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देहरादून, 17 सितंबर, 2026: उत्तराखण्ड कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की 'अग्निवीर योजना' को लेकर तीखा हमला बोला।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि चार वर्ष की अल्पावधि सैन्य सेवा योजना देश के युवाओं, विशेष रूप से उत्तराखण्ड जैसे सैन्य बहुल प्रदेश के युवाओं के भविष्य और राज्य की गौरवशाली सैन्य परंपरा के साथ खिलवाड़ है।
4 वर्ष की सेवा के बाद अनिश्चितता, पेंशन व सामाजिक सुरक्षा पर खड़े किए सवाल
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और सैन्य प्रकोष्ठ के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी:
- गणेश गोदियाल (प्रदेश अध्यक्ष): उन्होंने कहा कि 17-18 वर्ष की आयु में सेना में जाने वाला युवा 21-22 वर्ष की उम्र में सेवामुक्त होकर पुनः बेरोजगारी के मुहाने पर खड़ा हो जाएगा। सेना केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि जीवनभर का अनुशासन और सम्मान है, जिसे 4 वर्ष के कांट्रैक्ट में नहीं बांधा जा सकता।
- प्रीतम सिंह (अध्यक्ष, चुनाव अभियान समिति): उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के हजारों परिवार पीढ़ियों से सेना को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा का आधार मानते आए हैं। नियमित सैनिकों और अग्निवीरों के बीच वेतन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा का भारी अंतर अनुचित है। 75 प्रतिशत सेवामुक्त होने वाले युवाओं के लिए सरकार के पास कोई ठोस रोडमैप नहीं है।
- डॉ. हरक सिंह रावत (अध्यक्ष, चुनाव प्रबंधन समिति): उन्होंने मांग की कि केवल विभिन्न विभागों में आरक्षण के दावे पर्याप्त नहीं हैं; सरकार सार्वजनिक करे कि अब तक कितने अग्निवीरों को पक्की सरकारी नौकरी मिली है। सेना को रोजगार के आंकड़े सुधारने की प्रयोगशाला न बनाया जाए।
- कर्नल राम रतन नेगी (अध्यक्ष, सैनिक विभाग): उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पहले प्रतिवर्ष जहां लगभग 80,000 से 1 लाख युवाओं को नियमित रोजगार मिलता था, वहीं अब अग्निवीर में 47,000 की भर्ती में से केवल 25 प्रतिशत (लगभग 12,000) ही स्थायी सेवा पा सकेंगे।
अग्निवीर योजना विवाद 2026: कांग्रेस प्रेस वार्ता व मांग पत्र
17 सितंबर, 2026 को देहरादून कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता का संक्षिप्त ब्योरा:
| राजनीतिक / नीतिगत घटक | कांग्रेस द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु व मांगें | नोडल वक्ता व दल | प्रादेशिक व सैन्य सुशासन प्रभाव |
| मुख्य आरोप | 4 वर्ष बाद 75% युवाओं के भविष्य में अनिश्चितता | गणेश गोदियाल व प्रीतम सिंह | पर्वतीय रोजगार व सैन्य परिवारों की आर्थिक सुरक्षा। |
| भर्ती आंकड़ों में अंतर | वार्षिक स्थायी भर्ती 1 लाख से घटकर ~12,000 होना | कर्नल राम रतन नेगी (सैनिक प्रकोष्ठ) | सैन्य बलों में अनुभव व अनुशासन निरंतरता का मुद्दा। |
| प्रमुख मांगें | 1. सेना में नियमित भर्ती प्रक्रिया बहाल हो। 2. विशेष रिहैबिलिटेशन पैकेज व पक्का रोजगार मिले। | उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी | राज्य में युवाओं हेतु विशेष भर्ती नीति की पैरवी। |
| समीक्षा की मांग | योजना की स्वतंत्र समीक्षा व पेंशन-सुरक्षा | डॉ. हरक सिंह रावत | आगामी प्रादेशिक व राष्ट्रीय राजनीति पर असर। |
प्रेस वार्ता में उपस्थित प्रमुख नेता
इस संयुक्त पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सैन्य भर्ती व युवा सुरक्षा पर कांग्रेस के 4 मुख्य नीतिगत सवाल
कांग्रेस द्वारा सरकार से पूछे गए प्रमुख प्रश्न:
- स्थायी रोजगार का आंकड़ा: चार वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद अब तक कितने अग्निवीरों को विभिन्न राज्यों में पक्की सरकारी नौकरी प्राप्त हुई?
- नियमित भर्ती के रिक्त पद: भारतीय सेना में रिक्त पड़े नियमित पदों को समयबद्ध तरीके से भरने की क्या समय-सीमा है?
- उत्तराखण्ड विशेष नीति: क्या सैन्य बहुल राज्य उत्तराखण्ड के युवाओं के लिए पृथक भर्ती कोटा और पुनर्वास योजना बनाई जाएगी?
- स्वतंत्र समीक्षा: क्या सरकार अग्निवीर योजना के प्रभावों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष समीक्षा कराने को तैयार है?
सैन्य बहुल राज्य में रोजगार बहस तेज
17 सितंबर, 2026 को देहरादून में आयोजित कांग्रेस की यह प्रेस वार्ता उत्तराखण्ड की राजनीति में 'सैन्य सेवा' और 'युवा रोजगार' के मुद्दे को केंद्र में लाती है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह मजबूत सेना और युवाओं के सम्मानजनक, सुरक्षित भविष्य के लिए इस मुद्दे को जन-जन तक ले जाएगी।