नकली दवाओं के बड़े सिंडिकेट पर उत्तराखण्ड STF का शिकंजा: मुख्य सरगना विशद कुमार बिजनौर से गिरफ्तार


Aapki Media AI


देहरादून, 22 अगस्त, 2026: उत्तराखण्ड में प्रतिष्ठित फार्मा कंपनियों के नाम पर नकली व जाली दवाओं के निर्माण, ऑनलाइन ब्रिकी और आपूर्ति करने वाले संगठित सिंडिकेट के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने निर्णायक सफलता हासिल की है। शनिवार, 22 अगस्त, 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) एसटीएफ कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, एसटीएफ की विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर स्थित चांदपुर में दबिश देकर अंतर्राज्यीय नकली दवा गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है।

 

नकली दवाओं के बड़े सिंडिकेट पर उत्तराखण्ड STF का शिकंजा: मुख्य सरगना विशद कुमार बिजनौर से गिरफ्तार


पकड़ा गया अभियुक्त पूर्व में सिडकुल सिगड्डी (कोटद्वार) स्थित विवादित दवा निर्माण इकाई 'मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स' का मालिक है। उक्त कंपनी पर वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके पश्चात इसका औषधि निर्माण लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था।

विवेचनात्मक घटनाक्रम: डिजिटल साक्ष्य से सरगना की गिरफ्तारी तक


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के निर्देशन में गठित विशेष टीम द्वारा की गई कार्रवाई का विवरण:

  1. बहु-विधिक धाराओं में दर्ज मुकदमा: एसटीएफ द्वारा सीसीपीएस देहरादून में मु0अ0सं0 29/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 336(2), 336(3), 338, 340(2), 61(2), 111, कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63/65, आईटी एक्ट की धारा 66C/66D तथा एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 8/22 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर विवेचना की जा रही है।
  2. पूर्व में दो साथियों की गिरफ्तारी: एसटीएफ ने सोशल मीडिया के जरिए जीवनरक्षक दवाओं की हूबहू नकल बेच रहे गिरोह के दो सदस्यों जतिन (निवासी सम्भल) और गौरव त्यागी (निवासी देहरादून) को पूर्व में गिरफ्तार किया था।
  3. मुख्य सरगना की गिरफ्तारी: गिरफ्तार आरोपियों की पूछताछ और डिजिटल कड़ियों को जोड़ते हुए एसटीएफ टीम ने गिरोह के मुख्य मास्टरमाइंड विशद कुमार पुत्र स्व. भीम सिंह, निवासी गली नं.-1, चांदपुर (बिजनौर, उ.प्र.) को बिजनौर से दबोच लिया।
  4. कोटद्वार फैक्ट्री पर पूर्व रेड: विवेचना के दौरान 23 मई 2026 को कोटद्वार स्थित मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स में संयुक्त छापेमारी कर 3 किग्रा कम्प्रेस्ड टैबलेट व 34 पंच उपकरण बरामद कर फैक्ट्री सीज की गई थी।

 

एसटीएफ केस मु0अ0सं0 29/2026: प्रशासनिक व कानूनी विवरण



22 अगस्त, 2026 को एसटीएफ द्वारा सार्वजनिक की गई विधिक कार्रवाई का ब्योरा इस तालिका में प्रस्तुत है:

विधिक/प्रशासनिक घटकप्रकरण विवरण एवं पुलिस कार्रवाईनोडल एजेंसी व कानूनजन-स्वास्थ्य पर क्रेडिबल प्रभाव
मुकदमा अपराध संख्यामु0अ0सं0 29/2026 (CCPS देहरादून)एसटीएफ उत्तराखण्ड जांच सेलजीवनरक्षक दवाओं की फर्जी बिक्री पर रोक।
आरोपित कानून व धाराएंBNS, Copyright Act, IT Act, NDPS ActBNS 2023 व एनडीपीएस अधिनियमसंगठित अपराध (Section 111 BNS) पर नकेल।
मुख्य गिरफ्तार अभियुक्तविशद कुमार (मालिक, M/s Nector Herbs)निवासी: चांदपुर, जनपद बिजनौर (उ.प्र.)नकली दवा सिंडिकेट के वित्तीय स्रोत ध्वस्त।
सीज की गई निर्माण इकाईसिडकुल सिगड्डी, कोटद्वार (23 मई कार्रवाई)औषधि प्रशासन व एसटीएफअवैध टैबलेट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट सील।

ऑपरेशन को अंजाम देने वाली एसटीएफ टीम


इस महत्वपूर्ण सफलता को हासिल करने वाली एसटीएफ टीम में निम्नलिखित अधिकारी व जवान शामिल रहे:

  1. निरीक्षक: सुधीर कुमार एवं यादविंदर सिंह बजवा
  2. उप-निरीक्षक (SI): दीपक मेठाणी एवं कमाल हसन
  3. सहायक उप-निरीक्षक (ASI): योगेन्द्र चौहान
  4. कॉन्स्टेबल: रवि पंत, दीपक चंदोला, प्रशांत चौहान तथा दीपक नेगी।

 

आमजन हेतु एसटीएफ की आधिकारिक अपील एवं हेल्पलाइन


एसटीएफ उत्तराखण्ड ने नागरिकों के स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु निम्नलिखित दिशानिर्देश जारी किए हैं:

  • अधिकृत दुकानों से खरीद: दवाएं केवल लाइसेंसधारी एवं प्रामाणिक मेडिकल स्टोर्स से ही खरीदें; सोशल मीडिया के अप्रमाणित विज्ञापनों से बचें।
  • तत्काल सूचना दें: किसी भी स्थान पर नकली दवाओं के निर्माण, बिक्री या बिना लाइसेंस संचालन की सूचना एसटीएफ को दें।
  • एसटीएफ हेल्पलाइन नंबर: 9412029536 पर संपर्क करें (सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी)।
  • रसीद अनिवार्य रूप से लें: मेडिकल स्टोर से दवा खरीदते समय उचित जीएसटी बिल/कैश मेमो अवश्य प्राप्त करें।

 

जन-स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर ज़ीरो टॉलरेंस


22 अगस्त, 2026 को एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा बिजनौर से नकली दवाओं के मुख्य सरगना विशद कुमार की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि पुलिस प्रणाली जन-स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अंतर्राज्यीय नेटवर्क को बख्शने के मूड में नहीं है। कोटद्वार फैक्ट्री से जुड़े तार और सोशल मीडिया के जरिए बेची जा रही नकली दवाओं के इस सिंडिकेट को तोड़कर एसटीएफ ने आम नागरिकों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रेडिबल मिसाल कायम की है।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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