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देहरादून में ₹19 लाख की लागत से तैयार हाईटेक कोचिंग सेंटर से दिव्यांग विद्यार्थियों के सपनों को मिली नई उड़ान; जल्द शुरू होगी बैंकिंग व SSC की निःशुल्क कोचिंग


Aapki Media AI


देहरादून, 22 अक्टूबर, 2026: उत्तराखण्ड के पर्वतीय व दूरस्थ गांवों में रहकर प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देखने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अब भौगोलिक दूरी और संसाधनों की कमी बाधा नहीं बनेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुरूप समाज कल्याण विभाग और राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (NIEPVD) के संयुक्त प्रयासों से दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क सिविल सेवा (IAS/PCS) कोचिंग का सफल संचालन किया जा रहा है। 

देहरादून में ₹19 लाख की लागत से तैयार हाईटेक कोचिंग सेंटर जल्द शुरू होगी बैंकिंग व SSC की निःशुल्क कोचिंग


राजपुर रोड स्थित NIEPVD परिसर में 19 लाख रुपये की लागत से एक आधुनिक, साउंडप्रूफ हाईटेक कोचिंग सेंटर स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से गढ़वाल और कुमाऊं के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले अभ्यर्थी प्रतिदिन डिजिटल माध्यम से सीधे जुड़कर पढ़ाई कर रहे हैं। 


1. ₹19 लाख की लागत से बना हाईटेक साउंडप्रूफ कोचिंग रूम


दिव्यांग विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन देहरादून और समाज कल्याण विभाग ने विशेष व्यवस्था तैयार की है:

  1. तकनीकी उपकरण: इस हाईटेक सेंटर में वीडियो मिक्सर, कॉर्डलेस माइक्रोफोन, 75 इंच की बड़ी स्मार्ट टीवी स्क्रीन, तीन कंप्यूटर कंसोल, थिएटर लाइट और हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं।
  2. डिजिटल ब्रॉडकास्टिंग: इन उपकरणों की मदद से विशेषज्ञ शिक्षकों के व्याख्यान और लाइव क्लास रूम सेशन सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए प्रसारित किए जाते हैं।

 

2. तकनीक ने मिटाई दूरी: गूगल मीट और साइन लैंग्वेज से सुगम शिक्षण


कोचिंग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि दूरस्थ जनपदों के अभ्यर्थियों को हर बार राजधानी देहरादून आने की आवश्यकता नहीं पड़ती:

  1. कक्षाओं का समय: प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से 7:00 बजे तक ऑनलाइन लाइव कक्षाओं का संचालन किया जाता है।
  2. समावेशी माध्यम: मूक-बधिर व दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए गूगल मीट (Google Meet) और साइन लैंग्वेज (Sign Language) विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है।
  3. पाठ्यक्रम कवरेज: सामान्य अध्ययन (GS), सीसैट (CSAT), तार्किक क्षमता (Reasoning), गणित और अन्य अर्हकारी विषयों की गहन तैयारी कराई जा रही है।

उत्तराखण्ड दिव्यांग निःशुल्क कोचिंग योजना 2026: मुख्य विवरण

22 अक्टूबर, 2026 को सूचना विभाग द्वारा जारी आधिकारिक विवरण:

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नोडल संस्थाएं

समाज कल्याण विभाग उत्तराखण्ड एवं NIEPVD, देहरादून

दिव्यांगजनों हेतु समावेशी शिक्षा का क्रियान्वयन।

लागत व अवसंरचना

₹19 लाख (हाईटेक साउंडप्रूफ कोचिंग रूम)

राजपुर रोड, देहरादून में आधुनिक उपकरणों से लैस सेंटर।

संचालित पाठ्यक्रम

संघ लोक सेवा आयोग (IAS) व राज्य लोक सेवा आयोग (PCS)

शीघ्र ही बैंकिंग एवं SSC की निःशुल्क कोचिंग की शुरुआत।

शिक्षण का मोड

हाइब्रिड (ऑफलाइन एवं रोजाना 4-7 PM ऑनलाइन लाइव)

साइन लैंग्वेज व गूगल मीट के जरिए सीमांत जिलों तक पहुंच।

चयनित लाभार्थी

प्रदेश के सभी 13 जनपदों से चयनित दिव्यांग अभ्यर्थी

दूरस्थ ग्रामीण प्रतिभाओं का प्रशासनिक सेवाओं में पुनर्वास।


3. जल्द शुरू होगी बैंकिंग और SSC की निःशुल्क कोचिंग: डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी


मामले की जानकारी देते हुए समाज कल्याण विभाग के सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी ने बताया:


"मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के अनुरूप दिव्यांग अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और मार्गदर्शन देने हेतु यह पहल शुरू की गई है। वर्तमान में आईएएस और पीसीएस की तैयारी कराई जा रही है। विद्यार्थियों के रोजगार के अवसरों को और अधिक बढ़ाने के उद्देश्य से बहुत जल्द बैंकिंग तथा कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षाओं के लिए भी निःशुल्क बैच शुरू किए जाएंगे।" 


 

लाभार्थियों का अनुभव: 'आत्मनिर्भर बनने का मिला सशक्त मंच'


देहरादून जिले से चयनित दिव्यांग अभ्यर्थी मोहन दास ने बताया कि मुख्यमंत्री की इस पहल से दूरस्थ क्षेत्रों में रह रहे दिव्यांग अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक समान और पारदर्शी मंच मिला है। इससे उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई भावना जगी है। 


दिव्यांग सशक्तीकरण व सुशासन के 4 मुख्य बिंदु


राज्य सरकार द्वारा अपनाई जा रही नीतिगत विशेषताएं:

  • समान अवसर (Equal Opportunity): शारीरिक अक्षमता या भौगोलिक दूरी को पार कर प्रत्येक प्रतिभावान छात्र को प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचाना।
  • तकनीक संचालित शिक्षा: आधुनिक ऑडियो-विजुअल संसाधनों से शिक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुलभ बनाना।
  • विस्तारित करियर स्कोप: सिविल सेवाओं के साथ-साथ बैंकिंग और एसएससी जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं का जोड़।
  • आत्मविश्वास एवं सामाजिक पुनर्वास: दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाकर मुख्यधारा के विकास से जोड़ना।

 

समावेशी विकास और सामाजिक परिवर्तन का नया प्रतीक


22 अक्टूबर, 2026 को जारी यह विवरण यह साबित करता है कि अगर दृढ़ इच्छाशक्ति, आधुनिक तकनीक और सही मार्गदर्शन मिले तो कोई भी शारीरिक बाधा किसी प्रतिभा का रास्ता नहीं रोक सकती। देहरादून में संचालित यह निःशुल्क कोचिंग सेंटर उत्तराखण्ड के दिव्यांग युवाओं के उज्ज्वल और आत्मनिर्भर भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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