Uttarakhand Chardham Yatra 2026: मुख्य सचिव ने कसी कमर; चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर सचिवालय में हुई हाई-लेवल बैठक

देहरादून, 09 अप्रैल 2026: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। बुधवार को सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें चारधाम यात्रा 2026 की वर्तमान तैयारियों की समीक्षा की गई। इस बैठक में पुलिस, लोक निर्माण विभाग (लोनिवि), स्वास्थ्य, पर्यटन और आपदा प्रबंधन सहित सभी संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी और जिलाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Uttarakhand Chardham Yatra 2026: मुख्य सचिव ने कसी कमर

प्रदेश की आर्थिक और धार्मिक महत्ता को देखते हुए इस वर्ष यात्रा मार्ग पर आधुनिक तकनीकों का समावेश किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने कहा कि इस बार की यात्रा न केवल आध्यात्मिक होगी बल्कि यात्रियों के लिए तकनीक आधारित सुविधाओं से भी लैस होगी ताकि उन्हें मौसम, सड़क और भीड़ की सटीक जानकारी समय पर मिल सके। प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को उत्तराखंड की 'अतिथि देवो भवः' की परंपरा का सुखद अनुभव हो।

चारधाम यात्रा 2026: विभागवार प्रमुख जिम्मेदारियां और लक्ष्य

विभाग का नामप्रमुख जिम्मेदारी (Key Responsibility)विशेष निर्देश (Special Orders)
पुलिस विभागयातायात प्रबंधन एवं सुरक्षाजाम वाले स्थलों पर अतिरिक्त बल और 'होल्डिंग एरिया' का निर्माण।
स्वास्थ्य विभागचिकित्सा सुविधा एवं स्क्रीनिंग60+ आयु के यात्रियों की अनिवार्य जांच और 15-दिवसीय डॉक्टर रोटेशन।
लोनिवि / BROसड़क मरम्मत एवं रखरखावयात्रा शुरू होने से पहले डेंजर जोन और गड्ढों का डामरीकरण।
पर्यटन विभागनागरिक सुविधाएं एवं साइनबोर्डशौचालय, पेयजल केंद्र और मार्ग में स्पष्ट दिशा-सूचक बोर्ड लगाना।
नागरिक उड्डयनहैली सेवा एवं बुकिंगशटल सेवा की SOP जारी करना और ऑनलाइन टिकटों की पारदर्शिता।
विद्युत विभागनिर्बाध बिजली आपूर्तिबद्रीनाथ में लो-वोल्टेज समाधान और केदारनाथ में वैकल्पिक जनरेटर।
परिवहन विभागवाहन फिटनेस एवं ट्रिप कार्डग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड समय पर जारी करना सुनिश्चित करना।

यातायात प्रबंधन और लैंडस्लाइड जोन के लिए विशेष रणनीति

चारधाम यात्रा के दौरान सबसे बड़ी चुनौती यातायात प्रबंधन और पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाला अचानक भूस्खलन है। मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को कड़े निर्देश दिए हैं कि उन सभी स्थलों को तत्काल चिह्नित किया जाए जहाँ अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या होती है। विशेष रूप से स्लाईडिंग जोन यानी भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने को कहा गया है। मुख्य सचिव ने सुझाव दिया कि यदि लैंड स्लाइडिंग या अन्य कारणों से मार्ग बाधित होता है, तो यात्रियों को सड़क पर असुरक्षित खड़े रहने के बजाय 'होल्डिंग एरिया' में रोका जाए। इन होल्डिंग क्षेत्रों में यात्रियों के लिए भोजन, पानी और ठहरने की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित जिलाधिकारियों को सौंपी गई है।

यात्रा के दौरान सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए इस बार वॉकी-टॉकी और एसएमएस के साथ-साथ वॉट्सएप का भी बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों पर मौसम और मार्ग की स्थिति की जानकारी रीयल-टाइम में भेजी जाएगी। साथ ही, यात्रियों के लिए ‘सचेत ऐप’ (Sachet App) को डाउनलोड करना अनिवार्य किया गया है, जो आपात स्थिति में जीवनरक्षक सिद्ध हो सकता है।

स्वास्थ्य सेवाएं: 60 वर्ष से अधिक के यात्रियों के लिए विशेष नियम

पहाड़ी रास्तों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी के कारण अक्सर यात्रियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसे देखते हुए मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में विशेष रूप से 15-15 दिनों के रोटेशन के आधार पर अनुभवी चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। सरकार ने इस बार 60 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी है। इसके लिए यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर स्क्रीनिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे जहाँ यात्रियों की शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य मानकों की जांच होगी।

ट्रेकिंग रूट्स पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। केदारनाथ और यमुनोत्री जैसे पैदल मार्गों पर आपातकालीन चिकित्सा उपकरणों और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी यात्री की तबीयत अचानक खराब होती है, तो उसे तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि दवाइयों का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में रहे और किसी भी विषम परिस्थिति के लिए मेडिकल रिलीफ पोस्ट मुस्तैद रहें।

इंफ्रास्ट्रक्चर और बुनियादी सुविधाएं: बीआरओ और लोनिवि को अल्टीमेटम

सड़कों की स्थिति चारधाम यात्रा की रीढ़ होती है। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), सीमा सड़क संगठन (BRO) और लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्देश दिए हैं कि यात्रा औपचारिक रूप से शुरू होने से पहले सभी मार्गों की मरम्मत का कार्य पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के लिए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने और डेंजर जोन पर जेसीबी व अन्य भारी मशीनें पहले से ही तैनात रखने को कहा है ताकि सड़क बंद होने पर उसे कुछ ही मिनटों में खोला जा सके। सड़कों पर गड्ढों की भराई और डामरीकरण के काम को प्राथमिकता पर रखा गया है।

विद्युत और जल आपूर्ति को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। बद्रीनाथ धाम में अक्सर लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है, जिसका समाधान निकालने के लिए विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया है। केदारनाथ धाम में प्रतिकूल मौसम के कारण बिजली बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक जनरेटर और सोलर लाइट की व्यवस्था रखने को कहा गया है। पेयजल आपूर्ति के लिए जीएमवीएन (GMVN) को अपने सभी अतिथि गृहों और विश्राम स्थलों की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश मिले हैं। जल संस्थान को सुनिश्चित करना होगा कि यात्रा मार्ग के सभी सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट पर शुद्ध पेयजल उपलब्ध रहे।

हैली सेवा और ऑनलाइन बुकिंग का प्रभावी क्रियान्वयन

हवाई यात्रा के माध्यम से धामों तक पहुँचने वाले श्रद्धालुओं के लिए नागरिक उड्डयन विभाग को जल्द ही शटल सेवा की एसओपी (SOP) जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि हैली सेवाओं की ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग की प्रक्रिया इतनी सरल और प्रभावी होनी चाहिए कि किसी भी श्रद्धालु को बिचौलियों या ठगी का सामना न करना पड़े। आपातकालीन स्थितियों में एयर-रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए हैलीकॉप्टरों का प्रबंधन आपदा प्रबंधन विभाग के समन्वय से किया जाएगा। टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए इस बार सख्त निगरानी तंत्र विकसित किया गया है।

इसके साथ ही पर्यटन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा मार्ग पर 'पब्लिक अमेनिटीज' यानी सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाए। मोबाइल टॉयलेट्स, पेयजल केंद्र और विश्राम स्थलों पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए पूरे मार्ग पर स्पष्ट 'साईनेज' यानी सूचना पट्ट अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे ताकि अनजान यात्रियों को रास्ता ढूंढने में कोई परेशानी न हो। इन सूचना पट्टों पर महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर भी अंकित किए जाएंगे।

प्रचार-प्रसार और प्रशासनिक मुस्तैदी

सूचना विभाग को जिम्मेदारी दी गई है कि यात्रा से संबंधित सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों, मौसम के अलर्ट और सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार देशभर में किया जाए। परिवहन विभाग को वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र, ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड समय पर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि व्यावसायिक वाहनों के संचालन में देरी न हो। आपूर्ति विभाग को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि यात्रा मार्ग के सभी पेट्रोल पंपों और गैस गोदामों में ईंधन और रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे।

इस उच्चस्तरीय बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री दीपक सेठ, प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम और सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी सहित शासन के तमाम वरिष्ठ सचिव उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल कार्यालयों में न बैठें बल्कि नियमित रूप से धरातल पर जाकर कार्यों का निरीक्षण करें। शासन का मानना है कि इस स्तर की तैयारी से यात्रा के दौरान आने वाली किसी भी चुनौती से आसानी से निपटा जा सकेगा।

उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य इस वर्ष की चारधाम यात्रा को अब तक की सबसे सुरक्षित और सुव्यवस्थित यात्रा बनाना है। मुख्य सचिव द्वारा की गई यह व्यापक समीक्षा इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन न केवल बड़ी योजनाओं बल्कि छोटी-छोटी जन-सुविधाओं पर भी गंभीरता से कार्य कर रहा है। यदि आप इस वर्ष चारधाम की यात्रा पर आने का विचार कर रहे हैं, तो सरकारी नियमों का पालन करें, पंजीकरण समय पर कराएं और 'सचेत ऐप' के माध्यम से पल-पल की जानकारी से अपडेट रहें।

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