देहरादून में हवाला नेटवर्क पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': स्कॉर्पियो के सीक्रेट केबिन से 1.55 करोड़ का कालाधन बरामद; गुजरात के 3 धंधेबाज गिरफ्तार, आधी रात तक चली नोटों की गिनती


Aapki Media AI


देहरादून, 16 मई, 2026: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हवाला कारोबार के एक बहुत बड़े और बेहद गोपनीय नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। दून पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक संदिग्ध स्कॉर्पियो कार से 01 करोड़ 55 लाख रुपये (1.55 करोड़) की भारी-भरकम बेनामी नकदी बरामद की है। यह काली कमाई इतनी चालाकी से छिपाई गई थी कि कार के भीतर एक विशेष सीक्रेट केबिन (Secret Cabin) तैयार किया गया था।

स्कॉर्पियो के सीक्रेट केबिन से 1.55 करोड़ का कालाधन बरामद

केंट कोतवाली पुलिस और आयकर विभाग (Income Tax Department) की संयुक्त टीम ने शुक्रवार आधी रात तक नोटों की गिनती की। चूंकि यह पूरी रकम काले धन (Black Money) का हिस्सा है, इसलिए आयकर विभाग अब वारंट लेकर इस नकदी को अपने कब्जे में ले रहा है। पुलिस ने मौके से गुजरात के तीन रसूखदार संदिग्धों को दबोचा है, जिनसे केंद्रीय एजेंसियां और लोकल इंटेलिजेंस लगातार पूछताछ कर रही हैं।

घटनाक्रम: कौलागढ़ रोड पर चेकिंग के दौरान हत्थे चढ़ी संदिग्ध स्कॉर्पियो

घटनाक्रम के अनुसार, केंट कोतवाली पुलिस वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर राजेंद्र नगर कौलागढ़ क्षेत्र में सिरमौर मार्ग पर नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को एक महाराष्ट्र नंबर की सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो एन (MH 12 XT 3245) आती हुई दिखाई दी।

  • सख्ती से टूटे आरोपी: पुलिस ने जब गाड़ी को रोककर उसमें सवार लोगों से पूछताछ की और गाड़ी के दस्तावेज मांगे, तो चालक सकपका गया और इधर-उधर की बातें करने लगा।
  • सीक्रेट केबिन का राज: पुलिस को गहरा संदेह हुआ, जिसके बाद जब चालक से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने कबूल किया कि कार के भीतर करोड़ों रुपये का कैश छिपाया गया है। उसने गाड़ी के गुप्त केबिन के बारे में पुलिस को बताया।

मौके पर पहुंचे बड़े अधिकारी; नोट गिनने की मशीन भी बरामद

जैसे ही केंट पुलिस को कार में भारी मात्रा में कैश होने की पुष्टि हुई, तत्काल इसकी सूचना उच्चाधिकारियों और आयकर विभाग को दी गई। कुछ ही मिनटों में क्षेत्राधिकारी नगर (CO City) और आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

उनकी मौजूदगी में जब स्कॉर्पियो के सीक्रेट केबिन को खोला गया, तो उसमें 500-500 के नोटों की गड्डियों का अंबार लगा था। हवाला कारोबारी इस कदर तैयारी से चल रहे थे कि कार के भीतर एक कैश काउंटिंग मशीन (नोट गिनने की मशीन) भी रखी हुई थी, जिसे पुलिस ने गाड़ी के साथ सीज कर लिया है।

बरामदगी और कार्रवाई का संक्षिप्त विवरण

बरामद सामग्री / विवरणजानकारी
कुल बरामद नकदी₹1,55,00,000 (एक करोड़ पचपन लाख रुपये लगभग)
जब्त वाहनमहिंद्रा स्कॉर्पियो एन (नंबर: MH12XT 3245)
अतिरिक्त बरामदगी01 इलेक्ट्रॉनिक कैश काउंटिंग मशीन
कैश का स्रोतबनारस (वाराणसी) से लाया जा रहा था
मुख्य जांच एजेंसीआयकर विभाग (इन्वेस्टिगेशन विंग) एवं दून पुलिस

बनारस से जुड़ा कनेक्शन; 'कोडवर्ड' के जरिए हो रहा था ट्रांसफर

पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने कबूल किया कि यह रकम उत्तराखंड में किसी बड़े खेल के लिए लाई जा रही थी। कार चालक सतीश भाई ने बताया कि वह इस पूरी धनराशि को बनारस (उत्तर प्रदेश) से लेकर आ रहा था। देहरादून पहुंचने पर यह कैश गाड़ी में ही बैठे दूसरे आरोपी ठाकुर जसवंत संघ बनाजी को सुपुर्द किया जाना था।

अंतिम छोर का सस्पेंस: सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पकड़े गए तीनों कूरियरों को यह नहीं पता था कि यह रकम अंत में देहरादून में किस बड़े सफेदपोश या व्यापारी को दी जानी थी। उन्हें निर्देश थे कि दून पहुंचने के बाद उनके 'आका' उन्हें फोन पर लोकेशन और 'कोडवर्ड' बताएंगे, जिसके बाद रकम ट्रांसफर होनी थी। इससे साफ है कि यह हवाला नेटवर्क बेहद शातिराना और कड़ियों (Layers) में काम कर रहा था।

डालनवाला और बिंदाल में पुलिस के छापे; दफ्तर का पता चला

हवाला नेटवर्क के इनपुट्स मिलते ही देहरादून पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई।

  1. डालनवाला में दफ्तर: पुलिस को जानकारी मिली कि इस नेटवर्क का एक गुप्त कार्यालय सर्वे चौक के पास डालनवाला क्षेत्र में संचालित हो रहा था। पुलिस की एक विशेष टीम ने वहां फौरन छापेमारी की।
  2. हिरासत में कई लोग: डालनवाला दफ्तर से कुछ संदिग्ध दस्तावेजों को जब्त किया गया है और वहां मौजूद कुछ संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए बिंदाल पुलिस चौकी लाया गया है, जहां उनसे देर रात तक पूछताछ चलती रही।

पकड़े गए संदिग्धों का पूरा प्रोफाइल

पुलिस की गिरफ्त में आए तीनों आरोपी मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं और अंतरराज्यीय हवाला रैकेट के मुख्य कूरियर हैं:

  • सतीश भाई (उम्र 51 वर्ष): पुत्र स्व० हरगोविंद भाई, निवासी तालुका विसनागर, जिला मेहसाणा, गुजरात। (यह कार चला रहा था और मुख्य लॉजिस्टिक संभाल रहा था)।
  • ठाकुर जसवंत संघ बनाजी: पुत्र स्व० बनाजी, निवासी ग्राम सेधा, तालुका चणसमा, थाना चणसमा, जिला पाटन, गुजरात। (इसे कैश रिसीव करना था)।
  • सचिन पटेल: पुत्र नरेंद्र भाई, निवासी ग्राम दीनप, तालुका विसनागर, जिला मेहसाणा, गुजरात। (सह-आरोपी)।

कार्रवाई को अंजाम देने वाली जांबाज टीम

इस बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने में पुलिस और आयकर विभाग के इन अधिकारियों की मुख्य भूमिका रही:

देहरादून पुलिस टीम:

  • श्री स्वप्निल मुयाल: क्षेत्राधिकारी नगर (CO City)
  • निरीक्षक शंकर सिंह बिष्ट: प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली केंट
  • उ.नि. विनयता चौहान: चौकी प्रभारी, बिंदाल
  • अ.उ.नि. वीरेंद्र राम एवं कांस्टेबल योगेश सैनी

आयकर विभाग की टीम:

  • पंकज खत्री: सहायक आयकर निदेशक
  • शशांक पाल: आयकर निरीक्षक
  • कमलेश पंत: आयकर निरीक्षक

चुनाव और बड़े व्यावसायिक लेन-देन से जुड़ रहे तार

देहरादून में इतनी बड़ी मात्रा में नगदी का मिलना इस बात का साफ संकेत है कि शहर में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी और हवाला का समानांतर तंत्र सक्रिय है। आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक, तीनों आरोपियों के बयानों को दर्ज कर लिया गया है और उनके मोबाइल फोन्स की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाली जा रही है।
बनारस से देहरादून तक फैले इस नेटवर्क के पीछे कौन से बड़े चेहरे हैं, इसका खुलासा जल्द होने की उम्मीद है। फिलहाल, 1.55 करोड़ की यह रकम सरकारी खजाने में जमा होने जा रही है और स्कॉर्पियो के सीक्रेट केबिन ने यह साबित कर दिया है कि काले धन के सौदागर अब नए-नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन दून पुलिस की मुस्तैदी के आगे उनके मंसूबे पस्त हो गए।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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