Aapki Media AI
देहरादून, 11 सितंबर, 2026: राजधानी देहरादून में कार्यरत अधिवक्ताओं की बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए जिला प्रशासन एवं मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने बार एसोसिएशन के प्रस्तावित प्रोफेशनल ऑफिस भवन की निर्माण योजना को गति दे दी है। शुक्रवार, 11 सितंबर, 2026 को जिलाधिकारी (DM) डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट/एमडीडीए सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रस्तावित भवन के सर्वे प्लान, की-प्लान, पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षा मानकों और प्रवेश व निकासी व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य न्याय प्रणाली से जुड़े अधिवक्ताओं एवं न्यायालय में आने वाले आम नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
प्रस्तावित 7 मंजिला भवन की मुख्य विशेषताएं व लेआउट
एमडीडीए की सीनियर आर्किटेक्ट दृष्टि जैन द्वारा बैठक में प्रस्तुत तकनीकी सर्वे व डिजाइन प्लान के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- कुल सर्वेक्षण भूमि: भवन निर्माण हेतु 8,881.28 वर्ग मीटर भूमि का तकनीकी सर्वेक्षण (Survey Plan) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
- 7 मंजिला संरचना: प्रस्तावित भवन में ग्राउंड फ्लोर (Ground Floor) के अतिरिक्त कुल सात मंजिलों का निर्माण किया जाएगा।
- 500 से अधिक चैंबर्स: अधिवक्ताओं के बैठने और कार्य संचालन हेतु 10×10 फीट आकार के कुल 500 से अधिक आधुनिक चैंबर बनाए जाएंगे।
- सुगम आवागमन व पार्किंग: भवन के स्वरूप को देखते हुए अधिवक्ताओं और आमजन हेतु पर्याप्त वाहन पार्किंग, पृथक प्रवेश व निकास द्वार तथा समुचित सुविधाओं को प्लान में शामिल किया गया है।
देहरादून बार एसोसिएशन भवन योजना 2026: प्रशासनिक व तकनीकी विवरण
11 सितंबर, 2026 को जिला प्रशासन द्वारा समीक्षा बैठक में तय किए गए मुख्य घटक:
| तकनीकी व प्रशासनिक घटक | स्वीकृत प्रस्ताव एवं योजना विवरण | नोडल एजेंसी व हितधारक | सुशासन एवं जन-सुरक्षा प्रभाव |
| भवन का स्वरूप | Ground + 7 Floor (8,881.28 वर्ग मीटर भूमि) | एमडीडीए (MDDA) व जिला प्रशासन | न्यायिक बुनियादी ढांचे का आधुनिक विस्तार। |
| अधिवक्ता चैंबर्स संख्या | 500 से अधिक चैंबर (साइज: 10×10) | देहरादून बार एसोसिएशन | अधिवक्ताओं हेतु सुव्यवस्थित कार्यस्थल सुविधा। |
| सुरक्षा व आपदा मानक | फायर सेफ्टी प्लान, इमरजेंसी एग्जिट व लिफ्ट | जिला मजिस्ट्रेट निर्देश | आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित निकासी। |
| अंतिम डीपीआर निर्देश | सुरक्षा व आवागमन मानकों पर फाइनल प्रस्ताव | एमडीडीए इंजीनियरिंग विंग | शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने की प्रशासनिक तैयारी। |
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के मुख्य निर्देश
बैठक में समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कार्यदायी संस्था एवं आर्किटेक्ट्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि भवन के अंतिम डिजाइन में सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न किया जाए:
- फायर सेफ्टी व इमरजेंसी एग्जिट: भवन में प्रतिदिन हजारों की संख्या में अधिवक्ताओं और वादकारियों का आवागमन रहेगा। अतः आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम, लिफ्ट प्रबंधन और स्पष्ट आपातकालीन निकास मार्ग मानक के अनुरूप बनाए जाएं।
- शीघ्र फाइनल डीपीआर (DPR): सभी तकनीकी सुझावों और सुरक्षा मानकों का समावेश करते हुए भवन निर्माण का फाइनल ड्राफ्ट प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर शासन को प्रेषित किया जाए।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी व प्रतिनिधि
इस समीक्षा बैठक में प्रशासनिक, तकनीकी और कानूनी क्षेत्र के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल रहे:
- एमडीडीए अधिकारी: अधिशासी अभियंता एस.एस. रावत, सीनियर आर्किटेक्ट दृष्टि जैन।
- बार एसोसिएशन प्रतिनिधि: अध्यक्ष अनिल कुकरेती, सचिव अजय बिष्ट, सीनियर काउंसिल आर.एस. रावत, प्रेम चंद्र शर्मा, अनुराग गुप्ता एवं धर्मवीर नेगी।
अधिवक्ता भवन परियोजना के 4 मुख्य नीतिगत आयाम
राज्य में न्यायिक सुशासन को सुदृढ़ करने हेतु मुख्य बिंदु:
- आधुनिक अवस्थापना विकास: कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं हेतु विश्वस्तरीय कार्यस्थल और बैठने की जगह।
- नागरिक-केंद्रित सुविधाएं: न्यायालय आने वाले आम नागरिकों हेतु सुगम आवागमन, प्रतीक्षालय व वाहन पार्किंग।
- मानक-आधारित निर्माण: आपदा प्रबंधन और अग्निशमन मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करना।
- समयबद्ध क्रियान्वयन: जिला प्रशासन द्वारा त्वरित प्रशासनिक स्वीकृतियों से योजना को धरातल पर उतारना।
सुदृढ़ न्यायिक बुनियादी ढांचे का निर्माण
11 सितंबर, 2026 को देहरादून में बार एसोसिएशन भवन की समीक्षा बैठक राज्य में न्यायिक सुशासन और प्रशासनिक तत्परता को दर्शाती है। 500 से अधिक चैंबर्स और 7 मंजिला आधुनिक परिसर बनने से देहरादून में न्यायिक कामकाज अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित हो जाएगा।