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नई दिल्ली/देहरादून, 25 सितंबर, 2026: नई दिल्ली स्थित अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर भारत मंडपम (लेवल-2, लीडर्स लाउंज) में 'Global ESG Conference एवं 4th Prithvi Awards-2026' का भव्य आयोजन किया गया। ESG Research Foundation द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय समारोह में पर्यावरण, स्वच्छता, सतत विकास (Sustainable Development) और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रमुख हस्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद और समाजसेवी डॉ. अरुशी निशंक को ‘चेंजमेकर अवॉर्ड – एनवायरनमेंट’ प्रदान कर सम्मानित किया।
'स्पर्श गंगा' और 'प्लास्टिक से पुण्य' अभियानों को मिला राष्ट्रीय गौरव
डॉ. अरुशी निशंक को यह राष्ट्रीय सम्मान उनके द्वारा चलाए जा रहे दो प्रमुख अभियानों के लिए प्रदान किया गया है:
- स्पर्श गंगा अभियान: गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता, जलीय तंत्र के संरक्षण और जनचेतना को धरातल पर उतारने का दीर्घकालिक प्रयास।
- प्लास्टिक से पुण्य अभियान: एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक (Single-Use Plastic) के विकल्प, जिम्मेदार उपयोग, रिसाइक्लिंग (पुनर्चक्रण) और वेस्ट मैनेजमेंट को जनआंदोलन बनाने की पहल।
- जनभागीदारी व युवा सहभागिता: केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने डॉ. निशंक के अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण में सरकारी और गैर-सरकारी स्तर पर सामूहिक प्रयास ही स्थायी परिवर्तन ला सकते हैं।
पृथ्वी अवॉर्ड्स-2026: प्रशासनिक व आयोजन ब्योरा
25 सितंबर, 2026 को भारत मंडपम (नई दिल्ली) में आयोजित पुरस्कार समारोह का संकलित ब्योरा:
| आयोजन व पुरस्कार घटक | विवरण एवं उपलब्धि | नोडल संस्था व मुख्य अतिथि | पर्यावरणीय एवं सामाजिक प्रभाव |
| पुरस्कार का नाम | 'चेंजमेकर अवॉर्ड – एनवायरनमेंट' (4th Prithvi Awards) | आयोजक: ESG Research Foundation | नदियां, हिमालय व प्लास्टिक कचरा प्रबंधन। |
| पुरस्कार विजेता | डॉ. अरुशी निशंक (पर्यावरणविद व संस्थापक) | मुख्य अतिथि: श्री अर्जुन राम मेघवाल | स्पर्श गंगा व प्लास्टिक से पुण्य अभियानों को पहचान। |
| आयोजन स्थल व तिथि | भारत मंडपम, नई दिल्ली (25 सितंबर 2026) | Global ESG Conference 2026 | सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को बढ़ावा। |
| मुख्य फोकस | गंगा स्वच्छता, वेस्ट रिसाइक्लिंग, यूथ कनेक्ट | जनभागीदारी एवं नागरिक संकल्प | पर्यावरण को जीवनशैली का हिस्सा बनाना। |
सम्मान प्राप्ति के बाद डॉ. अरुशी निशंक का वक्तव्य
अवॉर्ड प्राप्त करने के उपरांत डॉ. अरुशी निशंक ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा:
"पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक संस्था या सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक संकल्प है। भारत की नदियां, हिमालय और प्राकृतिक संसाधन हमारी आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर हैं। 'स्पर्श गंगा' के माध्यम से पवित्र नदियों को स्वच्छ रखने और 'प्लास्टिक से पुण्य' के जरिए प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन को एक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन बनाने का हमारा प्रयास निरंतर जारी रहेगा।"
पर्यावरण एवं ईएसजी (ESG) नीति के 4 मुख्य बिंदु
राष्ट्रीय पर्यावरण संरक्षण नीति के प्राथमिक आयाम:
- गंगा व नदियों का संरक्षण: गंगा तथा उसकी सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने हेतु जनभागीदारी को बढ़ावा देना।
- प्लास्टिक वेस्ट सर्कुलर इकॉनमी: प्लास्टिक कचरे का पुनर्चक्रण (Recycling) कर उसे पर्यावरणीय लाभ में बदलना।
- युवाओं को ग्रीन स्किल्स हेतु प्रेरित करना: देश के युवाओं और छात्रों को पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली (LiFE Movement) अपनाने हेतु जोड़ना।
- ESG और सतत विकास: उद्योगों, संस्थाओं और नागरिकों के बीच ईएसजी (Environment, Social & Governance) मानकों को बढ़ावा देना।
जनआंदोलन से ही संभव है सतत विकास
25 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में डॉ. अरुशी निशंक को प्रदान किया गया 'पृथ्वी अवॉर्ड्स-2026' इस बात का प्रमाण है कि व्यक्तिगत और सामुदायिक प्रयास से पर्यावरण के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। हिमालयी और नदीय पारिस्थितिकी की सुरक्षा के लिए 'स्पर्श गंगा' जैसे अभियानों का विस्तार देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।