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देहरादून, 13 मई, 2026: राजधानी देहरादून में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के नेतृत्व में चलाए जा रहे "ऑपरेशन प्रहार" ने एक बार फिर अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। थाना सेलाकुई क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज वाहन चोरी की घटना का दून पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सफल अनावरण करते हुए एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से चोरी की गई मारुति ओम्नी वैन भी बरामद कर ली है। एसएसपी के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
घटना का विवरण: फैक्ट्री के बाहर से उड़ी थी ओम्नी वैन
मामले की शुरुआत 11 मई, 2026 को हुई, जब वादी प्रमोद कुमार तिवारी (निवासी गांव चलाई, पो0 थानो, देहरादून) ने थाना सेलाकुई में एक लिखित तहरीर दी।
- शिकायत: वादी ने बताया कि सेलाकुई स्थित उनकी फैक्ट्री परिसर के बाहर से उनकी सफेद रंग की मारुति ओम्नी वैन (संख्या: यू0के0-07-एयू-0377) किसी अज्ञात चोर ने उड़ा ली है।
- पुलिस कार्रवाई: तहरीर के आधार पर थाना सेलाकुई में तत्काल प्रभाव से मु0अ0सं0 53/2026 के तहत धारा 303(2) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के अंतर्गत मामला पंजीकृत किया गया और जांच शुरू की गई।
ऑपरेशन प्रहार और पुलिस की रणनीति
एसएसपी देहरादून ने जनपद में चोरी और लूट जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सभी थाना प्रभारियों को सघन चेकिंग और अपराधियों के सत्यापन के निर्देश दिए हैं।
- टीम का गठन: सेलाकुई थाना स्तर पर एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
- सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण: टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। संदिग्धों की गतिविधियों और आने-जाने वाले रास्तों के बारीकी से अवलोकन के बाद पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला।
- घेराबंदी और गिरफ्तारी: सटीक मुखबिरी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर, दिनांक 12 मई, 2026 को पुलिस टीम ने धूलकोट तिराहे के पास घेराबंदी की। चेकिंग के दौरान चोरी की गई ओम्नी कार के साथ अभियुक्त को दबोच लिया गया।
गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण
| विवरण | जानकारी |
| गिरफ्तार अभियुक्त | मोनू उर्फ राहुल राणा (27 वर्ष) |
| निवासी | पौड़ी गढ़वाल (हाल पता: कैनाल रोड, राजपुर, देहरादून) |
| बरामद वाहन | मारुति ओम्नी वैन (यू0के0-07-एयू-0377) |
| गिरफ्तारी का स्थान | धूलकोट तिराहा, सेलाकुई |
| कार्यवाही का समय | घटना के 24 घंटे के भीतर |
| संबंधित अभियान | ऑपरेशन प्रहार |
अभियुक्त का प्रोफाइल: शातिर चोर का पुराना इतिहास
पुलिस की पूछताछ में अभियुक्त की पहचान मोनू उर्फ राहुल राणा पुत्र बलवीर प्रसाद राणा के रूप में हुई है। वह मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल का रहने वाला है लेकिन वर्तमान में देहरादून के राजपुर क्षेत्र में रह रहा था।
आपराधिक कुंडली:
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मोनू एक आदतन अपराधी है और पहले भी कई बार चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ दर्ज प्रमुख मुकदमे निम्नलिखित हैं:
- थाना सेलाकुई: मु0अ0सं0 53/2026 (ताजा मामला)
- थाना डालनवाला: मु0अ0सं0 126/2025 (चोरी का मामला)
- थाना प्रेमनगर: मु0अ0सं0 156/2023 (धारा 380/411 आईपीसी)
पुलिस का मानना है कि अभियुक्त नशे की लत या आसान कमाई के लिए सुनसान इलाकों में खड़े वाहनों को निशाना बनाता था।
सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम
इस त्वरित खुलासे के लिए एसएसपी देहरादून ने पुलिस टीम की सराहना की है। टीम में शामिल प्रमुख सदस्य निम्नलिखित हैं:
- उ0नि0 सुमेर सिंह (नेतृत्वकर्ता)
- अ0उ0नि0 मनोज सिंह
- का0 फरमान अली
- का0 सोहन
- का0 जितेन्द्र (एसओजी)
ऑपरेशन प्रहार के तहत सुरक्षा टिप्स
देहरादून पुलिस ने वाहन स्वामियों से भी सतर्क रहने की अपील की है:
- सुरक्षित पार्किंग: अपने वाहनों को हमेशा अधिकृत पार्किंग या सीसीटीवी की निगरानी वाले क्षेत्र में ही खड़ा करें।
- एंटी-थेफ्ट अलार्म: वाहनों में आधुनिक सुरक्षा उपकरण और जीपीएस (GPS) ट्रैकर जरूर लगवाएं।
- संदिग्ध गतिविधि: यदि क्षेत्र में कोई संदिग्ध व्यक्ति रेकी करता दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
- लॉक की जांच: वाहन छोड़ते समय यह सुनिश्चित करें कि सभी गेट और गियर लॉक सही ढंग से लगे हैं।
सुरक्षा और विश्वास का माहौल
सेलाकुई पुलिस की इस उपलब्धि ने जनता के बीच सुरक्षा के भाव को और मजबूत किया है। "ऑपरेशन प्रहार" के माध्यम से दून पुलिस यह स्पष्ट संदेश दे रही है कि अपराधियों के लिए जनपद में कोई जगह नहीं है। मात्र 24 घंटे में चोरी की गई कार की बरामदगी और अपराधी की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि यदि तकनीक और सूचना तंत्र का सही समन्वय हो, तो अपराध पर लगाम लगाना संभव है।
आरोपी मोनू उर्फ राहुल राणा को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह में कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं।
