जिसके लिए अंकिता पर दबाव बनाया गया था। जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन में चारू तिवारी, गरिमा दसौनी, प्रकाश थपलियाल और दिल्ली-NCR के सैकड़ों प्रवासियों ने भाग लेकर न्याय की हुंकार भरी।



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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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