देहरादून | 18 अप्रैल, 2026: उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य श्री करन माहरा ने महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के क्रियान्वयन को लेकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाया है। माहरा ने कहा कि भाजपा ने देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है और अब अपने राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए झूठ और भ्रम का जाल बुन रही है।
जनगणना और परिसीमन: आरक्षण टालने की सोची-समझी रणनीति
करन माहरा ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की प्रबल पक्षधर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में जब संसद में यह विधेयक आया, तब कांग्रेस ने इसका पूर्ण समर्थन किया था।
"सच्चाई यह है कि भाजपा इस ऐतिहासिक कानून को तुरंत लागू करने के बजाय इसे जानबूझकर जनगणना और परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रियाओं में उलझा रही है। यह महिलाओं को उनका हक देने के बजाय मामले को लंबे समय तक टालने की एक सोची-समझी रणनीति है।" — करन माहरा
चुनावी हथियार के रूप में उपयोग का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने के बजाय इसे केवल एक 'चुनावी हथियार' के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने संसद के हालिया घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने परिसीमन और सीटों के पुनर्गठन से जुड़े संविधान संशोधन को इस तरह पेश किया जैसे विपक्ष इसका विरोध कर रहा हो, जबकि कांग्रेस चाहती है कि आरक्षण को बिना किसी शर्त और देरी के तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।
16 अप्रैल के नोटिफिकेशन पर उठाए सवाल
श्री माहरा ने भाजपा के प्रचार तंत्र पर हमला बोलते हुए कहा कि 16 अप्रैल 2026 को जारी किए गए नोटिफिकेशन को एक बड़े 'इवेंट' की तरह पेश किया गया, ताकि जनता में यह भ्रम पैदा हो सके कि आरक्षण लागू हो गया है।
माहरा ने सरकार से पूछे तीखे सवाल:
- अगर सरकार की नीयत साफ है, तो वर्तमान लोकसभा सीटों के भीतर ही महिलाओं को 33% कोटा क्यों नहीं दिया गया?
- आरक्षण को भविष्य की अनिश्चित तारीखों (जनगणना के बाद) पर क्यों टाला जा रहा है?
राजनीतिक ड्रामा और लोकतंत्र के साथ खिलवाड़
करन माहरा ने भाजपा पर लोकतंत्र की मूल भावना के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए इसे मात्र एक “राजनीतिक ड्रामा” करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा को डर है कि महिलाओं को वास्तविक प्रतिनिधित्व मिलते ही उसकी सत्ता की जमीन खिसक जाएगी। उन्होंने संकल्प दोहराया कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए सड़क से संसद तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।
अंत में, माहरा ने देश और प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे भाजपा के इस झूठे प्रचार और भ्रम की राजनीति को पहचानें और उन ताकतों के खिलाफ एकजुट हों जो मातृशक्ति के सम्मान को केवल चुनावी लाभ के तराजू में तौल रही हैं।
