कुंभ 2027 की नींव: सीएम धामी ने हरिद्वार में 234 करोड़ के कार्यों का किया शिलान्यास।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को धर्मनगरी हरिद्वार पहुँचे, जहाँ उन्होंने कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर शासन और मेला प्रशासन के साथ गहन समीक्षा की। कुंभ मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) पहुँचने पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत 34 प्रमुख अवसंरचना कार्यों का शिलान्यास किया। लगभग 234.55 करोड़ रुपये की लागत वाली ये योजनाएं स्थाई प्रकृति की हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य कुंभ मेले को सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये निर्माण कार्य न केवल आगामी मेले के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि इनसे हरिद्वार शहर के दीर्घकालीन विकास और बुनियादी ढांचे को भी नई मजबूती मिलेगी।


सेक्टरवार विकास कार्यों का खाका

सरकार ने कुंभ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए बजट को चार मुख्य क्षेत्रों में विभाजित किया है। इसमें सिंचाई और घाट निर्माण के तहत 70.54 करोड़ रुपये की लागत से 07 कार्य किए जाएंगे, जिससे गंगा तटों का सौंदर्यीकरण और विस्तार होगा। सबसे बड़ा हिस्सा सड़क एवं परिवहन अवसंरचना को दिया गया है, जिसमें 127.23 करोड़ रुपये की लागत से 12 महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम होगा ताकि श्रद्धालुओं के आवागमन में कोई बाधा न आए। इसके अतिरिक्त, पेयजल और जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 18.11 करोड़ रुपये के 09 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जबकि श्रद्धालु सुविधाओं और अन्य सहायक ढांचों के लिए 18.67 करोड़ रुपये की लागत से 06 कार्य संपन्न किए जाएंगे।

उच्च स्तरीय समीक्षा और मुख्यमंत्री के निर्देश

शिलान्यास के पश्चात मुख्यमंत्री ने सीसीआर भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में मेले की तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्चतम गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला उत्तराखंड की वैश्विक पहचान और आस्था का प्रतीक है, इसलिए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र में स्वच्छता, ट्रैफिक प्रबंधन और डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया ताकि 2027 का कुंभ ऐतिहासिक और अभूतपूर्व साबित हो सके।

हरिद्वार के कायाकल्प की ओर बढ़ते कदम

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार 'दिव्य कुंभ-भव्य कुंभ' के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। इन 34 परियोजनाओं के शुरू होने से हरिद्वार की यातायात व्यवस्था और घाटों की स्थिति में आमूल-चूल परिवर्तन आएगा। उन्होंने स्थानीय जनता से भी इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग की अपील की। बैठक में विभागीय सचिवों, मेला अधिकारी और पुलिस महानिदेशक सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने समयबद्ध तरीके से कार्ययोजना को धरातल पर उतारने की हिदायत दी। शिलान्यास के इन कार्यों से अब हरिद्वार में कुंभ की चहल-पहल और निर्माण की गति तेज होने की उम्मीद है।

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