एक्शन में सुबोध उनियाल: गरमपानी सीएचसी के औचक निरीक्षण में गायब मिले डॉक्टर, स्वास्थ्य मंत्री ने थमाया नोटिस; बोले- 'लापरवाही का इलाज अब बर्खास्तगी'


Aapki Media AI


नैनीताल/गरमपानी, 09 मई, 2026: उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल का औचक निरीक्षण अभियान अब पहाड़ों की ओर मुड़ गया है। रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में देर रात की गई छापेमारी के ठीक बाद, मंत्री उनियाल ने शनिवार को नैनीताल जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), गरमपानी का आकस्मिक निरीक्षण किया।

गरमपानी सीएचसी के औचक निरीक्षण में गायब मिले डॉक्टर, स्वास्थ्य मंत्री ने थमाया नोटिस

भयंकर गर्मी और पर्यटन सीजन के बीच, जब पहाड़ों पर स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब मंत्री के इस औचक निरीक्षण ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की नींद उड़ा दी है। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अनुशासन और उपस्थिति को लेकर कई गंभीर खामियां पाई गईं, जिस पर मंत्री ने मौके पर ही कड़े आदेश पारित किए।

ड्यूटी से नदारद मिले चिकित्सक: मंत्री ने लिया कड़ा संज्ञान

निरीक्षण की शुरुआत में स्वास्थ्य मंत्री ने सबसे पहले उपस्थिति पंजिका (Attendance Register) की जांच की। मंत्री उस समय दंग रह गए जब एक वरिष्ठ चिकित्सक अपनी ड्यूटी से नदारद पाए गए।

  • कारण बताओ नोटिस: बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक अवकाश के गायब रहने वाले चिकित्सक को मंत्री ने तत्काल 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी करने के निर्देश दिए।
  • अनुशासनात्मक कार्रवाई: उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को निर्देशित किया कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

अव्यवस्थाओं पर बिफरे मंत्री: "मरीजों की सुविधा ही सर्वोच्च प्राथमिकता"

मंत्री ने केवल हाजिरी रजिस्टर ही नहीं देखा, बल्कि वे स्वयं वार्डों में गए और वहां भर्ती मरीजों से बातचीत की। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों को मिलने वाली दवाओं और भोजन की भी जांच की गई।

मंत्री के निरीक्षण के मुख्य बिंदु:

  • उपस्थिति की अनियमितता: कुछ अन्य कर्मचारी भी अपने कार्यस्थल पर समय से उपस्थित नहीं थे, जिन्हें कड़ी चेतावनी दी गई।
  • दवाओं की उपलब्धता: मंत्री ने औषधि केंद्र (Pharmacy) का निरीक्षण किया और पूछा कि क्या मरीजों को बाहर से दवाएं तो नहीं लिखनी पड़ रही हैं।
  • स्वच्छता का अभाव: अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने के निर्देश दिए गए।

गरमपानी सीएचसी निरीक्षण: मुख्य विवरण

निरीक्षण का केंद्रमुख्य अवलोकनमंत्री का एक्शन
उपस्थिति पंजिकाएक चिकित्सक बिना सूचना अनुपस्थितकारण बताओ नोटिस जारी
वार्ड निरीक्षणमरीजों से सीधे संवादसुविधाओं में सुधार के निर्देश
स्टाफ अनुशासनअनियमितता और देरीसंबंधित अधिकारियों को जवाबदेही तय करने को कहा
सरकारी प्रतिबद्धतासुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाएंनियमित मॉनिटरिंग का आश्वासन
क्षेत्र का महत्वपर्यटन मार्ग पर स्थित होने के कारणसमयबद्ध सेवाओं पर जोर

पहाड़ों में स्वास्थ्य सेवाएं: चुनौती और सरकार का संकल्प

गरमपानी सीएचसी अल्मोड़ा-हल्द्वानी राजमार्ग पर स्थित एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहाँ न केवल स्थानीय ग्रामीण, बल्कि मार्ग से गुजरने वाले पर्यटक और दुर्घटनाओं के शिकार लोग भी प्राथमिक उपचार के लिए आते हैं।

मंत्री सुबोध उनियाल का बयान:

 

"प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली जनता को इलाज के लिए मैदानों की ओर न दौड़ना पड़े। अस्पतालों में डॉक्टरों का न मिलना एक गंभीर अपराध है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम नियमित रूप से मॉनिटरिंग करेंगे ताकि मरीजों को कोई असुविधा न हो।"

अधिकारियों को सख्त हिदायत: "फाइलों से बाहर निकलें अधिकारी"

मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल मुख्यालयों में बैठकर रिपोर्ट न मंगाएं, बल्कि स्वयं फील्ड में जाकर व्यवस्थाएं देखें।

  1. सर्वोच्च प्राथमिकता: उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन को बेहतर और समयबद्ध (Time-bound) स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
  2. जवाबदेही: यदि किसी अस्पताल में बार-बार शिकायतें मिलती हैं, तो इसके लिए सीधे तौर पर वहां के प्रभारी और जिला स्तर के अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

स्वास्थ्य सुधार हेतु सरकार के आगामी कदम 

  • बायोमेट्रिक उपस्थिति: सभी पहाड़ी स्वास्थ्य केंद्रों में बायोमेट्रिक हाजिरी को अनिवार्य रूप से लागू करना और उसे मुख्यालय से जोड़ना।
  • आपातकालीन सुविधाएं: हाईवे पर स्थित गरमपानी जैसे केंद्रों में 24x7 आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सक्रिय करना।
  • नियमित छापेमारी: मंत्री ने साफ कर दिया है कि उनके औचक निरीक्षण का सिलसिला अब थमेगा नहीं और वे किसी भी जिले में कभी भी पहुँच सकते हैं।
  • टेली-मेडिसिन का विस्तार: दूरस्थ गांवों के लिए विशेषज्ञों की राय हेतु टेली-मेडिसिन सेवाओं को मजबूत करना।

क्या 'नोटिस' से सुधरेगी व्यवस्था?

गरमपानी सीएचसी का यह निरीक्षण राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों के लिए एक कड़ा संदेश है। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल का यह 'एक्शन मोड' निश्चित रूप से लापरवाह कर्मचारियों में डर पैदा करेगा। हालांकि, सवाल यह है कि क्या केवल नोटिस जारी करने से व्यवस्थाएं सुधरेंगी? जनता की उम्मीद है कि मंत्री की इस सख्ती का परिणाम धरातल पर बेहतर इलाज और चौबीसों घंटे डॉक्टरों की उपलब्धता के रूप में दिखाई दे। नैनीताल जिले के इस महत्वपूर्ण केंद्र में सुधार से हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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