देहरादून में 108 एम्बुलेंस का 'सिस्टम' फेल: बीच सड़क पर हांफने लगी गाड़ी; पुलिसकर्मियों ने पेश की मिसाल, अपनी गाड़ी से मरीज को पहुँचाया अस्पताल!


Aapki Media AI


देहरादून, 26 मार्च 2026: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा 108 एम्बुलेंस एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बीते दिन एक गंभीर मरीज को अस्पताल ले जा रही एम्बुलेंस अचानक बीच रास्ते में तकनीकी खराबी के कारण खड़ी हो गई। जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे मरीज के लिए जब एम्बुलेंस दगा दे गई, तब मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने अपनी तत्परता से उसकी जान बचाई।


इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और 108 सेवा की फिटनेस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

घटनाक्रम: जब 'लाइफ सपोर्ट' ही बन गया खतरा

विवरण (Event Detail)जानकारी (Quick Info)
मामलाआपातकालीन स्थिति में 108 एम्बुलेंस का खराब होना।
पुलिस की भूमिकापुलिस वाहन से मरीज को तत्काल अस्पताल शिफ्ट किया गया।
प्रशासनिक एक्शनसीएमओ देहरादून ने 108 जिला प्रबंधक से माँगा जवाब।
मुख्य समस्याएम्बुलेंस के पुराने बेड़े और फिटनेस की कमी।

1. समय की कीमत को समझा

जिस समय एम्बुलेंस खराब हुई, मरीज की स्थिति काफी नाजुक थी। एम्बुलेंस चालक ने बैकअप गाड़ी बुलाई, जिसे पहुँचने में 7 से 8 मिनट का समय लग रहा था।

मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय अपनी सरकारी गाड़ी को ही एम्बुलेंस बना लिया। बिना समय गंवाए मरीज को पुलिस वाहन में शिफ्ट किया गया और सायरन बजाते हुए अस्पताल पहुँचाया गया, जिससे उसे समय पर इलाज मिल सका।

2. स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप: सीएमओ ने माँगा जवाब

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने तुरंत संज्ञान लिया है।

  • जवाब तलब: सीएमओ ने 108 सेवा के जिला प्रबंधक से पूछा है कि अगर गाड़ी पूरी तरह ठीक थी, तो वह अचानक बीच रास्ते में कैसे बंद हो गई?
  • प्रबंधक का पक्ष: जिला प्रबंधक के अनुसार, गाड़ी रवानगी के समय सही थी, लेकिन अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण यह स्थिति पैदा हुई। हालांकि बैकअप का इंतजाम किया गया था, लेकिन पुलिस ने पहले ही मरीज को शिफ्ट कर दिया।

3. बेड़े को अपग्रेड करने की सख्त जरूरत

इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि देहरादून जैसे महत्वपूर्ण जिले में एम्बुलेंस का बेड़ा पुराना हो चुका है और उसे तुरंत अपग्रेड करने की आवश्यकता है।

  • नया निर्देश: सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी 108 एम्बुलेंस की रेगुलर फिटनेस जांच अनिवार्य की जाए।
  • बाइट सारांश: "हमने प्रबंधक से जवाब माँगा है। आपातकालीन सेवाओं में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले की एम्बुलेंस सेवा को आधुनिक बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।"डॉ. मनोज कुमार शर्मा, सीएमओ देहरादून।

कागजों पर 'फिट', सड़क पर 'अनफिट'

108 एम्बुलेंस सेवा उत्तराखंड की रीढ़ मानी जाती है, लेकिन आए दिन गाड़ियों के खराब होने की खबरें इसकी साख पर बट्टा लगा रही हैं। अगर राजधानी के दिल में एम्बुलेंस दगा दे रही है, तो पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों में स्थिति की कल्पना करना भी डरावना है।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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