देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों के विरोध में आज उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने जोरदार प्रदर्शन किया। महानगर अध्यक्ष प्रवीण रमोला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने द्रोण चौक पर प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया और शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
15 दिनों में 4 हत्याएं: दहला शांत शहर
प्रदर्शन के दौरान महानगर अध्यक्ष प्रवीण रमोला ने सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि देहरादून, जिसे अपनी शांति और सुरक्षित माहौल के लिए जाना जाता था, आज अपराधियों की चरागाह बनता जा रहा है।
"मात्र 15 दिनों के भीतर शहर में चार-चार हत्याओं की घटनाओं ने आम जनमानस के विश्वास को हिलाकर रख दिया है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे दिनदहाड़े वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।" — प्रवीण रमोला, महानगर अध्यक्ष (उक्रांद)
पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न
उक्रांद ने आरोप लगाया कि इन हत्याओं में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। दल के अनुसार, जिन व्यक्तियों की हत्या हुई, उन्होंने पहले ही पुलिस विभाग को अपनी जान के खतरे की सूचना दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया, जिसके परिणामस्वरूप अपराधियों ने बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दिया। यह स्थिति सीधे तौर पर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली और पुलिस की इंटेलिजेंस पर सवाल खड़ा करती है।
"देवभूमि बन रही अपराधियों की भूमि"
दल की केन्द्रीय महामंत्री किरण रावत ने कहा कि केवल देहरादून ही नहीं, बल्कि हल्द्वानी जैसे शहरों में भी एक साथ दो-दो हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जिस उत्तराखंड को हम 'देवभूमि' के नाम से पूजते हैं, वह अब धीरे-धीरे 'अपराध भूमि' में तब्दील हो रही है।
उक्रांद की चेतावनी: होगा जनआंदोलन
उत्तराखंड क्रांति दल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर तत्काल अंकुश नहीं लगाया गया और जनता को सुरक्षा का अहसास नहीं कराया गया, तो संगठन चुप नहीं बैठेगा। दल ने कहा कि वे सड़कों पर उतरकर एक बड़े जनआंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
प्रदर्शन में मौजूद रहे प्रमुख पदाधिकारी
पुतला दहन कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यकर्ता उपस्थित रहे:
- महानगर महामंत्री राजीव नौटियाल
- निशिथ मनराल
- भोला चमोली
- अनूप बिष्ट
- केंद्रीय मीडिया प्रभारी अनिल थपलियाल
- वरिष्ठ नेता रामपाल, अशोक नेगी, और अन्य।