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देहरादून: प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने आज दून अस्पताल में राज्य के 7 राजकीय मेडिकल कॉलेजों और हल्द्वानी स्थित राज्य कैंसर संस्थान के साथ एक मैराथन समीक्षा बैठक की। बैठक में चिकित्सा सेवाओं को सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों में “सफाई, दवाई और भलाई” सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक की मुख्य बातें
- नया सत्र: रुद्रपुर और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों में इसी शैक्षणिक सत्र से एमबीबीएस कक्षाएं शुरू करने के निर्देश।
- नई सेवाएं: श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में इसी माह 'कैथ लैब' और हरिद्वार मेडिकल कॉलेज में 15 दिनों में ओपीडी शुरू होगी।
- फैकल्टी संकट: डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए फैकल्टी रिटेंशन नीति और सीनियर रेजिडेंट्स के वेतन में उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बढ़ोतरी।
- चारधाम तैयारी: यात्रा मार्ग को देखते हुए श्रीनगर में अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर और पहाड़ी क्षेत्रों में हेलीपैड निर्माण की योजना।
- सख्त निर्देश: अस्पतालों में अनावश्यक रेफरल और बाहर की दवाएं लिखने पर कड़ी कार्रवाई के आदेश।
प्रस्तावित सेवाओं का विवरण
| संस्थान / स्थान | प्रस्तावित सेवा / निर्णय | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| राज्य कैंसर संस्थान, हल्द्वानी | इंडोर सेवाओं का शुभारंभ | शीघ्र प्रारंभ |
| हरिद्वार मेडिकल कॉलेज | नियमित ओपीडी सेवा | 15 दिनों के भीतर |
| श्रीनगर मेडिकल कॉलेज | कैथ लैब एवं ट्रॉमा सेंटर | इसी माह / प्रस्तावित |
| रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज | एमबीबीएस पाठ्यक्रम | इसी सत्र से |
| पर्वतीय क्षेत्र के अस्पताल | हेलीपैड एवं ट्रांजिट हॉस्टल | योजना तैयार |
डॉक्टरों के लिए नई सुविधाएं और नीति
बैठक में फैकल्टी की भारी कमी (पहाड़ों में 70% और देहरादून में 40%) पर चिंता जताई गई। इसे दूर करने के लिए डॉक्टरों हेतु ट्रांजिट हॉस्टल विकसित करने और आपातकालीन स्थिति में विशेषज्ञ डॉक्टरों को हेली सेवा के माध्यम से भेजने की व्यवस्था पर चर्चा हुई। साथ ही, संस्थागत एम्बुलेंस सेवाओं को 108 की तर्ज पर और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
