Aapki Media AI
देहरादून/बाजपुर (ऊधमसिंहनगर), 22 सितंबर, 2026: राज्य में साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार और पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन हॉट स्पॉट' के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की साइबर कुमाऊँ यूनिट ने राज्य में पहली बार संचालित हो रहे अवैध SIM Box टेलीकॉम गेटवे का पर्दाफाश किया है।
दूरसंचार विभाग (DoT) से प्राप्त तकनीकी इनपुट के आधार पर एसटीएफ साइबर टीम ने बाजपुर के मुड़िया (ईदगाह के पास) स्थित एक मकान पर दबिश देकर अवैध नेटवर्क का संचालन कर रहे मुख्य अभियुक्त कादिर (24 वर्ष) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
विदेशी VoIP कॉल्स को लोकल नंबर में बदलने का खेल; 'डिजिटल अरेस्ट' और साइबर ठगी में इस्तेमाल
एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अंतरराष्ट्रीय एवं इंटरनेट (VoIP) कॉल्स को भारतीय लोकल मोबाइल नंबरों में परिवर्तित कर देता था:
- पहचान छिपाने का पैंतरा: विदेशी नंबरों को भारतीय लोकल नंबरों के रूप में प्रदर्शित करने से कॉल प्राप्त करने वाले व्यक्ति को फर्जीवाड़े का संदेह नहीं होता था और मुख्य कॉलर की वास्तविक पहचान व लोकेशन छिप जाती थी।
- डिजिटल अरेस्ट में इस्तेमाल: इस अवैध तकनीक का उपयोग बड़े पैमाने पर फर्जी पुलिस/सीबीआई अधिकारी बनकर 'डिजिटल अरेस्ट' करने, ठगी करने और राज्य के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने में किया जा रहा था।
- बांग्लादेशी साइबर अपराधियों से संपर्क: आरोपी पिछले 7 महीनों से बाजपुर में यह गेटवे चला रहा था। जांच में उसका नेटवर्क बांग्लादेश के साइबर अपराधियों से जुड़ा होने और अवैध वित्तीय लाभ प्राप्त करने की पुष्टि हुई है।
- पुराना आपराधिक इतिहास: अभियुक्त पूर्व में भी वर्ष 2023 में मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) के थाना कटघर से सिम बॉक्स चलाने व गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार हो चुका है और वर्तमान में जमानत पर बाहर था।
अवैध SIM Box गेटवे भंडाफोड़ 2026: बरामदगी व केस विवरण
22 सितंबर, 2026 को एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा जारी अधिकृत विवरण:
| कार्यवाही व मामला | विवरण व बरामद उपकरण | अभियुक्त एवं स्थान | आपराधिक प्रभाव व नेटवर्क |
| गिरफ्तार अभियुक्त | कादिर (24 वर्ष), निवासी मुरादाबाद (उ.प्र.) | दबिश स्थल: मुड़िया, बाजपुर (ऊधमसिंहनगर) | पूर्व में कटघर (मुरादाबाद) से सिम बॉक्स व गैंगस्टर एक्ट में नामजद। |
| प्रमुख बरामदगी | • 02 SIM Box (32 स्लॉट) • 114 Airtel SIM कार्ड • 77 SIM Box एंटीना | • 01 Airtel राउटर, Samsung A35 मोबाइल • LAN/USB केबल, फाइबर वायर, मीडिया कन्वर्टर | फर्जी दस्तावेजों पर जारी सिम का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग। |
| कार्रवाई करने वाली टीम | एसटीएफ साइबर कुमाऊँ यूनिट (निरीक्षक अरुण कुमार व एम.पी. सिंह के नेतृत्व में) | मार्गदर्शन: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (STF) | DoT (दूरसंचार विभाग) के समन्वय से तकनीकी सर्विलांस। |
SIM Box अवैध टेलीकॉम गेटवे से जुड़े 4 मुख्य साइबर सुरक्षा पहलू
एसटीएफ जांच में सामने आई मुख्य साइबर सुरक्षा चेतावनियां:
- कॉलर आईडी स्पूफिंग (VoIP Conversion): अंतरराष्ट्रीय कॉल्स को स्थानीय भारतीय नंबरों के रूप में दिखाकर साइबर ठगी को अंजाम देना।
- फर्जी सिम कार्ड नेटवर्क: दूसरों के पहचान पत्रों (ID) का दुरुपयोग कर थोक में जारी कराए गए सिम कार्डों का प्रयोग।
- अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क: बांग्लादेशी और विदेशी साइबर अपराधियों के साथ वित्तीय एवं तकनीकी साठगांठ।
- राजस्व व सुरक्षा को नुकसान: वैध अंतरराष्ट्रीय टेलीकॉम रूट को बाइपास कर सरकारी राजस्व और दूरसंचार कंपनियों को आर्थिक चपत लगाना।
एसटीएफ की कड़ी चेतावनी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (STF) ने बताया कि राज्य में फर्जी दस्तावेजों पर सिम उपलब्ध कराने वाले एजेंटों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य वित्तीय व तकनीकी सहयोगियों की सघन जांच की जा रही है। साइबर अपराधियों के खिलाफ अत्याधुनिक फॉरेंसिक संसाधनों के माध्यम से कड़ी वैधानिक कार्यवाही जारी रहेगी।