देहरादून, 25 मार्च 2026: उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 'फुल कैबिनेट' की पहली महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। सचिवालय में आयोजित इस बैठक में सरकार ने 16 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन फैसलों का सीधा असर युवाओं, सरकारी कर्मचारियों, किसानों और प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर पड़ने वाला है।
धामी कैबिनेट मार्च 2026: मुख्य फैसलों का सारांश
| क्षेत्र (Sector) | प्रमुख फैसला (Major Decision) | लाभार्थी (Beneficiaries) |
| रोजगार (Police) | आयु सीमा पार कर चुके युवाओं को भर्ती में दोबारा मौका | पुलिस, PAC, अग्निशमन अभ्यर्थी |
| ऊर्जा (Energy) | बिजली सब्सिडी वसूली एक्ट को मंजूरी | आम जनता और विभाग |
| कर्मचारी कल्याण | ई-व्हीकल हेतु ₹10 लाख तक का सॉफ्ट लोन | न्यायिक कर्मचारी |
| कृषि (Agriculture) | 2.2 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न खरीद का लक्ष्य | प्रदेश के किसान |
| स्वरोजगार | अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को 5% अतिरिक्त सब्सिडी | युवा उद्यमी |
1. युवाओं को बड़ी सौगात: पुलिस भर्ती में आयु सीमा में रियायत
युवाओं के लिए सबसे बड़ी खबर कार्मिक विभाग से आई है। कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि:
- सिपाही और उप निरीक्षक (SI) भर्ती में जो अभ्यर्थी आयु सीमा पार (Overage) कर चुके हैं, उन्हें एक और मौका दिया जाएगा।
- यह छूट पुलिस, पीएसी (PAC) और अग्निशमन विभाग के पदों पर लागू होगी। इससे हजारों बेरोजगार युवाओं के चेहरों पर खुशी लौट आई है।
2. बिजली सब्सिडी पर सख्त कानून: 'सब्सिडी वसूली एक्ट'
ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए कैबिनेट ने बिजली सब्सिडी वसूली एक्ट को मंजूरी दी है।
- उद्देश्य: फ्री बिजली योजना में पारदर्शिता लाना और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना।
- सरकार अब बिजली सब्सिडी के आर्थिक भार और वितरण को इस नए कानून के दायरे में लाएगी, जिससे विभाग के राजस्व घाटे को कम किया जा सके।
3. न्यायिक कर्मचारियों के लिए ई-व्हीकल और सॉफ्ट लोन
पर्यावरण संरक्षण और कर्मचारी कल्याण को जोड़ते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है:
- न्यायिक कर्मचारियों को ई-व्हीकल (Electric Vehicle) खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
- इसके लिए ₹10 लाख तक का सॉफ्ट लोन नाममात्र (Nominal) ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही ब्याज में विशेष छूट का प्रावधान भी किया गया है।
4. स्वरोजगार में 'अग्निवीरों' और 'पूर्व सैनिकों' को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को और अधिक प्रभावी बनाते हुए कैबिनेट ने बदलाव किए हैं:
- योजना में 10% का विशेष लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को स्वरोजगार अपनाने पर 5% अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। यह कदम सेवानिवृत्त सैनिकों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने में मददगार होगा।
5. प्रशासनिक और ढांचागत सुधार
- PWD: लोक निर्माण विभाग में अब ₹1 करोड़ से ऊपर के कार्यों के लिए विशेषज्ञ कंसल्टेंसी को अनिवार्य रूप से मंजूरी दी गई है ताकि कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे।
- वन विभाग: प्रशासनिक पदों के लिए सेवा अवधि को 25 साल से घटाकर 22 साल कर दिया गया है, जिससे पदोन्नति के रास्ते साफ होंगे।
- सेतु आयोग: नियोजन विभाग के तहत बहुप्रतीक्षित सेतु आयोग (SETU Commission) के गठन को हरी झंडी मिल गई है।
6. गृह विभाग: नई नियमावली और विशेषज्ञों की नियुक्ति
देश में भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू होने के बाद उत्पन्न हुई तकनीकी जरूरतों को देखते हुए:
- कैबिनेट ने गृह विभाग में विशेषज्ञों की नियुक्ति को मंजूरी दी है।
- उत्तराखंड होमगार्ड के लिए नई नियमावली 2025 को पास कर दिया गया है, जिससे उनकी सेवा शर्तों में सुधार होगा।
7. कृषि और शिक्षा क्षेत्र के फैसले
- खाद्यान्न खरीद: राज्य में इस वर्ष 2.2 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न खरीद का लक्ष्य रखा गया है। गेहूं और धान की खरीद पर केंद्र के समान मंडी शुल्क देने का फैसला लिया गया है।
- शिक्षा: माध्यमिक शिक्षा के तहत एडेड (Aided) स्कूलों की समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष उपसमिति बनाई जाएगी।
विकास और रोजगार पर 'धामी सरकार' का फोकस
कैबिनेट की इस पहली बैठक से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि सरकार का फोकस युवाओं को रोजगार, सरकारी ढांचे में सुधार और पर्यावरण अनुकूल नीतियों पर है। पुलिस भर्ती में उम्र की छूट और स्वरोजगार में अग्निवीरों को प्राथमिकता देना सरकार के 'प्रो-यूथ' (Pro-Youth) विजन को दर्शाता है।
