Aapki Media AI
सतपुली (पौड़ी गढ़वाल) | 02 मई, 2026 : उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के सतपुली क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेतपुर क्षेत्र के रहने वाले 20 वर्षीय युवक पंकज कुमार ने शनिवार सुबह फंदे से लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। आत्महत्या से पहले युवक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर स्थानीय पुलिस पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।
इंस्टाग्राम वीडियो और सुसाइड नोट में पुलिस पर वार
पंकज कुमार ने मौत को गले लगाने से पहले इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उसका दर्द और पुलिस के प्रति आक्रोश साफ झलक रहा था।
- अभद्र व्यवहार का आरोप: वीडियो में युवक ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी (एसएचओ) और पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की और अभद्र व्यवहार किया।
- सुनवाई न होने का दर्द: उसने कहा कि पुलिस ने उसकी बात सुने बिना ही कार्रवाई कर दी。
- परिवार का अपमान: युवक के मुताबिक, थाने में उसके परिवार के साथ भी गलत भाषा का इस्तेमाल किया गया।
- सुसाइड नोट: उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि "पुलिस में इंसानियत नहीं है" और अपनी मौत के लिए सीधे तौर पर पुलिस को जिम्मेदार ठहराया。
बाइक से था गहरा लगाव, सीज होने से टूटा दिल
परिजनों के अनुसार, पंकज को अपनी बाइक से बेहद लगाव था। हाल ही में पुलिस द्वारा उसकी बाइक सीज किए जाने की घटना ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया था।
- मानसिक परेशानी: बाइक सीज होने के बाद से वह लगातार अपमानित महसूस कर रहा था और काफी परेशान रहता था।
- भावुक लगाव: परिजनों ने बताया कि आत्महत्या के समय भी पंकज ने हेलमेट पहन रखा था, जो उसकी बाइक के प्रति दीवानगी और लगाव को दर्शाता है।
- परिजनों का आरोप: मृतक की मां का कहना है कि पंकज अपनी बाइक से बहुत जुड़ा था और उसके सीज होने के बाद वह अंदर से टूट चुका था。
घटनाक्रम: पुल के पास मिला शव
शनिवार सुबह पंकज बिना बताए घर से निकल गया था। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।
| विवरण | जानकारी |
| मृतक का नाम | पंकज कुमार (20 वर्ष) |
| निवासी | रेतपुर क्षेत्र, सतपुली |
| घटना स्थल | रेतपुर भिताड़ा पुल के पास |
| सूचना का माध्यम | डायल 112 |
तलाश के दौरान परिजनों को पंकज का शव पुल के पास फंदे से लटका मिला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को नीचे उतारा और मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रशासन पर उठते सवाल
इस घटना ने स्थानीय पुलिस की संवेदनशीलता पर बड़े सवाल दाग दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि यदि उस समय युवक को सही तरीके से समझाया जाता और उसके साथ मानवीय व्यवहार किया जाता, तो शायद वह यह आत्मघाती कदम नहीं उठाता। अब देखना होगा कि उच्चाधिकारी इस मामले में इंस्टाग्राम वीडियो और सुसाइड नोट के आधार पर क्या कार्रवाई करते हैं।

