देहरादून में KGCCI के 'गढ़वाल चैप्टर' का भव्य शंखनाद; मनमोहन भारद्वाज बने अध्यक्ष, धामी सरकार ने ₹1 लाख करोड़ के निवेश को उतारा धरातल पर


Aapki Media AI


देहरादून, 25 मई, 2026: उत्तराखंड को देश का अग्रणी औद्योगिक राज्य बनाने और निवेश अनुकूल वातावरण को धरातल पर मजबूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया गया है। राजधानी देहरादून के एक प्रतिष्ठित स्थानीय होटल में आयोजित अत्यंत गरिमापूर्ण और भव्य समारोह के दौरान 'कुमाऊं गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री' (KGCCI) के बहुप्रतीक्षित 'गढ़वाल चैप्टर' (Garhwal Chapter) की विधिवत स्थापना की गई। यह मील का पत्थर न केवल कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों के बीच औद्योगिक समन्वय को बढ़ाएगा, बल्कि राज्य के एमएसएमई (MSME) और बड़े उद्योगों को एक एकीकृत वैश्विक मंच भी प्रदान करेगा।

 

देहरादून में KGCCI के 'गढ़वाल चैप्टर' का भव्य शंखनाद

 


इस ऐतिहासिक और उच्च स्तरीय व्यापारिक कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ उत्तराखंड शासन के प्रमुख सचिव श्री आरके सुधांशु ने पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस गौरवमयी अवसर पर उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल और प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने संयुक्त रूप से गढ़वाल चैप्टर के नवनियुक्त अध्यक्ष मनमोहन भारद्वाज और उनकी कोर टीम के 19 मनोनीत सदस्यों को केजीसीसीआई की आधिकारिक सदस्यता के प्रमाण पत्र और दायित्व पत्र सौंपे। समारोह में पूरे प्रदेश से जुटे 150 से अधिक दिग्गज उद्योगपतियों ने राज्य के आर्थिक कायाकल्प पर गहन मंथन किया।


कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की घोषणा: "उद्योग हैं राज्य के विकास की रीढ़; सरकार का रवैया हमेशा सहयोगात्मक"


समारोह के मुख्य अतिथि और उत्तराखंड के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अपने संबोधन में राज्य की आर्थिक प्रगति की पूरी रूपरेखा देश के सामने रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी राज्य तब तक आत्मनिर्भर और प्रगतिशील नहीं बन सकता, जब तक कि वहां का औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र (Industrial Ecosystem) मजबूत न हो।


कैबिनेट मंत्री उनियाल ने सरकार की नीतियों को रेखांकित करते हुए कहा:


 

 

"उत्तराखंड के गठन के समय से ही राज्य सरकार का रवैया उद्योगों और निवेशकों के प्रति हमेशा सकारात्मक, उदार और अत्यंत सहयोगात्मक रहा है। यही वजह है कि आज भारत ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़े-बड़े बहुराष्ट्रीय कॉरपोरेट घरानों और उद्योगपतियों ने देवभूमि को अपनी पहली पसंद चुनकर यहां अपने प्लांट स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार ने केवल कागजी समझौतों (MoUs) पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि रिकॉर्ड 1 लाख करोड़ रुपये के उद्योगों को धरातल पर (Grounding of Investment) स्थापित करने का ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कार्य करके दिखाया है। उद्योग हमारी आर्थिकी की रीढ़ हैं और इनका संरक्षण हमारी प्राथमिकता है।"


KGCCI गढ़वाल चैप्टर की स्थापना एवं संगठनात्मक ढांचा 

गढ़वाल मंडल में व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देने के लिए गठित नए चैप्टर और राज्य के औद्योगिक विकास के आंकड़ों को इस तालिका के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है:

 

मुख्य बिंदु / संगठनात्मक पहलूआधिकारिक विवरण एवं पदाधिकारीसामरिक व आर्थिक प्रभाव
नवनियुक्त अध्यक्ष (President)मनमोहन भारद्वाज (प्रसिद्ध उद्यमी)गढ़वाल मंडल के सभी 7 जिलों में औद्योगिक नेटवर्किंग का विस्तार करना।
कार्यकारिणी टीम का आकार19 नामांकित कोर सदस्यविभिन्न क्षेत्रों (फार्मा, आईटी, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग) का प्रतिनिधित्व।
समारोह के मुख्य अतिथिकैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल व प्रमुख सचिव आरके सुधांशुसरकारी नीतियों और उद्योगपतियों के बीच बेहतर तालमेल की पुष्टि।
धामी सरकार की बड़ी उपलब्धि₹1,00,000 करोड़ का धरातलीय निवेशराज्य के इतिहास में सबसे बड़ा ग्राउंडेड इन्वेस्टमेंट, जिससे लाखों रोजगार सृजित हुए।
कुल प्रतिभागी संख्या150+ से अधिक शीर्ष उद्योगपतिपूरे उत्तराखंड के औद्योगिक अंचलों (सिडकुल हरिद्वार, पंतनगर, सेलाकुई) से प्रतिनिधित्व।

प्रमुख सचिव आरके सुधांशु का तकनीकी विश्लेषण: "उद्योगों के अनुकूल है उत्तराखंड का वातावरण"


उत्तराखंड शासन के प्रमुख सचिव श्री आरके सुधांशु ने प्रशासनिक और नीतिगत मोर्चे पर राज्य की ताकत को उद्योगपतियों के सामने रखा। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम (Single Window System) और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) के मामले में उत्तराखंड आज देश के शीर्ष राज्यों की श्रेणी में खड़ा है।


उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में उद्योगों की स्थापना के लिए प्राकृतिक रूप से और प्रशासनिक रूप से एक आदर्श और बेहद अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति, शांत औद्योगिक श्रम संबंध (Industrial Peace) और बेहतरीन कनेक्टिविटी के कारण पिछले कुछ वर्षों में बहुत तेजी के साथ औद्योगिकरण (Rapid Industrialization) हुआ है। सरकार लगातार औद्योगिक क्षेत्रों जैसे सेलाकुई, हरिद्वार, और सिडकुल के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड कर रही है ताकि आने वाले समय में वैश्विक स्तर की मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां यहाँ आ सकें।


केंद्रीय अध्यक्ष पवन अग्रवाल का दृष्टिकोण: "दुरुस्त कानून व्यवस्था है हमारी सबसे बड़ी ताकत"


केजीसीसीआई (KGCCI) के केंद्रीय अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने उत्तराखंड के सुरक्षित व्यापारिक माहौल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्योगपति के लिए निवेश करने से पहले सबसे बड़ी चिंता वहां की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की होती है।


उत्तराखंड को उद्योगों का स्वर्ग बनाने वाले 4 मुख्य स्तंभ


अध्यक्ष पवन अग्रवाल और नव नियुक्त पदाधिकारियों के वक्तव्यों के आधार पर उत्तराखंड के औद्योगिक परिवेश की चार प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:


  • सुरक्षित और दुरुस्त कानून-व्यवस्था: उत्तराखंड में देश के अन्य औद्योगिक राज्यों की तुलना में अपराध दर नगण्य है। यहाँ उद्योगों को किसी भी प्रकार की जबरन वसूली या असामाजिक तत्वों का सामना नहीं करना पड़ता, जो उद्योगपतियों को एक भयमुक्त और पारदर्शी वातावरण देता है।
  • गढ़वाल मंडल में व्यापक विस्तार: केजीसीसीआई जो अब तक कुमाऊं क्षेत्र में बेहद सक्रिय था, वह अब गढ़वाल मंडल के सुदूर और पहाड़ी क्षेत्रों में भी अपने संगठन का व्यापक स्तर पर विस्तार करेगा ताकि पर्वतीय क्षेत्रों में कुटीर और लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सके।
  • पॉलिसी पैरालिसिस का खात्मा: धामी सरकार द्वारा बनाई गई नई लॉजिस्टिक्स नीति, सौर ऊर्जा नीति और एमएसएमई नीति-2021 ने लालफीताशाही को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जिससे फाइलें अब महीनों तक नहीं अटकतीं।
  • स्थानीय युवाओं को रोजगार: केजीसीसीआई और राज्य सरकार का साझा लक्ष्य है कि इन उद्योगों के माध्यम से कम से कम 70% स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले, जिससे पहाड़ों से होने वाले पलायन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

 

नवनियुक्त अध्यक्ष मनमोहन भारद्वाज का संकल्प: "सरकार और उद्योगपतियों के बीच सेतु बनेगा केजीसीसीआई"

 

दायित्व और प्रमाण पत्र ग्रहण करने के बाद गढ़वाल चैप्टर के नवनियुक्त अध्यक्ष मनमोहन भारद्वाज ने अपनी भावी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व और कैबिनेट मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि गढ़वाल चैप्टर केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेगा। इसका विस्तार पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग और हरिद्वार के अंतिम छोर तक किया जाएगा।

भारद्वाज ने कहा:

"हमारा संगठन राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए पुष्कर सिंह धामी सरकार को अपना शत-प्रतिशत और पूर्ण रचनात्मक सहयोग प्रदान करेगा। हमारा मुख्य उद्देश्य नीतिगत विसंगतियों को दूर करना और नए उद्यमियों (Startups) को हैंडहोल्डिंग सपोर्ट देना है। हम सरकार के सामने उद्योगपतियों की जायज समस्याओं को मजबूती से रखेंगे और सरकार की जनकल्याणकारी व औद्योगिक योजनाओं को धरातल पर लागू करवाने में एक मजबूत 'सेतु' (Bridge) की भूमिका निभाएंगे।"

 

डेढ़ सौ से ज्यादा उद्योगपतियों का महासमागम; राष्ट्रगान से हुआ समापन


इस ऐतिहासिक स्थापना समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें सिडकुल हरिद्वार, पंतनगर (उधमसिंह नगर), सेलाकुई (देहरादून), कोटद्वार और काशीपुर जैसे बड़े औद्योगिक हब से 150 से अधिक शीर्ष उद्योगपतियों, सीईओ और प्रबंध निदेशकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सेक्टर्स के व्यापारिक प्रतिनिधियों ने एक-दूसरे के साथ नेटवर्किंग की और नए व्यावसायिक अवसरों पर चर्चा की। इस गरिमापूर्ण और ऊर्जा से भरे व्यापारिक महासमागम का समापन सामूहिक रूप से ससम्मान गाए गए राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसने सभी में राष्ट्र और राज्य के प्रति कर्तव्य बोध की भावना को जगाया।

 

उत्तराखंड के आर्थिक भविष्य का एक नया और स्वर्णिम सवेरा


देहरादून में केजीसीसीआई के गढ़वाल चैप्टर की स्थापना केवल एक नए व्यापारिक गुट या संगठन का गठन नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड के समग्र और संतुलित क्षेत्रीय विकास (Balanced Regional Development) की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। अमूमन कुमाऊं और गढ़वाल के औद्योगिक विकास को अलग-अलग चश्मे से देखा जाता रहा है, लेकिन केजीसीसीआई के इस विस्तार से दोनों मंडलों के उद्यमियों को एक साझा मंच मिलेगा।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा ₹1 लाख करोड़ के निवेश को धरातल पर उतारने का दावा यह साबित करता है कि राज्य अब केवल पर्यटन पर निर्भर नहीं है, बल्कि वह एक विनिर्माण हब (Manufacturing Hub) बनने की ओर अग्रसर है। मनमोहन भारद्वाज के नेतृत्व में यह नई 19 सदस्यीय टीम यदि सरकार के अनुकूल वातावरण और दुरुस्त कानून-व्यवस्था का सही इस्तेमाल करने में सफल रहती है, तो निश्चित रूप से आने वाले समय में उत्तराखंड 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के साथ-साथ 'ईज ऑफ लिविंग' में भी देश का रोल मॉडल बनकर उभरेगा।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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