तोताघाटी में मौत का भूस्खलन: पहाड़ी से गिरे मलबे में दबा ट्रक, चालक की दर्दनाक मौत, SDRF ने केबिन काटकर निकाला शव

ऋषिकेश-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) पर देवप्रयाग के समीप सोमवार की सुबह एक बेहद दुखद खबर लेकर आई। तड़के लगभग 03:05 बजे, जब पूरा क्षेत्र गहरी नींद में था, तोताघाटी के पास अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरक कर सड़क पर आ गिरा। इसी दौरान वहां से गुजर रहा एक ट्रक भारी मलबे और विशालकाय पत्थरों की चपेट में आ गया। पत्थरों की मार इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का अगला हिस्सा (केबिन) पूरी तरह पिचक गया। इस भीषण हादसे में ट्रक चला रहे चालक को संभलने तक का मौका नहीं मिला और वह मलबे के साथ ट्रक के भीतर ही दब गया। इस घटना ने एक बार फिर ऑल वेदर रोड के इस संवेदनशील पैच पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।


SDRF ने अंधेरे और पत्थरों के बीच चलाया रेस्क्यू

हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ (SDRF) की टीम उप निरीक्षक सावर सिंह नेगी के नेतृत्व में बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुँची। रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती अंधेरा और पहाड़ी से रह-रहकर गिरते पत्थर थे। जोखिम उठाते हुए जवानों ने हाइड्रोलिक कटर और अन्य उपकरणों की मदद से ट्रक के पिचके हुए केबिन को काटना शुरू किया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे चालक के शव को बाहर निकाला जा सका। मृतक की पहचान 55 वर्षीय मुरारी लाल, निवासी चमोली के रूप में हुई है। एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण ने बताया कि शव को निकालकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है, जिसे अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।


मार्ग बाधित, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

भूस्खलन इतना भारी था कि राष्ट्रीय राजमार्ग दोनों ओर से पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर जमा होने के कारण श्रीनगर और ऋषिकेश के बीच वाहनों का संपर्क टूट गया है। जिला प्रशासन ने जेसीबी मशीनों को तैनात कर मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है, लेकिन पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण कार्य में बाधा आ रही है। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रुकवा दिया है। तोताघाटी का यह हिस्सा अपनी कच्ची पहाड़ियों के लिए बदनाम है और आज की घटना ने यात्रियों के मन में फिर से दहशत भर दी है।

पहाड़ पर सफर करते समय बरतें सावधानी

प्रशासन ने हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों से अपील की है कि वे मौसम और सड़क की स्थिति का जायजा लेकर ही सफर शुरू करें। विशेषकर रात के समय और तड़के पहाड़ी मार्गों पर गाड़ी चलाते समय अत्यधिक सतर्कता बरतें। तोताघाटी जैसे डेंजर जोन में रुकने या धीरे चलने के बजाय सावधानी से निकलना ही बेहतर है। खबर लिखे जाने तक मार्ग खोलने का प्रयास जारी था और पुलिस मृतक चालक के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है।

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