देहरादून न्यूज़: उत्तराखंड में पुरानी पेंशन बहाली (OPS) की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने देहरादून में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर आगामी विधानसभा सत्र के घेराव का फैसला लिया है। कर्मचारियों व प्रवीण सिंह पंवार राजकीय शिक्षक संघ ब्लांक उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ब्लांक अध्यक्ष नरेंद्रनगर टिहरी गढवाल का कहना है कि वे अपने संवैधानिक अधिकार के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
बैठक में लिया गया बड़ा फैसला
उत्तरांचल लोक निर्माण विभाग के प्रेरणा सदन में हुई इस प्रांतीय बैठक में राज्य के सभी जिलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। मोर्चा के प्रदेश प्रभारी विक्रम रावत ने कहा कि 16 जनवरी 2026 को जारी शासन का आदेश कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है।
क्यों हो रहा है विरोध?
पेंशन का अधिकार: कर्मचारियों का मानना है कि पेंशन उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा है।
NPS का विरोध: नई पेंशन योजना को कर्मचारी अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ मान रहे हैं।
अन्य राज्यों का उदाहरण: हिमाचल और राजस्थान जैसे राज्यों में OPS लागू होने के बाद उत्तराखंड में भी दबाव बढ़ गया है।
रणनीति
मोर्चा के प्रांतीय महामंत्री सीताराम पोखरियाल ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने विधानसभा सत्र में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो वर्ष 2026 में यह आंदोलन एक उग्र रूप ले लेगा।

