नई दिल्ली/देहरादून, 01 अप्रैल 2026: केंद्रीय रेल, सूचना और प्रसारण एवं इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में त्रिवेणी एक्सप्रेस के प्रचालन को लेकर महत्वपूर्ण विवरण प्रस्तुत किया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि चोपन-टनकपुर रेलखंड पर यात्रियों की सुविधा हेतु वर्तमान में दो जोड़ी त्रिवेणी एक्सप्रेस सेवाएं संचालित हो रही हैं।
इसके साथ ही उन्होंने भारतीय रेल द्वारा सुरक्षा और गति बढ़ाने के लिए किए जा रहे वैज्ञानिक सुधारों और स्लिप कोच जैसी पुरानी व्यवस्थाओं को बंद करने के कारणों पर भी प्रकाश डाला।
रेल सेवा रिपोर्ट: चोपन-बरवाडीह रेलखंड की वर्तमान स्थिति
| मुख्य विवरण | परिचालन संबंधी तथ्य (Operational Facts) |
| बरवाडीह-चोपन रेलखंड | कुल 28 रेलगाड़ी सेवाएं (राजधानी, एक्सप्रेस और पैसेंजर) |
| त्रिवेणी एक्सप्रेस (जोड़ी 1) | सिंगरौली-टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस |
| त्रिवेणी एक्सप्रेस (जोड़ी 2) | शक्तिनगर-टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस |
| सहयोगी संस्थान | IIT मुंबई (समय-सारणी के युक्तिकरण हेतु) |
| प्रमुख फोकस | यात्री सुरक्षा, समयपालन और अनुरक्षण (Maintenance) |
वैज्ञानिक समय-सारणी और 'स्लिप कोच' व्यवस्था का अंत
- IIT मुंबई के साथ नई रणनीति: भारतीय रेल ने IIT मुंबई के सहयोग से वैज्ञानिक तरीके से ट्रेनों की समय-सारणी (Time-Table) के युक्तिकरण का कार्य शुरू किया है। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रेनों की औसत गति बढ़ाना और समयपालन (Punctuality) में सुधार करना है।
- सुरक्षा हेतु स्लिप कोच बंद: यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेलवे ने स्लिप कोच और लिंक रेलगाड़ियों को बंद करने का निर्णय लिया है। मंत्री ने बताया कि चलती ट्रेन में शंटिंग (डिब्बों को जोड़ने या अलग करने) जैसी प्रक्रियाओं से होने वाले जोखिमों से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।
- 28 ट्रेनों का निर्बाध संचालन: बरवाडीह-चोपन रेलखंड पर वर्तमान में राजधानी एक्सप्रेस (रांची-नई दिल्ली), शक्तिपुंज एक्सप्रेस, टाटानगर-जम्मू तवी और भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस जैसी 28 महत्वपूर्ण ट्रेनें चल रही हैं, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत बनी हुई है।
रेलखंड की क्षमता और पथ (Path) की उपलब्धता।
- कोच और इंजन (Rolling Stock) की उपलब्धता।
- रेलपथ का अनुरक्षण (Maintenance) और आवश्यक अवसंरचना।
- पुनः संचालन के मानक: त्रिवेणी एक्सप्रेस या किसी भी पुरानी सेवा के पुनः संचालन को एक 'सतत प्रक्रिया' बताते हुए मंत्री ने कहा कि यह कई तकनीकी कारकों पर निर्भर करता है, जैसे:
- अनुरक्षण के लिए 'विशेष ब्लॉक': नई कार्ययोजना के तहत अनुरक्षण कार्यों के लिए विशेष ब्लॉक बनाए जा रहे हैं, ताकि पटरियों की जांच और मरम्मत के दौरान यात्री सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
आधुनिक और सुरक्षित रेल यात्रा का संकल्प
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का यह बयान दर्शाता है कि भारतीय रेलवे अब केवल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक प्रबंधन और सुरक्षा मानकों को वैश्विक स्तर पर ले जाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। त्रिवेणी एक्सप्रेस का भविष्य भी इन्हीं परिचालन संबंधी सुधारों और तकनीकी व्यवहार्यता पर टिका है।
