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जीवनवाला (डोईवाला/देहरादून), 08 अगस्त, 2026: देवभूमि उत्तराखंड में पवित्र गंगा नदी के संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और समाज में महिलाओं को नेतृत्वकारी भूमिका में स्थापित करने के ध्येय से 'स्पर्श गंगा अभियान' निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है। शनिवार, 08 अगस्त, 2026 को डोईवाला ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम जीवनवाला स्थित सामुदायिक भवन में एक भव्य 'महिला सशक्तिकरण एवं सम्मान समारोह' का आयोजन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।
समारोह में मुख्य अतिथि, क्षेत्रीय जन-प्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने शिरकत कर महिला सशक्तिकरण, गंगा स्वच्छता, समाज सेवा तथा संस्कार-आधारित जन-आंदोलन पर गहन विचार-विमर्श किया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि एक शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर महिला ही परिवार, समाज और संपूर्ण राष्ट्र की वास्तविक शक्ति होती है। जब महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और नेतृत्व प्रदान किया जाएगा, तभी भारत 2047 के अपने 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा।
स्पर्श गंगा अभियान: केवल नदी संरक्षण नहीं, सामूहिक उत्तरदायित्व का जनआंदोलन
समारोह के दौरान स्पर्श गंगा अभियान के मूल सुशासन दर्शन और सामाजिक मूल्यों को रेखांकित किया गया:
- संस्कार और सामूहिक उत्तरदायित्व: स्पर्श गंगा केवल जल निकायों की सफाई का अभियान नहीं है, बल्कि यह समाज में सेवा, संस्कार और प्रकृति के प्रति नैतिक जिम्मेदारी का एक क्रेडिबल जन-आंदोलन बन चुका है।
- गंगा और मातृशक्ति का अटूट संबंध: उत्तराखंड की जीवनदायिनी गंगा नदी के अविरल और निर्मल प्रवाह को बनाए रखने के लिए महिलाओं की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। ग्रामीण स्तर पर महिलाएं ही स्वच्छता और कचरा प्रबंधन का प्राथमिक नेतृत्व संभालती हैं।
- आत्मनिर्भर नारी से समृद्ध भारत: जब तक ग्रामीण क्षेत्रों की मातृशक्ति को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से सबल नहीं बनाया जाता, तब तक समावेशी विकास (Inclusive Growth) अधूरा है।
जीवनवाला स्पर्श गंगा समारोह 2026: मुख्य प्रशासनिक व सामाजिक घटक मैट्रिक्स
08 अगस्त, 2026 को जीवनवाला सामुदायिक भवन में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य सांख्यिकीय डेटा और पंचायती राज नेतृत्व का प्रामाणिक संकलन इस तालिका में प्रस्तुत है:
| सामाजिक एवं नीतिगत घटक | कार्यक्रम विवरण एवं मुख्य गतिविधि | नोडल आयोजक/पंचायत इकाई | सुशासन व समाज पर क्रेडिबल प्रभाव |
| मुख्य आयोजन स्थल | सामुदायिक भवन, ग्राम जीवनवाला (डोईवाला) | स्पर्श गंगा अभियान केंद्रीय सेल | ग्रामीण सामुदायिक भवनों का क्रेडिबल सामाजिक चेतना हेतु उपयोग। |
| मुख्य विषय (Core Themes) | महिला सशक्तिकरण, गंगा संरक्षण व समाज सेवा | स्पर्श गंगा अभियान/ग्राम पंचायत | महिलाओं के आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का एकीकृत मॉडल। |
| ग्राम पंचायत नेतृत्व | गुरजीत सिंह (ग्राम प्रधान, जीवनवाला) | पंचायती राज विभाग, उ.नि. | ग्राम स्तर पर ठोस कचरा प्रबंधन और स्वच्छता नीतियों का क्रियान्वयन। |
| उप-पंचायत नेतृत्व | दीवान सिंह सजवान (उपप्रधान, जीवनवाला) | स्थानीय पंचायत कार्यकारिणी | ग्रामीण युवाओं और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को जोड़ने का कार्य। |
त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रतिनिधियों एवं प्रमुख समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति
जीवनवाला में आयोजित इस सम्मान समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की वृहद भागीदारी देखने को मिली, जिन्होंने गांव को स्वच्छ और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति:
- ग्राम पंचायत कमान: श्री गुरजीत सिंह (ग्राम प्रधान, जीवनवाला) तथा श्री दीवान सिंह सजवान (उपप्रधान, जीवनवाला)।
- पंचायत कार्यकारिणी सदस्य: श्रीमती अंजू बिजलवाण, श्रीमती कृष्णा गेरोला, श्रीमती डिंपल सैनी, श्री संजय पाल, श्री अजीत सिंह हन्नी, तथा श्रीमती परविंदर कौर।
- सामाजिक भागीदारी: क्षेत्र के अनेक गणमान्य समाजसेवियों और महिला मंगल दलों (MMD) की सक्रिय उपस्थिति से कार्यक्रम में भारी उत्साह देखा गया।
स्पर्श गंगा एवं ग्राम्य विकास सुशासन के 4 मुख्य नीतिगत स्तंभ
समारोह में सर्वसम्मति से पारित चार प्रमुख क्रेडिबल सामाजिक व पर्यावरणीय संकल्प इस प्रकार हैं:
- ग्राम पंचायत स्तर पर प्लास्टिक बैन: जीवनवाला ग्राम क्षेत्र में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को शून्य करने हेतु महिलाओं की निगरानी समिति का गठन।
- स्वयं सहायता समूहों का सुदृढ़ीकरण: एनआरएलएम (NRLM) योजना के माध्यम से गांव की महिलाओं को लघु उद्योगों और हस्तशिल्प से जोड़कर क्रेडिबल स्वरोजगार देना।
- गंगा प्रहरी टोलियों की स्थापना: बरसाती नालों और रैलियों के माध्यम से स्थानीय नदियों में कचरा प्रवाह रोकने हेतु युवाओं व महिलाओं का टास्क फोर्स।
- मूल्यों एवं संस्कारों का बीजारोपण: नई पीढ़ी के बच्चों में नदियों, वनों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति क्रेडिबल नागरिक बोध जगाना।
देवभूमि में जागृत होती नई सामाजिक चेतना
08 अगस्त, 2026 को ग्राम जीवनवाला के सामुदायिक भवन में आयोजित यह स्पर्श गंगा महिला सशक्तिकरण एवं सम्मान समारोह देवभूमि उत्तराखंड में जमीनी सुशासन (Grassroots Governance) की एक क्रेडिबल मिसाल है। ग्राम प्रधान गुरजीत सिंह, उपप्रधान दीवान सिंह सजवान और महिला पंचायत सदस्यों की एकमंच पर उपस्थिति यह दर्शाती है कि जब पंचायती राज व्यवस्था और सामाजिक आंदोलन आपस में हाथ मिलाते हैं, तो पर्यावरण और महिला सशक्तीकरण का संदेश केवल नारों तक सीमित न रहकर वास्तविक प्रशासनिक व सामाजिक धरातल पर उतरता है। जीवनवाला से उठी यह आवाज़ पूरे प्रदेश में गंगा स्वच्छता और नारी सम्मान की नई अलख जगाएगी।