Aapki Media AI
देहरादून, 28 अक्टूबर, 2026: माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड के स्पष्ट निर्देशों और पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ की कार्ययोजना के तहत, राज्य और केंद्र सरकार द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले गिरोहों के खिलाफ उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का अभियान लगातार जारी है。
इसी कड़ी में, एसटीएफ की टीम ने फरवरी 2026 में आयोजित SSC (मल्टीटास्किंग नॉन-तकनीकल स्टाफ एवं हवलदार ऑनलाइन परीक्षा) में हाईटेक नकल कराने वाले एक और वांछित अभियुक्त को दिल्ली से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है。 इस मामले में एसटीएफ इससे पहले 07 अन्य अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है。
परीक्षा केंद्र का पर्यवेक्षक ही निकला नकल गिरोह का मददगार
जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त परीक्षा केंद्र पर बतौर पर्यवेक्षक (Observer) तैनात था, जिसकी जिम्मेदारी केंद्र की सुरक्षा और अनुचित गतिविधियों पर नजर रखने की थी:
- गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण: अंकित कुमार ( उम्र 22 वर्ष), निवासी- मुगलसराय, जनपद चंदौली, उत्तर प्रदेश।
- नकल का तरीका: अभियुक्त की मुख्य भूमिका परीक्षा केंद्र पर आने वाले अभ्यर्थियों के आईडी कार्ड चेक करने के साथ-साथ, परीक्षा केंद्र में लगाए गए कंप्यूटरों का रिमोटली एक्सेस (Remote Access) प्राप्त करने हेतु IP एड्रेस नकल कराने वाले गिरोह के सदस्यों को उपलब्ध कराना था।
- पंजीकृत मुकदमे: इस हाईटेक नकल प्रकरण को लेकर कोतवाली नगर, देहरादून में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया गया था। इसके अलावा, नवंबर 2025 में आयोजित एसएससी परीक्षा से जुड़े एक अन्य मामले (मु.अ.सं. 398/2025) में भी यह अभियुक्त वांछित चल रहा था।
SSC हाईटेक नकल प्रकरण कार्रवाई 2026: संक्षिप्त विवरण
28 अक्टूबर 2026 को एसटीएफ द्वारा की गई इस कार्रवाई का संकलित ब्योरा:
| कार्रवाई के घटक | विवरण एवं तथ्य | विधिक व प्रशासनिक प्रभाव |
| गिरफ्तार अभियुक्त | अंकित कुमार (पुत्र अनिल पासवान, उम्र 22 वर्ष) | मूल निवासी: चंदौली, यूपी / वर्तमान ठिकाना: दिल्ली से गिरफ्तारी। |
| भूमिका / पद | परीक्षा केंद्र पर नियुक्त पर्यवेक्षक (Observer) | कंप्यूटरों की IP और रिमोट एक्सेस नकल गिरोह को भेजना। |
| बरामदगी | 01 मोबाइल फोन | तकनीकी साक्ष्य और चैट रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच। |
| पूर्व गिरफ्तारियां | इस प्रकरण में 07 अन्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार | अंतरराज्यीय नकल माफिया नेटवर्क का क्रमिक पर्दाफाश। |
| विवेचना अधिकारी | श्री परवेज अली (पुलिस उपाधीक्षक, STF/ANTF) | तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कानूनी शिकंजा। |
सफलता में शामिल STF टीम
इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम देने वाली STF टीम में निम्नलिखित अधिकारी और कर्मी शामिल रहे:
- पुलिस उपाधीक्षक श्री परवेज अली
- उपनिरीक्षक दीपक मैठाणी
- हेड कांस्टेबल प्रमोद
- कांस्टेबल प्रदीप, रवि पंत
परीक्षा सुचिता एवं नकल विरोधी नीति के 4 मुख्य बिंदु
राज्य प्रशासन और एसटीएफ की प्राथमिकताएं:
- ज़ीरो टॉलरेंस नीति: प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की सेंधमारी या अनुचित साधनों के प्रयोग को सख्ती से कुचलना।
- तकनीकी सर्विलांस: ऑनलाइन परीक्षाओं में रिमोट एक्सेस और हाईटेक नकल के तरीकों का डिजिटल विश्लेषण कर अपराधियों तक पहुंचना।
- अंतरराज्यीय नेटवर्क का खात्मा: उत्तर प्रदेश, दिल्ली और अन्य राज्यों से संचालित होने वाले नकल माफियाओं की कड़ियां जोड़ना।
- पारदर्शी परीक्षा प्रणाली: युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त कानूनी प्रावधानों (एंटी-चीटिंग एक्ट) के तहत त्वरित कार्रवाई।
नकल माफियाओं के खिलाफ STF का कड़ा संदेश
28 अक्टूबर 2026 को दिल्ली से हुई यह गिरफ्तारी यह स्पष्ट करती है कि उत्तराखंड एसटीएफ राज्य की सीमाओं से बाहर जाकर भी अपराधियों पर नकेल कसने में पूरी तरह सक्षम है। परीक्षाओं की पवित्रता और मेधावी छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए इस तरह की कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
