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देहरादून/हरिद्वार, 12 अक्टूबर, 2026: उत्तराखण्ड विशेष टास्क फोर्स (STF) ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की है। सोमवार, 12 अक्टूबर, 2026 को एसटीएफ टीम ने वर्ष 2024 से थाना कनखल (हरिद्वार) क्षेत्र में दर्ज बहुचर्चित हत्याकांड के मामले में लम्बे समय से फरार चल रहे ₹50,000/- के इनामी अभियुक्त प्रदीप को पंजाब के चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) एसटीएफ के निर्देशों पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी सर्विलांस (In-put Based Operation), मैनुअल पुलिसिंग और पतारसी-सुरागरसी के जरिए आरोपी तक पहुंच बनाई। वर्तमान में अभियुक्त चंडीगढ़ में 'छोटा हाथी' गाड़ी से सामान डिलीवरी का कार्य कर रहा था।
कनखल हत्याकांड का घटनाक्रम: श्रद्धा भक्ति आश्रम में हुई थी गुरुजी की हत्या
- घटना का विवरण: वर्ष 2024 में थाना कनखल क्षेत्र अंतर्गत स्थित श्रद्धा भक्ति आश्रम में गुरुजी महंत गोविंद दास के शिष्य विशंबर दास (उम्र करीब 73 वर्ष) की निर्मम हत्या कर दी गई थी।
- अपराधियों की संलिप्तता: इस सनसनीखेज वारदात में कुल 6 अभियुक्त प्रकाश में आए थे। इनमें से 4 आरोपियों को हरिद्वार पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि 20 सितंबर 2026 को एसटीएफ ने बागपत से सौरभ उर्फ नीटू को दबोचा था।
- फरार इनामी और कुर्की: मुख्य वांछित अभियुक्त प्रदीप लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी न होने पर न्यायालय के माध्यम से उसके घर की कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी थी और उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
प्रदीप इनामी गिरफ्तारी प्रकरण 2026: मुख्य विवरण
12 अक्टूबर, 2026 को एसटीएफ द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति का संकलित ब्योरा:
| अनुसंधान घटक | विवरण एवं तथ्य | प्रशासनिक व पुलिस कार्रवाई |
| गिरफ्तार अभियुक्त | प्रदीप (पुत्र बृजपाल, उम्र 30 वर्ष) | निवासी: ऊदपुर, झिझाना, शामली (उत्तर प्रदेश) |
| अपराध का मामला | मु0अ0सं0 337/2024 (थाना कनखल, हरिद्वार) | धारा 302, 201, 120बी, 34 IPC |
| इनाम व कुर्की | ₹50,000/- का इनामी | पूर्व में घर की कुर्की की कानूनी कार्रवाई पूरी |
| गिरफ्तारी स्थल | चंडीगढ़, पंजाब | छोटा हाथी गाड़ी से माल डिलीवरी का काम कर रहा था |
| कार्रवाई करने वाली टीम | उत्तराखण्ड STF विशेष टीम | निरीक्षक अबुल कलाम, उ0नि0 नरोत्तम सिंह बिष्ट व टीम |
एसटीएफ की विशेष ऑपरेशन टीम
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली एसटीएफ टीम में निरीक्षक अबुल कलाम, उपनिरीक्षक नरोत्तम सिंह बिष्ट, अपर उपनिरीक्षक हितेश कुमार, हेड कांस्टेबल संजय कुमार, वीरेंद्र नौटियाल, बृजेन्द्र सिंह चौहान तथा कांस्टेबल अनिल कुमार व मोहन असवाल शामिल रहे।
अपराध नियंत्रण व पुलिस नीति के 4 मुख्य बिंदु
राज्य पुलिस द्वारा अपनाई जा रही सख्त नीतियां:
- इनामी अपराधियों पर शिकंजा: लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों और इनामी बदमाशों की धरपकड़ हेतु विशेष टास्क फोर्स का गठन।
- तकनीकी सर्विलांस का प्रयोग: मैनुअल पुलिसिंग के साथ-साथ डिजिटल इनपुट्स के जरिए अन्य राज्यों में छिपे अपराधियों की लोकेशन ट्रैक करना।
- कुर्की जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई: पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण न करने वाले अपराधियों की संपत्तियों की जब्ती और कुर्की।
- अंतर-राज्यीय समन्वय: पड़ोसी राज्यों (पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, यूपी) की पुलिस के साथ मिलकर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ना।
कानून के शिकंजे से बचना नामुमकिन
12 अक्टूबर, 2026 को उत्तराखण्ड एसटीएफ द्वारा चंडीगढ़ से 50 हजार के इनामी अभियुक्त प्रदीप की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि गंभीर अपराधों में संलिप्त अपराधी चाहे कितनी भी जगह बदल लें, कानून के लंबे हाथ उन तक पहुंच ही जाएंगे। पुलिस की इस मुस्तैदी से आम जनमानस में सुरक्षा का भाव और अधिक मजबूत हुआ है।
