बागेश्वर में 'ऑपरेशन प्रहार': 1.5 लाख की स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार; एसपी जितेंद्र मेहरा के निर्देश पर SOG की बड़ी स्ट्राइक

बागेश्वर, 06 अप्रैल 2026: देवभूमि उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने के संकल्प के साथ बागेश्वर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के अंतर्गत बागेश्वर पुलिस ने एक शातिर स्मैक तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

 

 पुलिस अधीक्षक (SP) बागेश्वर, जितेंद्र मेहरा (IPS) द्वारा जनपद के सभी थाना प्रभारियों को नशे के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे, जिसके सुखद परिणाम सामने आने लगे हैं।

गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण (Case Summary)

मुख्य विवरणपुलिस कार्यवाही के तथ्य (Key Facts)
अभियुक्त का नामहर्षित टम्टा (निवासी: घटबगढ़ वार्ड, कोतवाली बागेश्वर)
बरामद नशीला पदार्थ4.54 ग्राम अवैध स्मैक (हेरोइन)
बरामद माल की कीमतलगभग ₹1,50,000 (डेढ़ लाख रुपये)
गिरफ्तार करने वाली टीमएसओजी (SOG) एवं स्थानीय पुलिस
दर्ज मुकदमाFIR No- 21/26 (धारा 8/21 NDPS एक्ट)
वर्तमान स्थितिअभियुक्त को न्यायालय में पेशी के बाद अल्मोड़ा जेल भेजा गया।

SOG की पैनी नजर: चैकिंग के दौरान दबोचा गया तस्कर

  • सघन चैकिंग अभियान: जनपद में मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए एसओजी टीम लगातार संदिग्ध इलाकों में गश्त और चैकिंग कर रही थी। इसी दौरान घटबगढ़ वार्ड निवासी हर्षित टम्टा की गतिविधियों पर पुलिस को शक हुआ।
  • तलाशी में मिला जहर: जब टीम ने अभियुक्त की तलाशी ली, तो उसके कब्जे से 4.54 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में पता चला कि वह इस नशे को स्थानीय युवाओं के बीच खपाने की फिराक में था।
  • कठोर वैधानिक कार्यवाही: पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए कोतवाली बागेश्वर में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। अपराधी को रिमांड पर लेकर अब पुलिस उसके 'सप्लाई नेटवर्क' को खंगालने में जुट गई है।

क्या बोले पुलिस उपाधीक्षक? (Official Statement)

मामले की जानकारी देते हुए अजय लाल साह (पुलिस उपाधीक्षक) ने बताया:

"ऑपरेशन प्रहार के तहत एसपी महोदय के निर्देशों पर नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। इसी क्रम में एसओजी ने 4.54 ग्राम स्मैक के साथ हर्षित टम्टा को गिरफ्तार किया है। बरामद माल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये है। नशे का यह काला कारोबार करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।"

सुरक्षित और नशा मुक्त बागेश्वर

बागेश्वर पुलिस की इस तत्परता ने न केवल नशे के एक सौदागर को सलाखों के पीछे पहुँचाया है, बल्कि उन अभिभावकों को भी राहत दी है जो अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। "ऑपरेशन प्रहार" की यह सफलता बागेश्वर की शांति और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

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