हरिद्वार: कनखल के नूरपुर पंजनहेड़ी गांव में बीते दिनों हुए गोलीकांड ने अब नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर क्रॉस मुकदमा दर्ज किया है। जहाँ पहले अतुल चौहान को गिरफ्तार किया गया था, वहीं अब अतुल की पत्नी की तहरीर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान समेत 6 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज हुआ है। इस मामले में 'अवैध प्लॉटिंग' और 'हाईकोर्ट की सुरक्षा' जैसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
1. अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ जंग या रंजिश?
अतुल चौहान की पत्नी द्वारा दी गई तहरीर में इस पूरे विवाद की जड़ 'अवैध प्लॉटिंग' को बताया गया है।
- हाईकोर्ट की जनहित याचिका: तहरीर के अनुसार, अतुल चौहान लंबे समय से क्षेत्र में बागों की अवैध कटाई और कृषि भूमि पर हो रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उन्होंने इस संबंध में नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) भी दाखिल की थी।
- सुरक्षा का आदेश: अतुल की पत्नी का दावा है कि उनकी जान को खतरे को देखते हुए हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2024 को उन्हें सुरक्षा देने के आदेश भी दिए थे। आरोप है कि भू-माफिया इसी रंजिश के चलते उन्हें निशाना बना रहे थे।
2. 28 जनवरी की वो खूनी सुबह: क्या हुआ था मौके पर?
तहरीर में घटना वाले दिन यानी 28 जनवरी 2026 का पूरा ब्योरा दिया गया है:
- प्रशासनिक पैमाइश: सुबह करीब 10:15 बजे तहसीलदार और प्रशासनिक अधिकारियों ने अतुल को खसरा संख्या 154 और 158 की पैमाइश के लिए बुलाया था।
- जानलेवा हमला: आरोप है कि जैसे ही अतुल और उनका भतीजा कार से मौके पर पहुँचे, वहाँ पहले से लाठी-डंडों और हथियारों से लैस अमित चौहान, सचिन चौहान, कृष्णपाल, शोभित, सहदेव और अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने कार पर हमला किया और फायरिंग भी की।
3. 'आत्मरक्षा' की थ्योरी: क्यों चली गोली?
अतुल की पत्नी ने पुलिस को बताया कि अतुल ने किसी की जान लेने के लिए नहीं, बल्कि 'आत्मरक्षा' (Self-Defense) में गोली चलाई थी।
"अतुल ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से जमीन की ओर फायर किया ताकि हमलावर पीछे हट जाएं और उनकी जान बच सके। यदि वे फायर न करते तो हमलावर उनकी हत्या कर देते।"
घटना के तुरंत बाद अतुल चौहान ने खुद कनखल थाने जाकर आत्मसमर्पण किया और अपनी लाइसेंसी पिस्टल पुलिस को सौंप दी थी।
4. मातृ सदन के संत का नाम आने से मचा बवाल
इस मामले में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान की तहरीर पर पुलिस ने मातृ सदन के संत ब्रह्मचारी सुधानंद के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया।
- संत का पक्ष: ब्रह्मचारी सुधानंद ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने इस पूरी घटना के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने भी थाने में शिकायत दी थी, जिस पर पुलिस फिलहाल जांच की बात कह रही है।
5. पुलिस का क्या कहना है?
हरिद्वार के एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
- जांच जारी: पुलिस घटना के समय मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है।
- फरार आरोपियों की तलाश: मामले में जो भी आरोपी फिलहाल फरार हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।