उत्तराखंड में भूमि विनियमितीकरण की राह आसान: लालकुआं और जौनसार भाबर के निवासियों को मिलेगा मालिकाना हक


Aapki Media AI


देहरादून, 25 अप्रैल 2026: उत्तराखंड के हजारों परिवारों के लिए भूमि से जुड़े कानूनी अधिकारों की राह अब आसान होती दिख रही है। आज सचिवालय परिसर में राजस्व विभाग के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों की भूमियों के विनियमितीकरण (Regularization) के संबंध में गठित मंत्रिमण्डल उप-समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।

उत्तराखंड में भूमि विनियमितीकरण की राह आसान: लालकुआं और जौनसार भाबर के निवासियों को मिलेगा मालिकाना हक

कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में दशकों से लंबित भूमि विवादों और पट्टेदारों के मालिकाना हक को लेकर निर्णायक चर्चा की गई। सरकार का मुख्य फोकस उन क्षेत्रों पर है जहाँ लोग लंबे समय से काबिज तो हैं, लेकिन तकनीकी बाधाओं के कारण उन्हें भूमि का कानूनी अधिकार नहीं मिल पाया है।

लालकुआं और जौनसार भाबर: जटिलताओं पर प्रहार

बैठक के दौरान मुख्य रूप से दो क्षेत्रों—नगर पंचायत लालकुआं और जौनसार भाबर—की भूमि से जुड़े जटिल बिंदुओं की समीक्षा की गई।

  1. लालकुआं भूमि प्रकरण: यहाँ 'गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट' के अधीन दिए गए पट्टों और आबादी की भूमि पर काबिज लोगों के अधिकारों को लेकर तकनीकी पक्षों को खंगाला गया।
  2. जौनसार भाबर 'वर्ग 4' की भूमि: इस क्षेत्र में 'वर्ग 4' श्रेणी की भूमि के विनियमितीकरण को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। सरकार का उद्देश्य है कि इन क्षेत्रों में पारदर्शी और सुगम भू-व्यवस्था लागू की जाए।

बैठक की मुख्य बातें और निर्णय (Quick Overview)

नीचे दी गई तालिका आज की बैठक के प्रमुख एजेंडे और उपस्थित अधिकारियों का विवरण दर्शाती है:

मुख्य बिंदु विवरण
समिति के अध्यक्ष श्री सुबोध उनियाल (कैबिनेट मंत्री)
प्रमुख सदस्य श्री सौरभ बहुगुणा (पशुपालन मंत्री)
मुख्य चर्चा क्षेत्र नगर पंचायत लालकुआं एवं जौनसार भाबर क्षेत्र
भूमि श्रेणियाँ 'गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट' पट्टे एवं 'वर्ग 4' भूमि
मुख्य उद्देश्य आबादी की भूमि पर काबिज लोगों को मालिकाना हक देना
प्रमुख निर्देश विनियमितीकरण की बाधाओं को दूर कर त्वरित कार्यवाही करना


जनहित में न्यायसंगत व्यवस्था हमारी प्राथमिकता" – सुबोध उनियाल

अध्यक्षता कर रहे मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार जनहित में भू-व्यवस्था को सुगम और न्यायसंगत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्षों से काबिज स्थानीय निवासियों को उनके कानूनी अधिकार मिलने ही चाहिए।

सौरभ बहुगुणा के महत्वपूर्ण सुझाव:

बैठक में सदस्य के रूप में उपस्थित पशुपालन मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा ने भी अपने सुझाव साझा किए। उन्होंने विशेष रूप से सीमांत और पहाड़ी क्षेत्रों के निवासियों के हितों की रक्षा करने और प्रक्रिया को सरल बनाने पर बल दिया।

प्रशासनिक अमला रहा मौजूद

बैठक में राजस्व, वन और न्याय विभाग के उच्चाधिकारियों ने तकनीकी इनपुट दिए। उपस्थित प्रमुख अधिकारियों में शामिल थे:

  1. श्री आनन्द श्रीवास्तव (अपर सचिव, राजस्व)
  2. श्रीमती मीनाक्षी जोशी (अपर प्रमुख वन संरक्षक)
  3. श्री चन्द्रशेखर सनवाल (वन संरक्षक)
  4. श्रीमती मीनाक्षी पटवाल (उप भूमि व्यवस्था आयुक्त)
  5. श्री अश्विनी गौड़ (अपर सचिव, न्याय)

वर्षों का इंतजार खत्म होने की उम्मीद

इस बैठक के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि लालकुआं और जौनसार भाबर के उन पट्टेदारों का इंतजार अब खत्म होगा, जो लंबे समय से अपनी ही जमीन पर मालिकाना हक के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। सरकार की इस पहल से न केवल भू-विवादों में कमी आएगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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