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नई दिल्ली, 22 अक्टूबर, 2026: प्रसिद्ध अभिनेत्री, फिल्म निर्माता एवं सामाजिक कार्यकर्ता आरुषि निशंक के नेतृत्व में राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से ‘यूथ4 राइजिंग भारत – केदार ड्राइव 2026’ का औपचारिक शुभारंभ किया गया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इस राष्ट्रीय अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस बहुप्रतीक्षित अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण, सतत जीवनशैली (Sustainable Lifestyle) तथा पारिस्थितिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र के संरक्षण के प्रति जागरूक एवं सक्रिय करना है। विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम इस संपूर्ण अभियान का एक प्रमुख और महत्वपूर्ण पड़ाव है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की आरुषि निशंक के प्रयासों की सराहना
अभियान के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आरुषि निशंक के नेतृत्व और पर्यावरणीय प्रतिबद्धता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की:
- युवा प्रेरणा के रूप में सराहना: उन्होंने कहा कि आरुषि निशंक युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सेवा से जोड़ने का अनुकरणीय कार्य कर रही हैं और वह आज के दौर में उभरती हुई राष्ट्रीय युवा प्रेरणा हैं।
- सामूहिक संकल्प: यह पहल विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों और नागरिकों को हिमालय की रक्षा तथा स्वच्छ व हरित भारत के साझा संकल्प से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगी।
आरुषि निशंक का संदेश: “केदारनाथ तक की यात्रा नहीं, पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक आह्वान”
अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए आरुषि निशंक ने कहा:
“यूथ4 राइजिंग भारत – केदार ड्राइव 2026 केवल केदारनाथ तक की एक यात्रा नहीं है, बल्कि यह विशेष रूप से युवाओं से अपने पर्यावरण के संरक्षण की जिम्मेदारी उठाने का सामूहिक आह्वान है। हिमालय हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर और जीवनदायिनी संपदा है। इसकी नदियों, वनों और जैव विविधता की रक्षा करना हम सभी का साझा दायित्व है। इस अभियान के माध्यम से हमारा प्रयास है कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता को ठोस कार्यों में बदला जाए।”
केदार ड्राइव 2026 अभियान: मुख्य विवरण
22 अक्टूबर, 2026 को लॉन्च किए गए इस राष्ट्रीय अभियान का संकलित ब्योरा:
| अभियान के घटक | विवरण एवं तथ्य | सामाजिक व पर्यावरणीय प्रभाव |
| अभियान का नाम | ‘यूथ4 राइजिंग भारत – केदार ड्राइव 2026’ | हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र और पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता। |
| नेतृत्वकर्ता | आरुषि निशंक (अभिनेत्री, फिल्म निर्माता व सामाजिक कार्यकर्ता) | युवाओं को पर्यावरण और राष्ट्रसेवा से जोड़ना। |
| शुभारंभकर्ता | श्री शिवराज सिंह चौहान (केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री) | शासन स्तर से युवा पहलों को वैचारिक समर्थन। |
| प्रमुख सहभागी संस्थान | IITs, JNU, दिल्ली विश्वविद्यालय, गुजरात विश्वविद्यालय, NSS, स्पर्श गंगा, इंडिया फाउंडेशन | देश भर के 10,000 से अधिक स्वयंसेवकों की भागीदारी। |
| प्रेरणास्रोत | ‘स्वच्छ भारत मिशन’ एवं ‘एक पेड़ माँ के नाम’ | वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्ति और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन। |
देशभर के 10,000 से अधिक युवा और स्वयंसेवक बन रहे हैं इस महाअभियान का हिस्सा
यह राष्ट्रीय अभियान देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के युवाओं को एक साझा मंच प्रदान कर रहा है:
- शैक्षणिक भागीदारी: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs), जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), दिल्ली विश्वविद्यालय और गुजरात विश्वविद्यालय के विद्यार्थी इसमें सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
- स्वयंसेवी संगठन: राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), इंडिया फाउंडेशन, स्पर्श गंगा अभियान के स्वयंसेवक, पर्यावरण कार्यकर्ता, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि इससे जुड़ चुके हैं।
- ब्यापक लक्ष्य: इस अभियान का मुख्य लक्ष्य 10,000 से अधिक स्वयंसेवकों को जोड़कर नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना है।
सिनेमा, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों का संगम: आरुषि निशंक का सफर
आरुषि निशंक कला, संस्कृति और पर्यावरण का एक अनूठा समन्वय प्रस्तुत करती हैं:
- पर्यावरण पहल: वह 'स्पर्श गंगा अभियान' की सह-संस्थापक और ‘प्लास्टिक से पुण्य’ पहल की संस्थापक हैं, जिसके माध्यम से उन्होंने नदी संरक्षण और प्लास्टिक के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा दिया है।
- मनोरंजन जगत में योगदान: उन्होंने डिज्नी+ हॉटस्टार की वेब सीरीज ‘लाइफ हिल गई’ का निर्माण किया है और अमेज़न मिनीटीवी की ‘लकी in लव’ से जुड़ी रही हैं। टी-सीरीज़ के संगीत प्रोजेक्ट्स जैसे ‘वफ़ा न रास आई’ और ‘तेरी गलियों से’ भी उनका जुड़ाव रहा है।
- अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान: वर्ष 2025 में कान्स फिल्म फेस्टिवल (Cannes Film Festival) में उन्होंने पुनर्चक्रित वस्त्र अपशिष्ट और पारंपरिक भारतीय शिल्पकला से बने परिधान पहनकर सस्टेनेबल फैशन का वैश्विक संदेश दिया था।
पर्यावरण एवं युवा विकास नीति के 4 मुख्य बिंदु
अभियान के दूरगामी लक्ष्य:
- हिमालयी पारिस्थितिकी सुरक्षा: तीर्थस्थलों की पवित्रता और हिमालय की जैव विविधता को प्लास्टिक मुक्त रखना।
- युवा सहभागिता (Youth Engagement): देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों के युवाओं को जमीनी स्तर के पर्यावरणीय कार्यों से जोड़ना।
- सतत पर्यटन (Responsible Tourism): चारधाम यात्रा और पर्यटन क्षेत्रों में पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा देना।
- सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण: भारत की आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ एकीकृत करना।
हिमालय और राष्ट्र निर्माण के प्रति युवाओं की नई प्रतिबद्धता
22 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली से शुरू हुआ ‘यूथ4 राइजिंग भारत – केदार ड्राइव 2026’ अभियान यह साबित करता है कि आरुषि निशंक के नेतृत्व में देश का युवा वर्ग अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए पूरी तरह गोलबंद हो रहा है। यह पहल भारत के सतत विकास और हरित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
