देहरादून में आपदा का 'अलर्ट': एक साथ 5 स्थानों पर भूकंप, बम ब्लास्ट और बाढ़ की सूचना, डीएम सविन बंसल ने संभाला मोर्चा (मॉक ड्रिल)


Aapki Media AI


देहरादून: बुधवार, 18 मार्च 2026 की सुबह देहरादून जनपद में उस समय हड़कंप मच गया जब जिला आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम को एक के बाद एक पांच बड़ी आपदाओं की सूचना प्राप्त हुई। हालांकि, यह वास्तविक आपदा नहीं, बल्कि जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में आयोजित एक 'मेगा मॉक ड्रिल' थी, जिसका उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की प्रतिक्रिया समय (Response Time) और समन्वय को परखना था।


मॉक ड्रिल का घटनाक्रम: एक नज़र में

समयघटना का स्थानआपदा का स्वरूपवर्तमान स्थिति
09:45 AMहर्बटपुर (विकासनगर)भीषण भूकंपराहत एवं बचाव कार्य जारी
10:00 AMट्रांजिट कैंप, ऋषिकेशबम ब्लास्ट (धमाका)सुरक्षा घेरा और रेस्क्यू जारी
10:15 AMत्रिवेणी घाट, ऋषिकेशबाढ़ (जलस्तर वृद्धि)जल पुलिस द्वारा रेस्क्यू
10:30 AMमसूरी हाईवे (NH)भूस्खलन व वाहन दुर्घटनामलबे से रेस्क्यू कार्य
10:45 AMलालढांग पुल (कालसी)गंभीर वाहन दुर्घटनाSDRF और पुलिस तैनात

IRS सक्रिय: कंट्रोल रूम से जिलाधिकारी की पैनी नजर

सुबह करीब 9:45 बजे जैसे ही पहली सूचना प्राप्त हुई, जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (IRS) को सक्रिय कर दिया। जनपद के सभी संबंधित अधिकारी आपदा कंट्रोल रूम में एकत्रित हुए और वायरलेस व सैटेलाइट फोन के माध्यम से घटनास्थलों पर तैनात कार्मिकों के साथ समन्वय स्थापित किया।

प्रमुख घटनास्थलों का विवरण:

  1. विकासनगर (भूकंप): हर्बटपुर क्षेत्र में भूकंप से ढही इमारतों के मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए कटर और खोजी कुत्तों (Dog Squad) की मदद ली गई।
  2. ऋषिकेश (बम ब्लास्ट): चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में हुए कृत्रिम बम धमाके के बाद बम निरोधक दस्ते (BDDS) और मेडिकल टीम ने मोर्चा संभाला।
  3. ऋषिकेश (बाढ़): गंगा के जलस्तर में अचानक वृद्धि की सूचना पर त्रिवेणी घाट को खाली कराया गया और जल में फंसे लोगों को नावों के जरिए बाहर निकाला गया।
  4. मसूरी (भूस्खलन): अतिवृष्टि के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए लैंडस्लाइड में फंसी गाड़ियों और घायलों को निकालने का अभ्यास किया गया।
  5. कालसी (सड़क दुर्घटना): लालढांग पुल के समीप खाई में गिरी बस/वाहन से घायलों को निकालने के लिए वर्टिकल रेस्क्यू (रस्सी के जरिए) का प्रदर्शन किया गया।

तैयारियों का परीक्षण: क्यों जरूरी है यह ड्रिल?

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि देहरादून एक भूकंपीय संवेदनशील क्षेत्र (Zone 4 & 5) है। इसके साथ ही चारधाम यात्रा का मुख्य द्वार होने के कारण यहाँ सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की चुनौतियां बड़ी हैं। इस मॉक ड्रिल के माध्यम से:

  • कमियों की पहचान: विभिन्न विभागों (पुलिस, स्वास्थ्य, SDRF, फायर ब्रिगेड) के बीच समन्वय की कमियों को पहचाना गया।
  • संसाधनों की जांच: आपदा उपकरणों की कार्यक्षमता और एम्बुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम को नोट किया गया।
  • अधिकारियों की जवाबदेही: आईआरएस (IRS) के तहत प्रत्येक अधिकारी को दी गई जिम्मेदारी का मूल्यांकन किया गया।

जनता से अपील

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक अभ्यास (मॉक ड्रिल) है, इसलिए नागरिक किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक न हों। यह अभ्यास भविष्य में आने वाली किसी भी वास्तविक चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन को और अधिक मजबूत बनाएगा।

सुरक्षित देहरादून की ओर कदम

मॉक ड्रिल के दौरान जनपद की स्वास्थ्य सेवाएं, एम्बुलेंस और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद नजर आए। शाम को आयोजित होने वाली समीक्षा बैठक में इस ड्रिल के परिणामों पर चर्चा की जाएगी।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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