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देहरादून, 12 मई 2026: राजकीय दून मेडिकल कॉलेज संबद्ध दून चिकित्सालय में 'अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस' भव्य रूप से मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने नर्सिंग अधिकारियों के समर्पण और सेवा भाव की जमकर सराहना की।
मंत्री उनियाल ने कहा कि नर्सिंग सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना, करुणा और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कोविड-19 के दौरान नर्सिंग समुदाय द्वारा दी गई निस्वार्थ सेवा को भी याद किया।
कार्यक्रम की मुख्य बातें:
- आपसी समन्वय: स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉक्टर, नर्स और सहायक स्टाफ एक ही शरीर के अंगों की तरह हैं, जिनके बीच बेहतर समन्वय से ही मरीज का उपचार संभव है।
- स्थानांतरण नीति: पारदर्शी स्थानांतरण नीति के तहत स्वास्थ्यकर्मियों को उनके गृह जनपद में तैनाती देने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
- भत्तों पर आश्वासन: नर्सिंग समुदाय द्वारा रखे गए 'गणवेश भत्ता' (Uniform Allowance) को शीघ्र उपलब्ध कराने का मंत्री ने सकारात्मक आश्वासन दिया।
- नर्सिंग नियमावली: चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत एक पृथक नर्सिंग नियमावली बनाए जाने की मांग पर भी चर्चा हुई।
- सांस्कृतिक रंग: कार्यक्रम में नर्सिंग अधिकारियों ने पहाड़ी लोकसंगीत और लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दीं।
प्रमुख मांगों और आश्वासन का विवरण
| प्रमुख मांगें / विषय | स्वास्थ्य मंत्री का रुख / आश्वासन |
|---|---|
| गणवेश भत्ता (Uniform Allowance) | शीघ्र बजट उपलब्ध कराने के निर्देश |
| स्थानांतरण (Transfer Policy) | गृह जनपद में तैनाती का प्रयास (पारदर्शिता के साथ) |
| पृथक नियमावली | नर्सिंग नियमावली की मांग पर सकारात्मक विचार |
| नर्सिंग सेवा भाव | मानवीय संवेदना और करुणा का प्रतीक |
| अन्य भत्ते | विभागीय समीक्षा के बाद निर्णय का आश्वासन |
"भाव, अभाव और प्रभाव" की संवेदना
संबोधन के दौरान सुबोध उनियाल ने कहा कि अस्पताल पहुंचने वाला हर मरीज किसी न किसी "भाव, अभाव या प्रभाव" से ग्रसित होता है। ऐसे में नर्सिंग अधिकारियों का प्रेमपूर्ण व्यवहार और संवेदनशीलता आधे रोग को वैसे ही ठीक कर देती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार नर्सिंग समुदाय की मांगों और उनके हितों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
