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हरिद्वार, 26 अप्रैल। तीर्थ नगरी हरिद्वार की मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाले और सार्वजनिक स्थानों पर अश्लीलता फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत नगर कोतवाली पुलिस ने रविवार को बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रेलवे स्टेशन और शिवमूर्ति चौक के आसपास से ऐसी पांच महिलाओं को हिरासत में लिया है, जो राहगीरों को गंदे इशारे कर अपनी ओर आकर्षित कर रही थीं।
क्या है पूरा मामला?
नगर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले व्यस्ततम इलाके शिवमूर्ति चौक और रेलवे स्टेशन गेट के पास पिछले कुछ समय से अनैतिक गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ महिलाएं यहाँ आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को अभद्र इशारे करती हैं। रविवार को जब पुलिस टीम गश्त पर थी, तब उन्होंने देखा कि दो पक्षों की महिलाओं के बीच गाली-गलौच और मारपीट हो रही है।जब पुलिस ने हस्तक्षेप किया और मामले की गहनता से जांच की, तो विवाद की चौंकाने वाली वजह सामने आई। दरअसल, ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने और आपस में वर्चस्व को लेकर इन महिलाओं के बीच विवाद शुरू हुआ था, जो सार्वजनिक रूप से हंगामे में बदल गया।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस टीम
पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पांचों महिलाओं को तुरंत हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार, इन महिलाओं की पहचान और गतिविधियों की पुष्टि होने के बाद इनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की गई है।| विवरण (Details) | जानकारी (Information) |
| कार्रवाई का नाम | ऑपरेशन प्रहार (Operation Prahar) |
| गिरफ्तारी का स्थान | शिवमूर्ति चौक एवं रेलवे स्टेशन गेट, हरिद्वार |
| धाराएं (Sections) | 170 / 126 / 135 बीएनएसएस (BNSS) |
| हिरासत में ली गई संख्या | 05 महिलाएं |
| नेतृत्व | प्रभारी निरीक्षक, नगर कोतवाली |
एसएसपी हरिद्वार के निर्देशों पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' का मुख्य उद्देश्य शहर में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाना और तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है। नगर कोतवाली प्रभारी के नेतृत्व में इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित पुलिसकर्मी शामिल रहे:
- पुलिस टीम के सदस्य: उपनिरीक्षक (SI) ऋषिकांत पटवाल, एसआई अनीता शर्मा, हेड कांस्टेबल शारदा राठी, कांस्टेबल मुन्नी राणा और कांस्टेबल अर्जुन सिंह।
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