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ग्राम पंचायत धूलकोट माफी में वृहद स्वास्थ्य व नेत्र शिविर आयोजित; 30 पीएलवी ने 60 दिनों में 500 से अधिक परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा


Aapki Media AI


देहरादून, 22 अक्टूबर, 2026: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली द्वारा संचालित 'मेगा ड्राइव अभियान' के अंतर्गत जनपद देहरादून की ग्राम पंचायत धूलकोट माफी को विशेष रूप से चयनित किया गया है। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (SALSA), नैनीताल के मार्गदर्शन तथा जिला जज एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), देहरादून श्री हरीश कुमार गोयल के दिशा-निर्देशन में विगत दो माह से इस ग्राम पंचायत को आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने हेतु बहुआयामी गतिविधियां चलाई जा रही हैं। 

 

30 पीएलवी ने 60 दिनों में 500 से अधिक परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा



इसी क्रम में गुरुवार, 22 अक्टूबर, 2026 को ग्राम पंचायत धूलकोट माफी में विधिक सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक वृहद स्वास्थ्य एवं नेत्र चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। 


1. ग्राफिक एरा एवं राही नेत्रधाम के सहयोग से स्वास्थ्य व नेत्र जांच शिविर


गांव में आयोजित इस बहुउद्देश्यीय शिविर में प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थानों ने अपना सहयोग प्रदान किया:

  1. ग्राफिक एरा हॉस्पिटल का योगदान: जनरल फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, कान/आंख संबंधी चिकित्सकों, फार्मासिस्ट व नर्सिंग स्टाफ ने 100 से अधिक ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क परामर्श और दवाइयां वितरित कीं।
  2. राही नेत्रधाम हॉस्पिटल का योगदान: मोबाइल वैन तकनीक के माध्यम से 129 ग्रामीणों की आंखों की विस्तृत जांच की गई। नेत्र संबंधी बीमारियों की समय पर पहचान और उचित देखभाल के प्रति ग्रामीणों को जागरूक भी किया गया।

 

2. दिव्यांगजनों एवं जरूरतमंद परिवारों को सहायक उपकरणों का वितरण


शिविर के दौरान सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (सिविल जज प्रवर वर्ग), देहरादून द्वारा सामाजिक सुरक्षा के तहत जरूरतमंदों को राहत सामग्री बांटी गई:

  1. दिव्यांगजनों को उनकी दैनिक सुगमता हेतु वॉकर, बैसाखी और छड़ी जैसे सहायक उपकरण प्रदान किए गए।
  2. 'मस्ती ज्यादे फाउंडेशन' के विशेष सहयोग से आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण परिवारों को फोल्डिंग बेड, रजाइयां एवं गद्दे वितरित किए गए।

 

नालसा मेगा ड्राइव (धूलकोट माफी) 2026: सांख्यिकी ब्योरा



22 अक्टूबर, 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी 60 दिवसीय अभियान का संकलित ब्योरा:

अभियान घटकजमीनी आंकड़े व उपलब्धियां PNGसामाजिक व विधिक प्रभाव PNG
लाभान्वित परिवार

500 से अधिक परिवार (30 PLVs द्वारा डोर-टू-डोर कवरेज)

प्रत्येक घर तक सरकारी योजनाओं की शत-प्रतिशत पहुंच।

स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच

229 से अधिक ग्रामीण (100+ स्वास्थ्य, 129 नेत्र जांच)

गांव में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों का परामर्श व मुफ्त दवाएं।

मोतियाबिंद ऑपरेशन

07 मरीजों के निःशुल्क सफल ऑपरेशन कराए गए

बुजुर्गों को पुनः दृष्टि प्रदान करने का प्रयास।

पेंशन व सामाजिक सुरक्षा

• 09 वृद्धावस्था पेंशन


• 09 दिव्यांग प्रमाणपत्र / पेंशन

वंचित वर्ग को मासिक वित्तीय सुरक्षा।

कार्ड व योजना रजिस्ट्रेशन

• 27 आयुष्मान कार्ड


• 36 किसान सम्मान निधि


• 70 श्रम कार्ड

स्वास्थ्य बीमा व कृषि/श्रमिक अधिकारों का संरक्षण।

शिक्षा का अधिकार (RTE)

11 बच्चों को स्कूलों में कराया गया दाखिला

शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना।


3. 30 पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) का 60 दिनों का सघन अभियान


नालसा मेगा ड्राइव के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून के 30 पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) पिछले 60 दिनों से लगातार धूलकोट माफी गांव में घर-घर जाकर सर्वे और सहायता कार्य कर रहे हैं।  पीएलवी टीम ने निःशुल्क विधिक सहायता, कोर्ट-कचहरी की कार्यप्रणाली, मानवाधिकारों तथा केंद्र व राज्य सरकार की दर्जनों कल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीणों को सीधे जोड़ा है। 


विधिक सेवा एवं ग्राम्य उत्थान नीति के 4 मुख्य बिंदु 


नालसा अभियान के प्रमुख नीतिगत लक्ष्य:

  • घर-घर न्याय व सहायता: न्यायालयी चौखट से बाहर निकलकर सीधे गांवों तक विधिक और प्रशासनिक मदद पहुंचाना।
  • आदर्श ग्राम की संकल्पना: स्वास्थ्य, शिक्षा, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा के मानकों पर ग्राम पंचायतों को संतृप्त (Saturate) करना।
  • शिक्षा का अधिकार: बाल श्रम व ड्रॉप-आउट रोकने के लिए गरीब बच्चों को औपचारिक स्कूलों में दाखिला दिलवाना।
  • स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी: आयुष्मान कार्ड और निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशनों के जरिए ग्रामीण स्वास्थ्य में सुधार।

 

समावेशी न्याय और जन-कल्याण का एक अनुकरणीय मॉडल


22 अक्टूबर, 2026 को धूलकोट माफी में आयोजित यह मेगा शिविर यह दर्शाता है कि जब न्यायपालिका, जिला प्रशासन, अस्पताल और स्वयंसेवी संस्थाएं एक साथ आती हैं, तो दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में भी बड़ा सामाजिक परिवर्तन संभव हो पाता है। नालसा का यह मॉडल उत्तराखंड की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी एक मिसाल बन रहा है।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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