देहरादून डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी: परिसर में मचा हड़कंप, मेल में तमिल टाइगर्स और ISI का जिक्र, STF ने शुरू की जांच


Aapki Media AI


उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब जिला न्यायालय (डिस्ट्रिक्ट कोर्ट) को एक अज्ञात ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें परिसर को धमाके से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। जैसे ही यह धमकी भरा संदेश कोर्ट प्रशासन की नजर में आया, इसकी सूचना तत्काल देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल को दी गई। मामला न्यायपालिका की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और भारी पुलिस बल के साथ कोर्ट परिसर की घेराबंदी कर दी गई। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे परिसर को आनन-फानन में खाली करवाया गया, जिससे वहां मौजूद अधिवक्ताओं और वादकारियों के बीच काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा।


सघन तलाशी और सुरक्षा एजेंसियों का एक्शन

सूचना मिलते ही बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड (BDS) और डॉग स्क्वाड की टीमों को एक्टिव कर दिया गया। पुलिस और सुरक्षा दस्ते ने कोर्ट के चप्पे-चप्पे को घंटों तक खंगाला। सघन तलाशी अभियान के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली, क्योंकि जांच के दौरान परिसर में कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है। हालांकि, इस तरह के मेल ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं और कोर्ट के आसपास की निगरानी पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है।

तमिल टाइगर्स और ISI के जिक्र से बढ़ा संदेह

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू वह ईमेल है, जिसमें 'तमिल टाइगर्स' और 'ISI' जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है। इन संगठनों के नाम आने से पुलिस अब इसके पाकिस्तानी लिंक होने की आशंका से भी इनकार नहीं कर रही है। एसएसपी ने बताया कि शुरुआती जांच में यह किसी शरारती तत्व की हरकत भी हो सकती है, जिसका उद्देश्य केवल शहर में भय और भ्रम का माहौल पैदा करना हो। लेकिन अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों और विदेशी एजेंसियों का नाम मेल में होने के कारण मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और सुरक्षा एजेंसियां हर संभावित एंगल पर बारीकी से काम कर रही हैं।

STF की रडार पर IP एड्रेस और लोकेशन

धमकी भरा मेल कहां से और किसने भेजा, इसका पता लगाने के लिए उत्तराखंड एसटीएफ (STF) की साइबर विंग को काम पर लगा दिया गया है। जांच टीमें उस आईपी एड्रेस (IP Address) और ओरिजिनल लोकेशन को ट्रेस करने में जुटी हैं, जहां से यह मेल जनरेट किया गया था। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बहुत जल्द आरोपी की पहचान कर ली जाएगी। एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। फिलहाल कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर पैनी नजर रखी जा रही है।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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