देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के बेसहारा बच्चों के हित में एक और बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने 'मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना' के तहत लाभार्थियों के खातों में 3 करोड़ 5 लाख रुपये से अधिक की धनराशि डिजिटल माध्यम (DBT) से ट्रांसफर की। यह पैसा दो महीनों (दिसंबर और जनवरी) की बकाया सहायता राशि के रूप में जारी किया गया है।
दो महीने की किश्त एक साथ जारी
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने कैंप कार्यालय से बटन दबाकर लाभार्थियों के खातों में पैसा भेजा। उन्होंने बताया कि इस बार दो महीनों की धनराशि एक साथ जारी की गई है:
- दिसंबर माह के लिए: 5114 लाभार्थियों को ₹1,53,42,000 जारी किए गए।
- जनवरी माह के लिए: 5078 लाभार्थियों को ₹1,52,34,000 जारी किए गए।
सरकार द्वारा नवंबर 2025 तक का भुगतान पहले ही किया जा चुका था, और अब जनवरी 2026 तक का सारा बकाया बच्चों के खातों में पहुँच चुका है।
क्या है मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना?
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना की शुरुआत साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों को सहारा देना है जिन्होंने कोविड-19 या अन्य कारणों से अपने माता-पिता या अभिभावकों को खो दिया है।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
- सहायता राशि: पात्र बच्चों को हर महीने ₹3,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
- आयु सीमा: यह लाभ लाभार्थी के 21 वर्ष का होने तक मिलता है।
- अन्य लाभ: शिक्षा और राशन में भी प्राथमिकता दी जाती है।
योजना के नियम और शर्तें
मंत्री रेखा आर्या ने स्पष्ट किया कि लाभार्थी इस योजना से निम्नलिखित स्थितियों में बाहर हो जाते हैं:
- लाभार्थी की आयु 21 वर्ष पूर्ण होने पर।
- बालिका लाभार्थी का विवाह हो जाने पर।
- लाभार्थी के कहीं सेवायोजित (Job) हो जाने पर।
इस अवसर पर विभाग की सीपीओ अंजना गुप्ता और डिप्टी सीपीओ राजीव नयन सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
