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देहरादून, 13 जून, 2026: भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी निष्पक्ष, पारदर्शी और शुद्ध मतदाता सूची (Voter List) होती है। इसी लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, अद्यतन (Updated) तथा त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से जनपद देहरादून में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम का शंखनाद हो चुका है। शनिवार को आईटी पार्क, देहरादून के परिसर में स्वीप (SVEEP - Systematic Voters' Education and Electoral Participation) कार्यक्रम के अंतर्गत एक भव्य और व्यापक 'मतदाता जागरूकता गोष्ठी' का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने इस अभियान को एक सरकारी प्रक्रिया के बजाय एक जन आंदोलन (People's Movement) बनाने की पुरजोर अपील की। इस ऐतिहासिक अवसर पर जिलाधिकारी ने मतदाता जागरूकता रथों (Awareness Chariots) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जनपद के विभिन्न वार्डों, सुदूरवर्ती क्षेत्रों और शहरी बस्तियों में भ्रमण कर नागरिकों को वोट के अधिकार के प्रति जागरूक करेंगे। प्रशासन का यह कदम आगामी चुनावों के मद्देनजर हर एक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
7 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान: बीएलओ का 'डोर-टू-डोर' मिशन शुरू
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग के सख्त और विधिक निर्देशों के अनुपालन में यह अभियान पूरी तरह से फास्ट ट्रैक मोड (Fast Track Mode) में संचालित किया जा रहा है।
- अभियान की समयावधि: यह विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 07 जुलाई, 2026 तक निरंतर जारी रहेगा।
- मृत व डुप्लीकेट नामों पर कैंची: इस अवधि के दौरान जहां एक ओर सभी छूटे हुए और नए पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे, वहीं दूसरी ओर मृत (Deceased), स्थानांतरित (Shifted), अनुपस्थित (Absent) तथा डुप्लीकेट (Duplicate) मतदाताओं के नामों को विधिक प्रक्रिया के तहत सूची से हटाकर शुद्धिकरण किया जाएगा।
- बीएलओ की सक्रियता: आगामी 7 जुलाई तक जनपद के सभी बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर 'गणना प्रपत्रों' (Enumeration Forms) का वितरण और संकलन कर रहे हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे बीएलओ के उनके घर आगमन पर उन्हें सही और प्रामाणिक डेटा उपलब्ध कराएं।
देहरादून मतदाता पुनरीक्षण अभियान 2026: सांख्यिकी एवं प्रगति मैट्रिक्स
जनपद देहरादून के 10 विधानसभा क्षेत्रों, मतदेय स्थलों, पंजीकृत मतदाताओं और वर्तमान अभियान की डिजिटल व भौतिक प्रगति का संपूर्ण प्रशासनिक लेखा-जोखा इस तालिका में संकलित है:
1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष पूरे करने वाले युवाओं के लिए सुनहरा मौका: भरें फॉर्म-6
इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण फोकस उन युवा नागरिकों पर है जो पहली बार मुख्यधारा के लोकतंत्र का हिस्सा बनने जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जिन युवाओं की आयु 01 जुलाई, 2026 तक 18 वर्ष पूर्ण हो रही है या हो चुकी है, वे सभी नए पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए विधिक रूप से हकदार हैं।
इसके लिए वे अपने संबंधित क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क करके या सीधे ऑनलाइन माध्यम से आवेदन फार्म-6 (Form-6) जमा कर सकते हैं। डॉ. चौहान ने कॉलेजों, तकनीकी संस्थानों और सामाजिक संगठनों से आह्वान किया कि वे अपने आस-पास के 18-19 वर्ष के युवाओं को इस अभियान से जोड़ें, ताकि कोई भी युवा अपने मताधिकार से वंचित न रह जाए।
डिजिटल इंडिया का असर: 'बुक ए कॉल विद बीएलओ' और 1950 टोल-फ्री नंबर जारी
चुनाव आयोग ने इस बार आम जनता की सहूलियत के लिए तकनीकी सुविधाओं को अत्यधिक अपग्रेड किया है, ताकि नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। मतदाता सूची में नाम जांचने और सुधारने के लिए निम्नलिखित डिजिटल और विधिक विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं:
डिजिटल मतदाता सहायता प्रणालियां (Digital Voter Support Platforms):
- ईसीआई-नेट प्लेटफॉर्म (ECI-NET): उत्तराखंड निर्वाचन आयोग के इस आधिकारिक वेब पोर्टल के माध्यम से कोई भी नागरिक घर बैठे अपने नाम, पते, और पोलिंग बूथ की सटीक विधिक जानकारी प्राप्त कर सकता है।
- ‘‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’’ (Book a Call with BLO): यह एक बेहद अनूठी और नई नागरिक-केंद्रित सुविधा है। इसके जरिए मतदाता सीधे अपने मोबाइल से संबंधित बीएलओ के साथ कॉल शेड्यूल कर सकते हैं और बिना किसी दलाल या बिचौलिए के अपने दस्तावेजों का सत्यापन करा सकते हैं।
- राष्ट्रीय मतदाता टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर - 1950: यदि किसी नागरिक को मतदाता सूची, नाम जुड़वाने या कटवाने में किसी भी प्रकार की तकनीकी या व्यावहारिक समस्या आ रही है, तो वे सीधे निर्वाचन आयोग के टोल-फ्री नंबर 1950 पर कॉल करके निशुल्क विधिक सहायता और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
वोटर लिस्ट शुद्धिकरण: जागरूक नागरिक के 4 मुख्य विधिक कर्तव्य
एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक होने के नाते, देहरादून के सभी निवासियों को 7 जुलाई 2026 से पहले निम्नलिखित चार बिंदुओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए:
- बीएलओ को सही जानकारी देना: जब बीएलओ गणना प्रपत्र लेकर आपके घर आएं, तो परिवार के सभी सदस्यों के नाम और जन्मतिथि की सही जानकारी दें। यदि परिवार का कोई सदस्य स्थायी रूप से बाहर चला गया है या विवाहित होकर अन्यत्र शिफ्ट हो गया है, तो उसकी भी स्पष्ट विधिक सूचना दें।
- मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर नाम हटवाना: यदि परिवार में किसी मतदाता सदस्य की मृत्यु हो चुकी है, तो समाज और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य निभाते हुए उसका नाम मतदाता सूची से हटवाने के लिए आवश्यक प्रपत्र भरें, ताकि फर्जी मतदान की संभावनाओं को जड़ से खत्म किया जा सके।
- डुप्लीकेट एंट्री (Duplicate Entry) की समाप्ति: यदि आपका नाम पूर्व में किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र या राज्य में दर्ज था और अब आप देहरादून में रह रहे हैं, तो पुराने स्थान से नाम कटवाने और नए स्थान पर जोड़ने का विधिक आवेदन अवश्य करें। एक नागरिक का नाम दो जगह होना कानूनी अपराध है।
- डेटा डिजिटलाइजेशन की जांच: बीएलओ को फॉर्म जमा करने के बाद ईसीआई-नेट पोर्टल पर जाकर यह सुनिश्चित करें कि आपका डेटा ऑनलाइन अपडेट हुआ है या नहीं। अब तक जिले में 35,476 प्रपत्रों को डिजिटल किया जा चुका है, और यह काम रोजाना युद्धस्तर पर चल रहा है।
आईटी पार्क गोष्ठी में उमड़ा जनसैलाब: प्रबुद्ध नागरिकों और पार्षदों ने लिया संकल्प
आईटी पार्क में आयोजित इस स्वीप (SVEEP) गोष्ठी में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पार्षदों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में स्वीप कार्यक्रम के नोडल अधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल ने गोष्ठी में उपस्थित सभी प्रबुद्ध नागरिकों, छात्र-छात्राओं और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
इस ऐतिहासिक जन-जागरूकता गोष्ठी में जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र प्रसाद देवली, स्थानीय पार्षद संजीव बंसल, पार्षद अभिषेक पंत सहित भारी संख्या में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद थे। सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे अपने-अपने वार्डों और मोहल्लों में शत-प्रतिशत मतदाता सूची के शुद्धिकरण को सुनिश्चित करेंगे।
लोकतंत्र की शुचिता के लिए मील का पत्थर है यह विशेष पुनरीक्षण अभियान
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान के नेतृत्व में देहरादून जनपद में शुरू किया गया यह विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि लोकतंत्र की शुचिता (Purity) को बनाए रखने का एक महा-यज्ञ है। अक्सर चुनावों के दौरान यह शिकायतें देखने को मिलती हैं कि कई पात्र नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से गायब होते हैं या फिर मृत लोगों के नाम सूची में बने रहते हैं। इन सभी विसंगतियों और मानवीय त्रुटियों को दूर करने के लिए चुनाव आयोग का यह 'डोर-टू-डोर' और 'फास्ट ट्रैक' अभियान एक बेहतरीन विधिक उपाय है।
प्रशासन ने 13,76,813 मतदाताओं वाले इस विशाल जनपद में लगभग 47.96 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का वितरण कर अपनी प्रशासनिक मुस्तैदी का परिचय दे दिया है। अब जिम्मेदारी देहरादून के आम नागरिकों, युवाओं और प्रबुद्ध समाज की है कि वे आगे आएं। 'बुक ए कॉल विद बीएलओ' और टोल-फ्री नंबर 1950 जैसी अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाओं का उपयोग करके नागरिक इस अभियान को पूरी तरह सफल बना सकते हैं। 07 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस महा-अभियान में हमारा एक सक्रिय सहयोग देश के लोकतंत्र को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाएगा।
