ऋषिकेश: एससी समाज पर अभद्र टिप्पणी से आक्रोश; कोतवाली में दी तहरीर, वीडियो के आधार पर पुलिस ने शुरू की जांच


Aapki Media AI


ऋषिकेश | 24 अप्रैल, 2026 : तीर्थनगरी ऋषिकेश के बापू ग्राम क्षेत्र में अनुसूचित जाति (SC) समाज के विरुद्ध अपमानजनक और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस घटना से समाज के लोगों में भारी रोष व्याप्त है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में समाज के लोग ऋषिकेश कोतवाली पहुँचे और आरोपी युवक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस को तहरीर सौंपी।

तीर्थनगरी में एससी (SC) समाज के लिए अभद्र टिप्पणी और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का एक गंभीर मामला सामने आया

क्या है पूरा मामला?

तहरीर के अनुसार, घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है। जाटव बस्ती निवासी जयप्रकाश ने पुलिस को बताया कि वह बापू ग्राम में अपने कुछ दोस्तों के साथ बैठे थे। इसी दौरान एक युवक वहाँ आया और बिना किसी उकसावे के अचानक एससी समाज के लिए जातिसूचक शब्दों और अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा।

घटना के मुख्य बिंदु:

समझाने पर भी नहीं माना: पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने युवक को टोकने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह लगातार टिप्पणी करता रहा।
वीडियो साक्ष्य: आरोपी की इस अभद्र हरकत को मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया है, जिसे साक्ष्य के रूप में पुलिस को सौंपा गया है।
आंदोलन की चेतावनी: समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि यदि पुलिस ने शीघ्र ही आरोपी को गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई नहीं की, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

पुलिस की प्रतिक्रिया और वैधानिक स्थिति

ऋषिकेश कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए समाज के लोगों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है।

विवरणजानकारी
शिकायतकर्ताजयप्रकाश (जाटव बस्ती, ऋषिकेश)
घटनास्थलबापू ग्राम, ऋषिकेश
संभावित धाराएंSC/ST एक्ट एवं संबंधित आईपीसी/बीएनएस धाराएं
मुख्य साक्ष्यमोबाइल वीडियो रिकॉर्डिंग

"लोकतंत्र में किसी भी जाति या समाज के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना न केवल अनैतिक है बल्कि कानूनन अपराध भी है। पुलिस तहरीर के आधार पर साक्ष्य जुटा रही है और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।" — कैलाश चंद्र भट्ट, कोतवाल ऋषिकेश

समाज के लिए एक संदेश: कानूनी प्रावधान

  1. एससी/एसटी एक्ट के तहत सार्वजनिक स्थान पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करना एक गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है।
  2. सोशल मीडिया या मोबाइल वीडियो जैसे डिजिटल साक्ष्य अदालती कार्रवाई में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  3. प्रशासन ने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने और आपसी भाईचारे को खंडित करने वाली गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है।

ऋषिकेश पुलिस इस समय वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है। समाज के लोगों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ती हैं, इसलिए आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुँचाना आवश्यक है।




📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए आपकी मीडिया को फॉलो करें
👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें
Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
Previous Post Next Post