उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। रायपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों के खिलाफ रायपुर थाने में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा (FIR) दर्ज किया गया है। यह मामला निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा (उत्तराखंड) के कार्यालय में घुसकर मारपीट, जानलेवा हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने से जुड़ा है।
घटना का विवरण: कार्यालय में घुसकर किया गया हमला
प्राप्त जानकारी और FIR की कॉपी के अनुसार, यह घटना 21 फरवरी 2026 की दोपहर लगभग 12:10 बजे की है। ननूरखेड़ा स्थित प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय में निदेशक अजय कुमार नौडियाल अपने कक्ष में विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
शिकायत के अनुसार, माननीय विधायक उमेश शर्मा काऊ बिना किसी पूर्व सूचना के अपने समर्थकों और "अराजक तत्वों" के साथ निदेशक के कक्ष में प्रवेश कर गए। आरोप है कि विधायक ने वहां मौजूद मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और अन्य कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की और उन्हें कक्ष से बाहर निकाल दिया।
कमरे में बंद कर किया गया हमला
FIR में दर्ज विवरण के मुताबिक, विधायक ने अपने साथियों को कमरे का दरवाजा अंदर से बंद करने का आदेश दिया। निदेशक अजय कुमार नौडियाल ने आरोप लगाया है कि उन्हें कमरे में बंधक बनाकर लगातार धमकियां दी गईं। जब निदेशक ने बताया कि मामला शासन स्तर पर लंबित है, तो विधायक और उनके साथी उग्र हो गए।
पुलिस ने इन गंभीर धाराओं में दर्ज किया मुकदमा
रायपुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (B.N.S.S.) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। प्रमुख धाराएं निम्नलिखित हैं:
| क्र.सं. | अधिनियम (Act) | धारा (Section) | विवरण (Description) |
|---|---|---|---|
| 1 | B.N.S. 2023 | 121(1) | लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने हेतु स्वेच्छा से चोट पहुँचाना। |
| 2 | B.N.S. 2023 | 191(2) | बलवा या दंगा करने से संबंधित धारा। |
| 3 | B.N.S. 2023 | 324(3) | गंभीर चोट पहुँचाने या घातक हथियारों का प्रदर्शन। |
| 4 | B.N.S. 2023 | 351(3) | आपराधिक धमकी (जान से मारने की धमकी देना)। |
| 5 | B.N.S. 2023 | 352 | शांति भंग करने के इरादे से किया गया अपमान। |
घायल निदेशक और कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण
घटना के दौरान हुई हाथापाई में निदेशक अजय कुमार नौडियाल के चेहरे और आंख पर गंभीर चोटें आई हैं। बचाव के लिए आए अन्य कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की गई, जिसमें कई कर्मचारी घायल हुए हैं। निदेशालय में फर्नीचर तोड़ा गया और महत्वपूर्ण सरकारी फाइलों को फाड़ दिया गया।
निदेशक ने अपनी तहरीर में स्पष्ट लिखा है कि यदि समय रहते अन्य कर्मचारी दरवाजा न खोलते, तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था। पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण कराकर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप
एक मौजूदा विधायक के खिलाफ दर्ज हुई इस FIR ने उत्तराखंड की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। जहाँ एक तरफ कर्मचारी संगठन इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन पर निष्पक्ष जांच का भारी दबाव है।
मुख्य बिंदु जो जांच के घेरे में हैं:
- क्या विधायक का कार्यालय में प्रवेश पूर्व नियोजित था?
- सरकारी फाइलों को नष्ट करने के पीछे क्या मंशा थी?
- निदेशालय में लगे CCTV फुटेज से क्या साक्ष्य मिलते हैं?
सरकारी अधिकारी पर इस तरह के हमले ने प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रायपुर पुलिस ने FIR संख्या 0080 दर्ज कर ली है और मामले की विवेचना जारी है।
नोट: यह लेख उपलब्ध FIR और प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की सत्यता पुलिस जांच और न्यायालय के फैसले के अधीन है।



