देहरादून, 08 अप्रैल 2026: उत्तराखंड के लाखों परिवारों के लिए खुशखबरी है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत राज्य सरकार ने अंत्योदय और प्राथमिक परिवार (PHH) श्रेणी के लाभार्थियों को बड़ी सौगात दी है। अब उपभोक्ताओं को अप्रैल, मई और जून महीने का निशुल्क खाद्यान्न एक साथ वितरित किया जा रहा है।
खाद्य विभाग ने केंद्र के निर्देशों के क्रम में इस 'एडवांस वितरण' की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे गरीब परिवारों को आने वाले तीन महीनों के लिए राशन की चिंता नहीं करनी होगी।
राशन वितरण योजना: मुख्य बिंदु
| विवरण | जानकारी (Details) |
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) |
| लाभार्थी श्रेणी | अंत्योदय और प्राथमिक परिवार (राशन कार्ड धारक) |
| वितरण का स्वरूप | अप्रैल, मई और जून (03 महीने) का राशन एक साथ |
| अंतिम तिथि | 20 अप्रैल 2026 तक वितरण पूरा करने का लक्ष्य |
| प्रक्रिया | ई-पॉस (e-PoS) मशीन और बायोमेट्रिक अनिवार्य |
| अतिरिक्त समय | मार्च का बकाया राशन लेने के लिए 15 अप्रैल अंतिम मौका |
20 अप्रैल तक वितरण पूरा करने का लक्ष्य: सचिव आनंद स्वरूप
खाद्य सचिव आनंद स्वरूप ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लाभार्थियों को अग्रिम राशन दिया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि 20 अप्रैल तक शत-प्रतिशत लाभार्थियों को जून तक का राशन उपलब्ध करा दिया जाए।
बायोमेट्रिक प्रक्रिया में ध्यान देने योग्य बातें:
चूंकि तीन महीने का राशन एक साथ दिया जा रहा है, इसलिए तकनीक और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए विशेष नियम बनाए गए हैं:
- लाभार्थियों को अपनी ई-पॉस मशीन पर तीन बार बायोमेट्रिक ट्रांजेक्शन करना होगा।
- हर महीने के कोटे के लिए अलग-अलग अंगूठा (बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन) लगाना अनिवार्य है।
- यह प्रक्रिया इसलिए अपनाई जा रही है ताकि रिकॉर्ड में पारदर्शिता बनी रहे और राशन चोरी की संभावना शून्य हो जाए।
मार्च का राशन नहीं लिया? 15 अप्रैल है आखिरी मौका
खाद्य विभाग ने उन लाभार्थियों को भी चेतावनी दी है जिन्होंने किसी कारणवश मार्च 2026 का अपना राशन अभी तक प्राप्त नहीं किया है। ऐसे कार्ड धारकों के लिए 15 अप्रैल तक का अंतिम अवसर दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तिथि के बाद मार्च के राशन पर कोई दावा मान्य नहीं होगा और वह कोटा लैप्स (निरस्त) माना जाएगा।
क्या बोले खाद्य सचिव? (Official Statement)
मामले की गंभीरता और व्यवस्था पर बात करते हुए आनंद स्वरूप (सचिव, खाद्य विभाग) ने कहा:
"सरकार का मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। केंद्र के निर्देशों पर हम अप्रैल में ही तीन महीने का राशन दे रहे हैं। राशन वितरण पूरी तरह पारदर्शी हो, इसके लिए ई-पॉस मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे अपनी नजदीकी सरकारी सस्ता गल्ला दुकान पर जाकर समय से अपना हक प्राप्त करें।"
सुशासन और त्वरित राहत
सरकार के इस फैसले से न केवल जरूरतमंदों को समय पर भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि राशन की दुकानों पर हर महीने लगने वाली लंबी कतारों से भी राहत मिलेगी। 20 अप्रैल तक का लक्ष्य यह दर्शाता है कि उत्तराखंड प्रशासन इस जनकल्याणकारी योजना को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है।
