एंजेल चकमा हत्याकांड: मुख्य आरोपी के 'ब्लू कॉर्नर नोटिस' पर CBI की आपत्ति; पुलिस से मांगी 1600 शब्दों की विस्तृत रिपोर्ट


Aapki Media AI


देहरादून (सेलाकुई), 23 मार्च 2026: देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र के चर्चित एंजेल चकमा हत्याकांड में फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की राह में तकनीकी अड़चनें सामने आई हैं। मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी के खिलाफ 'ब्लू कॉर्नर नोटिस' जारी करने की प्रक्रिया पर केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने भारतपोल पोर्टल के माध्यम से कुछ आपत्तियां दर्ज की हैं और पुलिस से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।

CBI की 3 प्रमुख आपत्तियां: 1600 शब्दों का जवाब अनिवार्य

CBI ने इंटरपोल की प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए पुलिस से करीब 1600 शब्दों की एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें निम्नलिखित बिंदुओं पर स्पष्टता अनिवार्य है:

  1. व्यक्तिगत भूमिका: हत्याकांड में फरार आरोपी की सटीक और व्यक्तिगत भूमिका क्या थी?
  2. अपराध की मंशा: हमले के दौरान आरोपी का मुख्य उद्देश्य (Motive) क्या था?
  3. पंजीकरण विवरण: घटना के समय, एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया और कानूनी धाराओं के परिवर्तन (धारा 307 से 302) का पूरा ब्यौरा।

क्या था पूरा मामला? (9 दिसंबर 2025 - 26 दिसंबर 2025)

तिथिघटना का विवरण
09 दिसंबर 2025सेलाकुई में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प। एंजेल और उनके भाई माइकल चकमा पर हमला।
हमले का स्वरूपहमलावरों ने धारदार हथियार से एंजेल की गर्दन पर गहरा वार किया।
26 दिसंबर 2025इलाज के दौरान देहरादून के निजी अस्पताल में एंजेल चकमा की मृत्यु।
कानूनी मोड़पुलिस ने 'हत्या के प्रयास' (307) के केस को 'हत्या' (302) में तब्दील किया।

मुख्य आरोपी नेपाल फरार: पुलिस की अब तक की कार्रवाई

इस मामले में कुल छह आरोपी नामजद थे। पुलिस की जांच अब तक की स्थिति इस प्रकार है:

  • गिरफ्तारी: पुलिस ने दो नाबालिगों समेत 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी है।
  • फरार मास्टरमाइंड: मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी घटना के तुरंत बाद सीमा पार कर नेपाल भाग गया।
  • चुनौती: घटना को तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और कागजी औपचारिकताओं के कारण गिरफ्तारी रुकी हुई है।

पुलिस की आगामी रणनीति: रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी

सीओ प्रेमनगर, विवेक कुटियाल के अनुसार, पुलिस प्रशासन CBI द्वारा उठाए गए सभी सवालों के जवाब तैयार कर रहा है।

  • भारतपोल अपडेट: जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
  • रेड कॉर्नर नोटिस: ब्लू कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया पूरी होते ही पुलिस 'रेड कॉर्नर नोटिस' के लिए आवेदन करेगी, ताकि इंटरपोल के माध्यम से नेपाल पुलिस पर आरोपी को प्रत्यर्पित (Extradite) करने का दबाव बनाया जा सके।

न्याय की प्रतीक्षा

एंजेल चकमा के परिवार और स्थानीय समाज में इस देरी को लेकर चिंता है। हालांकि, CBI का हस्तक्षेप यह दर्शाता है कि मामला अब केवल स्थानीय स्तर का नहीं रहा। अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल पूरे होते ही आरोपी की घेराबंदी तेज होने की उम्मीद है।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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