Aapki Media AI
देहरादून, 17 मई 2026: उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया को लेकर जिला प्रशासन ने एक बड़ी और सकारात्मक पहल की है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित बैठक के दौरान सभी उप-जिलाधिकारियों (SDMs) को सख्त निर्देश दिए हैं कि तहसीलों में लंबित सभी सूचियों और प्रकरणों पर 7 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए।
इस बैठक में जिलाधिकारी ने एक-एक आंदोलनकारी की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुना और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।
बैठक के प्रमुख निर्णय और निर्देश
- समय सीमा निर्धारित: सभी एसडीएम को लंबित चिन्हीकरण प्रकरणों के निस्तारण हेतु केवल एक सप्ताह का समय दिया गया है।
- पारदर्शिता पर जोर: चिन्हीकरण की प्रक्रिया में संबंधित क्षेत्रीय आंदोलनकारी समिति के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा ताकि वास्तविक आंदोलनकारियों की पहचान निष्पक्ष हो सके।
- शपथ-पत्र के आधार पर चिन्हीकरण: जिन आंदोलनकारियों के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए समिति के सदस्यों द्वारा दिए गए शपथ-पत्र के आधार पर चिन्हीकरण करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
- 6 माह का समय विस्तार: शासन ने वर्ष 2021 तक के लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण के लिए 6 महीने का अतिरिक्त समय प्रदान किया है।
- अधिकारियों को चेतावनी: रिपोर्ट देने में देरी करने वाले विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
बैठक का विवरण और महत्वपूर्ण उपस्थिति
| विवरण | मुख्य अपडेट / निर्देश |
|---|---|
| रिपोर्ट तलब | सभी तहसीलों से 7 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई |
| भागीदारी | क्षेत्रीय आंदोलनकारी समिति के सदस्य प्रक्रिया में शामिल होंगे |
| विशेष प्रस्ताव | रिकॉर्ड न होने पर शपथ-पत्र से चिन्हीकरण का शासन को प्रस्ताव |
| समय विस्तार | लंबित आवेदनों के निस्तारण हेतु 06 माह की अवधि शेष |
| प्रशासनिक मंशा | पारदर्शी, निष्पक्ष एवं न्यायसंगत चिन्हीकरण प्रक्रिया |
आंदोलनकारियों ने जताया आभार
बैठक के सौहार्दपूर्ण वातावरण और जिलाधिकारी के सकारात्मक दृष्टिकोण से आंदोलनकारियों में न्याय की नई उम्मीद जगी है। आंदोलनकारियों ने कहा कि लंबे समय से अटके इन मामलों पर डीएम की व्यक्तिगत रुचि यह दर्शाती है कि पात्र लोगों को अब भटकना नहीं पड़ेगा।
.jpg)