मुख्यमंत्री के गृह जनपद में 'अवैध अतिक्रमण' पर कड़ा प्रहार; किच्छा में दो अवैध मजारों पर चला बुल्डोजर, वन विभाग की बड़ी कार्रवाई


Aapki Media AI


किच्छा (उधम सिंह नगर), 06 अप्रैल 2026: देवभूमि उत्तराखंड में सरकारी जमीनों और वन भूमि से अवैध धार्मिक अतिक्रमण हटाने का अभियान अब और तेज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह जनपद उधम सिंह नगर के किच्छा क्षेत्र में आज सुबह-सुबह प्रशासनिक बुलडोजर ने अवैध रूप से बनी दो मजारों को ध्वस्त कर दिया।


प्रशासन, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने तड़के इस 'सीक्रेट ऑपरेशन' को अंजाम दिया, जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।

ध्वस्तीकरण अभियान: मुख्य विवरण (Operation Highlights)

मुख्य विवरणघटना और कार्रवाई के तथ्य (Key Facts)
स्थानधौरा डाम, किच्छा (किच्छा-सटे वन क्षेत्र)
कार्यवाही का समयसुबह करीब 05:00 बजे से 08:00 बजे तक (3 घंटे)
संयुक्त टीमजिला प्रशासन, वन विभाग और भारी पुलिस बल
आधारवन भूमि पर अवैध कब्जा और नोटिस की अनदेखी
मुख्य अधिकारीएडीएम पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में कार्रवाई
पूर्व कार्यवाहीदो महीने पहले चस्पा किए गए थे नोटिस

सुबह 5 बजे 'बुलडोजर एक्शन': नोटिस की अनदेखी पड़ी भारी

  • तड़के शुरू हुआ ऑपरेशन: किसी भी विरोध की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने रणनीति के तहत सुबह 5 बजे ही धौरा डाम क्षेत्र में घेराबंदी कर दी। वन विभाग और पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर ने अपना काम शुरू किया और देखते ही देखते दोनों अवैध मजारों को मलबे में तब्दील कर दिया।
  • दो महीने पहले दिया गया था मौका: वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों अवैध संरचनाओं पर दो महीने पहले ही विधिवत नोटिस चस्पा किए गए थे। नोटिस के जरिए पक्ष रखने या स्वयं अतिक्रमण हटाने का समय दिया गया था, लेकिन संबंधित पक्ष की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
  • समय सीमा खत्म, एक्शन शुरू: नोटिस की निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद जिला प्रशासन ने ध्वस्तीकरण का फैसला लिया। एडीएम पंकज उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया और नियमों के तहत की गई है।
  • मुख्यमंत्री का सख्त संदेश: गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उत्तराखंड में 'लैंड जिहाद' और सरकारी जमीनों पर अवैध धार्मिक कब्जों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किच्छा में हुई यह कार्रवाई उसी नीति का हिस्सा मानी जा रही है।

क्या बोले एडीएम पंकज उपाध्याय? (Official Statement)

ध्वस्तीकरण के बाद मीडिया से बात करते हुए एडीएम पंकज उपाध्याय ने बताया:

"वन विभाग और जिला प्रशासन ने चिन्हित अवैध निर्माणों पर नियमानुसार नोटिस जारी किए थे। निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई संतोषजनक जवाब या स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर आज संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है। सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण रहने नहीं दिया जाएगा।"

 

अतिक्रमण मुक्त देवभूमि का संकल्प

किच्छा में हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद से लेकर पूरे राज्य में अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध प्रशासन का अभियान रुकने वाला नहीं है। वन भूमि की सुरक्षा और कानून का राज स्थापित करना ही सरकार की प्राथमिकता है।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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